Z+ सुरक्षा के बावजूद SAD प्रमुख सुखबीर बादल पर हमला, नांदेड़ में मचा हड़कंप; हमलावर पुलिस की गिरफ्त में राहुल गांधी का केंद्र पर हमला, बोले- ‘व्यवस्था थोपकर छात्रों की आवाज दबा रही सरकार’ JPSC-JSSC परीक्षा धांधली के खिलाफ ABVP का देशव्यापी प्रदर्शन, CBI जांच और परीक्षा रद्द करने की मांग ‘मैं दलित हूं…’, हल्द्वानी में खड़गे के मंच के ‘शुद्धीकरण’ पर राज्यसभा में संग्राम; नड्डा ने जांच का दिया भरोसा 80th Independence Day: लाल किले पर 80वें स्वतंत्रता दिवस की भव्य फुल ड्रेस रिहर्सल, तीनों सेनाओं ने किया शक्ति प्रदर्शन CBSE 12वीं सप्लीमेंट्री रिजल्ट 2026 जारी, 53.08% कंपार्टमेंट छात्रों ने मारी बाजी; DigiLocker पर चेक करें स्कोरकार्ड
Z+ सुरक्षा के बावजूद SAD प्रमुख सुखबीर बादल पर हमला, नांदेड़ में मचा हड़कंप; हमलावर पुलिस की गिरफ्त में राहुल गांधी का केंद्र पर हमला, बोले- ‘व्यवस्था थोपकर छात्रों की आवाज दबा रही सरकार’ JPSC-JSSC परीक्षा धांधली के खिलाफ ABVP का देशव्यापी प्रदर्शन, CBI जांच और परीक्षा रद्द करने की मांग ‘मैं दलित हूं…’, हल्द्वानी में खड़गे के मंच के ‘शुद्धीकरण’ पर राज्यसभा में संग्राम; नड्डा ने जांच का दिया भरोसा 80th Independence Day: लाल किले पर 80वें स्वतंत्रता दिवस की भव्य फुल ड्रेस रिहर्सल, तीनों सेनाओं ने किया शक्ति प्रदर्शन CBSE 12वीं सप्लीमेंट्री रिजल्ट 2026 जारी, 53.08% कंपार्टमेंट छात्रों ने मारी बाजी; DigiLocker पर चेक करें स्कोरकार्ड

India-US Trade Deal: पीयूष गोयल इस्तीफा दें!’ – किसान संगठनों का हल्लाबोल

India-US Trade Deal

India-US Trade Deal: देश के कृषि क्षेत्र में एक बार फिर बड़े आंदोलन की आहट सुनाई दे रही है। भारत और अमेरिका के बीच होने वाले प्रस्तावित व्यापार समझौते (Trade Deal) ने किसान संगठनों के बीच गुस्से की आग सुलगा दी है। 12 फरवरी को देश भर के किसान सड़कों पर उतरकर एक बड़ा प्रदर्शन करने जा रहे हैं।

India-US Trade Deal: क्या खतरे में है करोड़ों दूध उत्पादकों की आजीविका?

ऑल इंडिया किसान सभा का मानना है कि यह समझौता भारतीय खेती के लिए ‘डेथ वारंट’ साबित हो सकता है। जहां किसानों को डर है कि अमेरिका से सस्ते डेयरी उत्पादों के आयात से भारत के करोड़ों दूध उत्पादकों की कमर टूट जाएगी।​और अमेरिकी सब्सिडी वाले कृषि उत्पाद भारतीय बाज़ार में आने से स्थानीय फसलों के दाम गिरेंगे। इसलिए विपक्ष और किसान संगठनों ने केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल के इस्तीफे की मांग करते हुए इसे “कॉरपोरेट के फायदे वाली डील” करार दिया है। (India-US Trade Deal)

यह खबर केवल एक विरोध प्रदर्शन की नहीं है, बल्कि यह वैश्विक व्यापार बनाम स्थानीय आजीविका की एक बड़ी बहस बन चुका है, अब किसान सड़कों पर इस मुद्दे को लेकर सरकार को घेरेंगे और वहां विपक्ष संसद में मोदी सरकार को दबाव के साथ घेरती नज़र आएगी। लेकिन सवाल यह है कि क्या वाकई ये समझौता किसानों कि कमर तोड़ने वाला है या देश कि GDP के लिए एक विकसित रोडमैप? (India-US Trade Deal)

Comments are closed.

और पढ़ें