Avimukteshwaranand Controversy: उत्तर प्रदेश विधानसभा का सदन उस समय रणक्षेत्र में तब्दील हो गया जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘अविमुक्तेश्वरानंद विवाद’ पर अपनी चुप्पी तोड़ी। सपा के कड़े तेवरों का जवाब देते हुए योगी ने दो टूक शब्दों में स्पष्ट कर दिया कि व्यवस्था और नियम सबके लिए समान हैं, चाहे वह कोई भी क्यों न हो।
Avimukteshwaranand Controversy: मर्यादा और नियमों पर योगी की दो टूक
सदन के भीतर जब विपक्ष ने इस मुद्दे को गरमाया, तो मुख्यमंत्री ने बेहद तीखे अंदाज में पलटवार किया। योगी ने साफ कहा, “कोई भी कानून से ऊपर नहीं है। न मैं ऊपर हूँ, न कोई और। जो नियमों को तोड़ेगा, उसे कानून का सामना करना ही होगा।” उन्होंने कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि हर व्यक्ति शंकराचार्य नहीं हो सकता। इसकी अपनी एक मर्यादा और विधि है।
फिलहाल, मुख्यमंत्री के इस बयान ने यह साफ कर दिया है कि उत्तर प्रदेश में ‘नियमों के राज’ को चुनौती देने वालों के खिलाफ सरकार का रुख सख्त बना रहेगा। सदन में उनके इस अंदाज को ‘योगी की सेना’ (प्रशासन) के लिए एक स्पष्ट निर्देश के रूप में देखा जा रहा है कि मर्यादा का उल्लंघन करने वालों को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। (Avimukteshwaranand Controversy)









