नई दिल्ली: संसद के बजट सत्र के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जुबानी जंग अब ‘पोस्टर वॉर’ में बदल गई है। 10 फरवरी 2026 को संसद परिसर के बाहर केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने देश के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के कुछ पुराने पोस्टर्स और तस्वीरें प्रदर्शित कर कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। गिरिराज सिंह ने इन तस्वीरों के जरिए नेहरू के व्यक्तिगत संबंधों का हवाला देते हुए उन पर देश के हितों के साथ समझौता करने का गंभीर आरोप लगाया।
निजी संबंधों और राष्ट्रीय हितों पर सवाल
गिरिराज सिंह द्वारा दिखाए गए पोस्टरों में जवाहरलाल नेहरू को ब्रिटिश हस्तियों, विशेषकर एडविना माउंटबैटन के साथ दिखाया गया है। इन तस्वीरों के माध्यम से केंद्रीय मंत्री ने आरोप लगाया कि नेहरू ने अपने व्यक्तिगत लाभ और संबंधों के कारण भारत के राष्ट्रीय हितों को दांव पर लगा दिया। उन्होंने कहा कि नेहरू की इन्हीं नीतियों का परिणाम रहा कि भारत को कई महत्वपूर्ण मोर्चों पर नुकसान उठाना पड़ा।
कश्मीर मुद्दा और संयुक्त राष्ट्र की अपील
वीडियो बयानों में गिरिराज सिंह ने विशेष रूप से कश्मीर मुद्दे का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि नेहरू द्वारा कश्मीर मसले को संयुक्त राष्ट्र (UN) में ले जाना एक बड़ी ऐतिहासिक भूल थी, जिसे उन्होंने भारत के खिलाफ एक “कलंक” बताया। सिंह ने दावा किया कि उस समय लिए गए गलत फैसलों के कारण ही भारत आज भी कश्मीर समस्या का सामना कर रहा है।
पीएम मोदी पर हमलों का पलटवार
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि गिरिराज सिंह की यह कार्रवाई कांग्रेस द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आलोचना का एक जवाब है। उन्होंने इसे एक जवाबी हमले के रूप में पेश किया, जहाँ विपक्ष वर्तमान सरकार को घेर रहा है, वहीं बीजेपी इतिहास के पन्नों को खोलकर कांग्रेस की पूर्ववर्ती सरकारों की जवाबदेही तय करने की कोशिश कर रही है।









