AAP MP Sanjay Singh Slams BJP: आम आदमी पार्टी (आप) के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने सोमवार को राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर ‘धन्यवाद प्रस्ताव’ पर चर्चा के दौरान मोदी सरकार की तीखी आलोचना की। उन्होंने कहा कि भाजपा ने समुदायों को एक-दूसरे के खिलाफ भड़काकर और अपनी नीतियों के माध्यम से जानबूझकर सामाजिक विभाजन को गहरा करके भारतीय समाज को व्यवस्थित रूप से खंडित किया है।
संजय सिंह की राज्यसभा में मोदी सरकार पर कड़ी टिप्पणी (AAP MP Sanjay Singh Slams BJP)
राज्यसभा में बोलते हुए आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने कहा कि सदन में बार-बार ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ का नारा लगाया जाता है। सरकार और प्रधानमंत्री विभिन्न मंचों से इस नारे को दोहराते रहते हैं, लेकिन आज देश के भीतर जो हो रहा है वह बेहद चिंताजनक है और इस नारे के पीछे की सच्चाई बयां करता है। जिस दिन पूरा देश राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पुण्यतिथि मना रहा था, उसी दिन गांधीजी के पुराने वीडियो और भाषण सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहे थे।
आप सांसद ने कहा कि उसी समय, अदालत में बैठे और हंसते हुए उनके हत्यारों की तस्वीरें भी वायरल हो रही थीं। यह उस दौर की तस्वीर थी जिसमें नाथूराम गोडसे और उसके साथी मौजूद थे। उनके चेहरों पर पश्चाताप का कोई भाव नहीं था, बल्कि वे हंस रहे थे।
संजय सिंह ने कहा कि सत्ताधारी पक्ष अक्सर दावा करता है कि महात्मा गांधी की हत्या से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) का कोई लेना-देना नहीं था और उन्होंने जोर देकर कहा कि यदि यह दावा सच है, तो देश को उस विचारधारा को खत्म करने का संकल्प लेना चाहिए जिसने गांधीजी की हत्या की। (AAP MP Sanjay Singh Slams BJP)
संजय सिंह ने आगे कहा कि अगर यह सच है कि गांधीजी की हत्या में आरएसएस का कोई हाथ नहीं था, तो आइए हम सब मिलकर उस विचारधारा को खत्म करने का संकल्प लें जिसने गांधीजी की जान ली। हमें उस विचार को जड़ से मिटाना होगा जिसने हमारे राष्ट्रपिता, अहिंसा के दूत को हमसे छीन लिया। दुर्भाग्य से, आज देश में ऐसा नहीं हो रहा है। बल्कि, उस विचारधारा को और भी बढ़ावा दिया जा रहा है।

धार्मिक असहिष्णुता की बढ़ती घटनाएं
धार्मिक असहिष्णुता की बढ़ती घटनाओं का जिक्र करते हुए संजय सिंह ने उत्तर प्रदेश की घटनाओं का हवाला देते हुए कहा कि हाल ही में बरेली में एक चर्च के बाहर हंगामा हुआ और वहां हनुमान चालीसा का पाठ किया गया।
लखनऊ में भी ऐसी ही घटना दोहराई गई, जहां एक चर्च को निशाना बनाया गया और उसके बाहर हनुमान चालीसा पढ़ी गई। मैं पूछना चाहता हूं कि क्या बजरंगबली ने कभी किसी को चर्च जाकर हनुमान चालीसा पढ़ने के लिए कहा था? क्या मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम ने कभी किसी मस्जिद के बाहर रामचरितमानस पढ़ने का आदेश दिया था? (AAP MP Sanjay Singh Slams BJP)
आप नेता ने आगे कहा कि अगर कोई हनुमान चालीसा का पाठ करना चाहता है, तो उसे हनुमान मंदिर जाना चाहिए। अगर कोई रामचरितमानस पढ़ना चाहता है, तो उसे राम मंदिर जाकर श्रद्धापूर्वक पढ़ना चाहिए और अपने और देश के लिए आशीर्वाद मांगना चाहिए। धर्म की आड़ में देश को बांटने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। अगर मंदिरों, मस्जिदों और तीर्थस्थलों के प्रति आसक्ति के कारण देश ही नष्ट हो जाए, तो बांटने के लिए बचेगा क्या? यह धार्मिक नशा कब तक चलता रहेगा? सरकार और उससे जुड़े संगठन देश के सामाजिक ताने-बाने को तोड़ने का काम कर रहे हैं।
संजय सिंह ने जबलपुर में हुई एक बेहद शर्मनाक घटना का जिक्र किया। उन्होंने पूछा कि 25 दिसंबर, क्रिसमस से पहले जबलपुर में भाजपा की एक महिला नेता जबरन एक चर्च में घुस गईं। उन्होंने वहां मौजूद एक दृष्टिहीन महिला के साथ मारपीट और दुर्व्यवहार किया। इतना ही नहीं, उन्होंने वहां बैठी एक मासूम बच्ची से कहा कि तुम यहां गलत काम करवाने आती हो। क्या भाजपा इसी तरह का समाज बनाना चाहती है? क्या यही वो नया भारत है जिसकी कल्पना की जा रही है? (AAP MP Sanjay Singh Slams BJP)
‘भारत की छवि पूरी दुनिया में हो रही धूमिल’
आम आदमी पार्टी के सांसद ने कहा कि ऐसी घटनाएं वैश्विक स्तर पर भारत की छवि को नुकसान पहुंचा रही हैं। उन्होंने कहा कि इन घटनाओं के कारण भारत की छवि पूरी दुनिया में धूमिल हो रही है। ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड, अमेरिका, न्यूजीलैंड और अन्य देशों में रहने वाले भारतीयों को बेहद शर्मिंदगी महसूस हो रही होगी। जब दुनिया देखती है कि भारत में लोगों को अपने धर्म के अनुसार पूजा-अर्चना करने की अनुमति नहीं दी जा रही है, तो विश्वगुरु होने का दावा बेनकाब हो जाता है। इसलिए, सबसे पहले नफरत की राजनीति को खत्म करना होगा। (AAP MP Sanjay Singh Slams BJP)
भारतीय समाज में बढ़ती नफरत
संजय सिंह ने कहा कि सरकार की नफरत से भरी राजनीति की कोई सीमा नहीं रह गई है। उन्होंने कहा कि पहले हिंदुओं को मुसलमानों से लड़ाया गया, फिर हिंदुओं को सिखों के खिलाफ खड़ा किया गया, फिर हिंदुओं को ईसाइयों के खिलाफ। अब यह विभाजन हिंदुओं के भीतर ही फैलाया जा रहा है। जाटों को गैर-जाटों के खिलाफ, मराठों को गैर-मराठों के खिलाफ और दलितों और पिछड़े वर्गों को तथाकथित उच्च जातियों के खिलाफ खड़ा किया जा रहा है।
दलित और पिछड़े वर्गों की अनदेखी
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग से संबंधित एक विधेयक का मुद्दा उठाते हुए संजय सिंह ने कहा कि सरकार एक विधेयक लेकर आई जिस पर सर्वोच्च न्यायालय ने रोक लगा दी। सर्वोच्च न्यायालय ने स्पष्ट रूप से कहा कि विधेयक अस्पष्ट है। समानता समिति के गठन के नाम पर सरकार ने एक ऐसा प्रावधान लाया जिससे पूरे देश में संघर्ष का माहौल बन गया। भाजपा कभी भी दलितों, पिछड़े वर्गों और आदिवासियों की हितैषी नहीं रही है। पिछले 100 वर्षों में एक भी आरएसएस प्रमुख दलित, पिछड़े या आदिवासी समाज से नहीं आया है। यही उनकी वास्तविकता है। (AAP MP Sanjay Singh Slams BJP)
उच्च शिक्षा से संबंधित आंकड़े सदन के समक्ष रखते हुए उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों में दलित, पिछड़े और आदिवासी वर्गों के लिए आरक्षित प्रोफेसरों और सहायक प्रोफेसरों के 80 प्रतिशत से अधिक पद रिक्त पड़े हैं। देश में 45 केंद्रीय विश्वविद्यालय हैं, और उनमें से 38 में कुलपति केवल उच्च जातियों से हैं।
उन्होंने कहा कि जब कुलपतियों की नियुक्ति सरकार के हाथ में है, तो दलितों और पिछड़े वर्गों को प्रतिनिधित्व क्यों नहीं मिल रहा है? क्या इसका मतलब यह है कि दलित, पिछड़े वर्ग और आदिवासी कुलपति बनने के योग्य नहीं हैं? इन वर्गों के उम्मीदवारों को अक्सर ‘उपयुक्त नहीं पाया गया’ की श्रेणी में रखकर खारिज कर दिया जाता है, जो सरकार की मानसिकता को दर्शाता है।
न्यायपालिका की स्वतंत्रता: क्या सत्ता का दखल बढ़ रहा है?
संजय सिंह ने न्यायपालिका में प्रतिनिधित्व का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय और देश के 25 उच्च न्यायालयों में न्यायिक नियुक्तियों में दलितों, पिछड़े वर्गों और आदिवासियों की भागीदारी नगण्य है। सरकार को आंकड़ों पर गौर करना चाहिए, सच्चाई सामने आ जाएगी। जब भी इन वर्गों के लिए न्याय का सवाल उठता है, सरकार न्याय देने के बजाय नाटकबाजी करती है और केवल उनके शुभचिंतक होने का दिखावा करती है। (AAP MP Sanjay Singh Slams BJP)
संजय सिंह ने कहा कि अगर सरकार की मंशा नेक होती तो हर विश्वविद्यालय में दो समितियां गठित की जानी चाहिए थीं। एक समिति जाति आधारित भेदभाव की विशेष रूप से जांच करे और दूसरी समिति भाषा, लिंग या किसी अन्य आधार पर होने वाले भेदभाव की निगरानी करे। अगर ऐसा किया गया होता तो कोई विवाद ही नहीं होता। लेकिन सरकार ने जानबूझकर ऐसा माहौल बनाया जिससे समाज में संघर्ष फैल गया।
वाराणसी में मंदिरों के विध्वंस का मुद्दा उठाया
इसके बाद उन्होंने वाराणसी में मंदिरों के विध्वंस का मुद्दा उठाया और कहा कि हाल ही में मैं मिर्जापुर से काशी तक पदयात्रा कर रहा था। उस दौरान मंदिरों के विध्वंस और मणिकर्णिका घाट को नुकसान पहुंचाने की घटनाएं सामने आईं। काशी कॉरिडोर के नाम पर प्राचीन मणिकर्णिका घाट को क्षतिग्रस्त किया गया और माता अहिल्याबाई होलकर की प्रतिमा तोड़ दी गई। (AAP MP Sanjay Singh Slams BJP)
उन्होंने आगे कहा कि जब मैंने इन घटनाओं के वीडियो ट्वीट किए, तो तोड़फोड़ करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय, सरकार ने मेरे खिलाफ मामला दर्ज कर लिया। वरिष्ठ भाजपा नेता सुमित्रा महाजन ने खुद कहा कि माता अहिल्याबाई होलकर की प्रतिमा तोड़ी गई थी। उत्तर प्रदेश के मंत्री रविंद्र जायसवाल ने भी स्वीकार किया कि मणिकर्णिका घाट और मंदिर तोड़े गए थे। इसके बावजूद, दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय, आवाज उठाने वाले सांसद के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई।
आप नेता ने कहा कि मैं मांग करता हूं कि सरकार भाजपा संसदीय दल के तीन सदस्यीय समिति का गठन करे और उसे काशी भेजे। समिति को यह दिखाना चाहिए कि माता अहिल्याबाई होलकर की प्रतिमा कहां सुरक्षित है और यह साबित करना चाहिए कि मणिकर्णिका घाट नहीं तोड़ा गया था। (AAP MP Sanjay Singh Slams BJP)
प्रयागराज के माघ मेले में हुई घटना का जिक्र
संजय सिंह ने प्रयागराज के माघ मेले में हुई घटना का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि प्रयागराज प्रशासन ने बेहद निंदनीय कृत्य किया। शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद जी स्नान करने जा रहे थे, लेकिन प्रशासन ने उन्हें रोक दिया। पुलिस ने उनके शिष्यों और युवा छात्रों को बालों से पकड़कर घसीटा और पीटा। शंकराचार्य जी की केवल एक ही मांग थी। प्रशासन अपनी गलती स्वीकार करे, जिसके बाद ही वे स्नान करेंगे। किसी ने माफी नहीं मांगी और अंततः उन्हें बिना स्नान किए ही लौटना पड़ा।
आप सांसद ने आगे कहा कि भाजपा नेता धर्म के इतने बड़े ठेकेदार बन गए हैं कि उन्होंने तहसीलदार के माध्यम से शंकराचार्य जी को नोटिस भेजकर उनसे यह साबित करने को कहा है कि वे शंकराचार्य हैं। जो लोग पिछले 12 वर्षों से अपनी उपाधियाँ नहीं दिखा पाए हैं, वे शंकराचार्य जी से प्रमाण मांग रहे हैं। नफरत फैलाकर और लोगों के अधिकार छीनकर एक विकसित भारत का निर्माण नहीं किया जा सकता। (AAP MP Sanjay Singh Slams BJP)
भारत की वैश्विक छवि को नुकसान पहुंचा रही है सरकार की नीतियाँ?
विदेश नीति पर संजय सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री के विश्वगुरु बनने के दावों के बीच, सच्चाई यह है कि भारतीयों को अमेरिका से हथकड़ी और बेड़ियों में जकड़कर अमृतसर वापस भेजा गया। पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि उन्होंने व्यापार समझौतों को रद्द करने की धमकी देकर युद्धविराम कराया। चीन लगातार शाक्सगाम घाटी में निर्माण कार्य करने, पुल और सुरंगें बनाने का दावा कर रहा है। जिस दिन चीन की ओर से यह बयान आया, उसी दिन चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के प्रतिनिधियों ने भाजपा कार्यालय में बैठक की। आखिर सरकार की विदेश नीति है क्या? बांग्लादेश में हिंदुओं की क्रूर हत्याओं पर सरकार चुप है। (AAP MP Sanjay Singh Slams BJP)
न्यायिक स्वतंत्रता पर उठाए सवाल
न्यायिक स्वतंत्रता पर सवाल उठाते हुए संजय सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश के संभल में जब एक न्यायाधीश ने निष्पक्ष फैसला सुनाया, तो उनका तुरंत तबादला कर दिया गया। हालांकि न्यायाधीशों का तबादला न्यायपालिका द्वारा किया जाता है, लेकिन इसके पीछे की मंशा और सरकार का दबाव स्पष्ट है। सरकार ने आम आदमी पार्टी के नेताओं को निशाना बनाया है और उन्हें एक के बाद एक जेल भेज रही है। आदिवासी नेता चैतर वसावा को तीन बार गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। AAP विधायक महराज मलिक और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को भी जेल में रखा गया है। (AAP MP Sanjay Singh Slams BJP)
चुनावी घोटाले का आरोप: संजय सिंह का गंभीर खुलासा
अपने संबोधन के समापन में संजय सिंह ने कहा कि सरकार एसआईआर के नाम पर एक बड़ा चुनावी घोटाला कर रही है। पंचायत और शहरी चुनावों के लिए उत्तर प्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा तैयार की गई मतदाता सूची में 17 करोड़ मतदाता थे, जबकि केंद्रीय निर्वाचन आयोग की सूची में केवल 12 करोड़ 55 लाख मतदाता थे।
आप नेता ने कहा कि उत्तर प्रदेश के 45 करोड़ मतदाता कहाँ गायब हो गए? एसआईआर के माध्यम से एक विशेष समुदाय और विपक्ष के समर्थकों के वोट काटे जा रहे हैं। नेताजी सुभाष चंद्र बोस, नोबेल पुरस्कार विजेता अमर्त्य सेन और पूर्व नौसेना अधिकारियों के परिवार को भी एसआईआर के तहत नोटिस भेजे जा रहे हैं। यह एसआईआर नहीं, बल्कि एक बड़ा चुनावी घोटाला है। (AAP MP Sanjay Singh Slams BJP)









