CM Yogi: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य की पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले ज़्यादातर भर्ती प्रक्रियाएँ सीबीआई को जाँच के लिए भेज दी जाती थीं। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि वे एक परिवार के सदस्यों से पैसे लेकर ज़्यादा लोगों की भर्ती करके उत्तर प्रदेश की जनता को लूटते थे।
लखनऊ में एक कार्यक्रम में बोलते हुए सीएम योगी ने कहा कि पहले ज़्यादातर भर्ती प्रक्रियाओं की जाँच सीबीआई को भेज दी जाती थी। ये वही लोग हैं जो एक परिवार के लोगों से पैसे लेकर ज़्यादा लोगों की भर्ती करते थे, और इस तरह से उत्तर प्रदेश की जनता को लूटते थे, आज जो लूट उस रूप में दिख रही है। वो भर्ती 2016 की है, और हमने उसकी जाँच कराई। जाँच चल रही है, और अगर समय पर जाँच पूरी हो जाए, तो उसमें शामिल ऐसे कई लोग अपनी बाकी ज़िंदगी जेल में बिताने को मजबूर हो जाएँगे।
सीएम योगी ने कहा कि पिछले आठ वर्षों में लगभग 2 लाख 19 हजार पुलिस कर्मियों की सफलतापूर्वक भर्ती की गई है, जो उत्तर प्रदेश में सेवा दे रहे हैं। जरा सोचिए कि 2 लाख 19 हजार पुलिसकर्मियों की भर्ती इन्हीं आठ वर्षों में पूरी हुई है, जिनमें से हाल ही में 60 हजार 200 से अधिक पुलिसकर्मियों की भर्ती भी पूरी हुई।
इससे पहले रविवार को, सरकार के रोज़गार अभियान पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले आठ वर्षों में 8.5 लाख युवाओं को सरकारी नौकरियाँ प्रदान की गई हैं, और आयोगों व बोर्डों के माध्यम से नियमित रूप से भर्ती प्रक्रियाएँ पूरी की गई हैं। उन्होंने आगे कहा कि आज उत्तर प्रदेश में सरकारी और निजी, दोनों क्षेत्रों में नौकरियों की बाढ़ सी आ गई है। निष्पक्ष भर्ती के माध्यम से चयनित युवा अब ईमानदारी और ऊर्जा के साथ प्रदेश की सेवा कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने आज के उत्तर प्रदेश की तुलना 2017 से पहले की स्थिति से भी की, जब राज्य को “बीमारू” राज्य करार दिया गया था। योगी ने कहा कि पहले, युवाओं को राज्य के बाहर पहचान का संकट झेलना पड़ता था और उत्तर प्रदेश को देश के विकास में बाधा माना जाता था। लेकिन पिछले आठ सालों में हमने उत्तर प्रदेश को देश की नंबर दो अर्थव्यवस्था और भारत के विकास इंजन में बदल दिया है।









