Union Budget 2026: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 1 फरवरी 2026 को वित्त वर्ष 2026-27 के लिए केंद्रीय बजट पेश किया गया। निर्मला सीतारमण की तरफ से रविवार को पेश किए गए लगातार 9वीं बार बजट में कई अहम ऐलान किए गए हैं। इस केंद्रीय बजट 2026 में सरकार ने एक तरफ़ मैन्युफैक्चरिंग, एक्सपोर्ट और ग्रीन एनर्जी को राहत दी है, तो दूसरी तरफ शेयर बाज़ार से जुड़े निवेश और कुछ गतिविधियों को महंगा किया है।
केंद्रीय बजट 2026-27 में सीमा शुल्क (Customs Duty) में बदलाव के कारण कई घरेलू और व्यक्तिगत उपयोग की वस्तुएं सस्ती हुई हैं, जबकि सिगरेट और स्टॉक ट्रेडिंग जैसी गतिविधियों पर बोझ बढ़ा है। सरकार ने कैंसर के इलाज में इस्तेमाल होने वाली 17 दवाओं पर बेसिक कस्टम ड्यूटी हटा दी है, जिससे भारतीय बाज़ार में ये दवाएं सस्ती हो जाएंगी। इसके अलावा, 7 दुर्लभ बीमारियों के इलाज के लिए विदेश से मंगवाई जाने वाली दवाओं पर भी सरकार ने ड्यूटी हटा दी है। (Union Budget 2026)
सरकार ने दावा किया है कि यह बजट विकसित भारत 2047 के लक्ष्य की तरफ बढ़ने में काफी अहम साबित होगा। भारत अमेरिका की तरफ़ से लगाए गए 50 फ़ीसदी टैरिफ़ का सामना कर रहा है और साथ ही वैश्विक अनिश्चितता की स्थिति बनी हुई है। इसे देखते हुए इस बजट पर लोगों की ख़ास निगाह थी।
Union Budget 2026 में क्या सस्ता हुआ और क्या महंगा
कैंसर का इलाज हुआ सस्ता
केंद्र सरकार ने इस बजट के ज़रिए कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीज़ों और उनके परिवारों पर इलाज के ख़र्च के बोझ को कुछ कम करने की कोशिश की है। कैंसर के इलाज में इस्तेमाल होने वाली 17 दवाओं पर बेसिक कस्टम ड्यूटी खत्म कर दी गई है।

इसके अलावा, 7 दुर्लभ बीमारियों की दवाओं को भी कर मुक्त किया गया है। इलाज के लिए महंगी दवाइयों पर निर्भर लोगों को आर्थिक मदद मिलेगी। शुगर के मरीजों को भी राहत मिली है, शुगर की कुछ दवाओं को भी सस्ता कर दिया गया है। (Union Budget 2026)
घरेलू मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपोर्ट पर राहत
माइक्रोवेव ओवन- डोमेस्टिक मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को आगे बढ़ाने के लिए इस बजट में इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में कुछ बदलाव लाए गए हैं। माइक्रोवेव ओवन के पार्ट्स पर कस्टम ड्यूटी घटाई गई है। इससे माइक्रोवेव मार्केट में बहुत जल्द सस्ता मिलने वाला है।
सोलर पैनल और ईवी बैटरी- सरकार ने बिजली से चलने वाली गाड़ियों, सोलर पैनल और ग्रीन एनर्जी उत्पादन पर भी टैक्स कम करने का प्रयास किया है। लिथियम बैटरी बनाने वाली मशीनों पर मिलने वाली टैक्स छूट को बढ़ाया गया है। (Union Budget 2026)

सोलर पैनल बनाने में इस्तेमाल होने वाले सोलर ग्लास के कच्चे माल सोडियम एंटीमोनेट पर भी ड्यूटी हटा दी गई है। इससे इलेक्ट्रिक व्हीकल, सोलर एनर्जी और बैटरी सेक्टर में उत्पादन लागत घट सकती है। हालांकि ये फ़ायदा ग्राहकों तक पहुंचेगा या नहीं, ये फ़ैसला कंपनियां लेंगी।
जूते-कपड़े- एक्सपोर्ट इंडस्ट्री को बूस्ट करने के लिए टेक्सटाइल और लेदर सेक्टर, सी प्रोडक्ट से भी ड्यूटी हटी हैं। अब ड्यूटी फ्री इंपोर्ट लिमिट 1 से बढ़कर 3 फीसदी हुई। (Union Budget 2026)

पर्सनल इम्पोर्ट और विदेश खर्च पर भी राहत- विदेश से व्यक्तिगत उपयोग के लिए मंगाई जाने वाली वस्तुओं (कपड़े, गैजेट्स आदि) पर कस्टम ड्यूटी 20% से घटाकर 10% कर दी गई है। यानी विदेश से मंगवाए जाने वाले इलेक्ट्रॉनिक्स या गिफ्ट आइटम अब पहले से सस्ते पड़ सकते हैं। विदेशी टूर पैकेज पर लगने वाला TCS (Tax Collected at Source) 20% से घटाकर 2% कर दिया गया है। इसी तरह, विदेश में पढ़ाई और चिकित्सा के लिए भी दर 5% से घटाकर 2% कर दी गई है। (Union Budget 2026)
एयरक्राफ्ट- इस बजट में सिविल एविशियन पर भी खास ध्यान दिया गया। एयरक्राफ्ट के इस्तेमाल में आने वाले कल-पुर्जों से ड्यूटी हट गई है। वहीं, डिफेंस सेक्टर में मेंटेनेंस और रिपेयरिंग के कच्चे माल पर भी कोई टैक्स नहीं देना पड़ेगा।
क्या महंगा हुआ? (Costlier Items)
राजस्व बढ़ाने और विलासिता की वस्तुओं को नियंत्रित करने के लिए कुछ क्षेत्रों में शुल्क बढ़ाया गया है।
सिगरेट और तंबाकू- सिगरेट पर लगने वाले NCCD (National Calamity Contingent Duty) को 25% से बढ़ाकर 60% कर दिया गया है, जिससे सिगरेट काफी महंगी हो सकती है। (Union Budget 2026)
शेयर बाजार ट्रेडिंग- फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (F&O) ट्रेडिंग पर सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) बढ़ाया गया है। फ्यूचर्स पर यह 0.02% से 0.05% और ऑप्शंस पर 0.1% से 0.15% किया गया है।
विलासिता की वस्तुएं- आयातित विदेशी शराब और प्रीमियम घड़ियों पर लगने वाले करों को तर्कसंगत बनाया गया है, जिससे इनकी कीमतें बढ़ेंगी। (Union Budget 2026)
इंडस्ट्रियल इनपुट- कोयला, लोहा और अन्य खनिजों पर निर्यात/नियामक शुल्क बढ़ने से बिजली और निर्माण लागत प्रभावित हो सकती है।
रसोई गैस- 1 फरवरी से कमर्शियल एलपीजी (19 किलो) सिलेंडर की कीमत में 49 रुपये की बढ़ोतरी की गई है। इसके अलावा, आयातित छतरियां, कॉफी मशीनें और ई-रीडर्स (Kindle आदि) के पुर्जे महंगे हुए हैं।
आयकर राहत- टैक्स स्लैब में कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ है, लेकिन नया आयकर कानून 1 अप्रैल से लागू होगा जो नियमों को सरल बनाएगा। (Union Budget 2026)









