भोपाल : मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार ने अपना तीसरा और अब तक का सबसे बड़ा बजट पेश कर दिया है। वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने विधानसभा में जब ₹4,38,317 करोड़ का लेखा-जोखा रखा, तो यह साफ हो गया कि सरकार 2047 के ‘विकसित मध्य प्रदेश’ का रोडमैप तैयार कर चुकी है। इस बजट की सबसे खास बात इसका ‘रोलिंग बजट’ (Rolling Budget) होना है, जिससे एमपी देश का पहला ऐसा राज्य बन गया है जिसने अगले तीन सालों की वित्तीय योजना जनता के सामने रख दी है।
‘GYANII’ मॉडल: बजट के केंद्र में समाज के पांच स्तंभ
सरकार ने इस बजट को ‘GYANII’ फॉर्मूले पर आधारित किया है, जो सर्वांगीण विकास का संकेत देता है:
- G (Garib): गरीबी उन्मूलन और पोषण पर ध्यान।
- Y (Yuva): रोजगार और कौशल विकास।
- A (Annadata): किसानों के लिए रिकॉर्ड आवंटन।
- N (Nari Shakti): लाड़ली बहना और महिला सशक्तिकरण।
- I-I (Infrastructure & Industry): उद्योग और बुनियादी ढांचे का विस्तार।
2026 ‘किसान कल्याण वर्ष’: अन्नदाता के लिए खुला खजाना
सरकार ने साल 2026 को ‘किसान कल्याण वर्ष’ घोषित किया है। खेती और संबंधित क्षेत्रों के लिए ₹1,15,013 करोड़ का आवंटन ऐतिहासिक है।
- सिंचाई का महालक्ष्य: 2029 तक 100 लाख हेक्टेयर जमीन तक पानी पहुँचाने का संकल्प लिया गया है। केन-बेतवा लिंक प्रोजेक्ट इसमें मील का पत्थर साबित होगा।
- सोलर क्रांति: 1 लाख नए सोलर पंपों के माध्यम से किसानों की बिजली पर निर्भरता कम की जाएगी।
नारी शक्ति: लाड़ली बहना से लेकर सखी-निवास तक
मध्य प्रदेश की राजनीति में गेम-चेंजर साबित हुई ‘लाड़ली बहना योजना’ के लिए ₹23,882 करोड़ का प्रावधान यह सुनिश्चित करता है कि यह योजना पूरी ताकत से जारी रहेगी। महिलाओं के लिए कुल बजट सवा लाख करोड़ से अधिक है। एक संवेदनशील कदम के रूप में, तलाकशुदा बेटियों को भी 1 अप्रैल 2026 से परिवार पेंशन के दायरे में लाने का सामाजिक सुधार किया गया है।
युवा और रोजगार: 37,500 से अधिक पदों पर भर्तियाँ
युवाओं के लिए बजट में सरकारी और निजी दोनों क्षेत्रों पर जोर दिया गया है:
- सरकारी पद: पुलिस विभाग में 22,500 और शिक्षा विभाग में 15,000 शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया प्रस्तावित है।
- औद्योगिक विस्तार: ग्वालियर में टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग ज़ोन और प्रदेश में 48 नए औद्योगिक पार्क बनाने की योजना है, जिससे रोजगार के हजारों नए अवसर पैदा होंगे।
सिंहस्थ 2028 और आधुनिक इन्फ्रास्ट्रक्चर
धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने ‘सिंहस्थ 2028’ की तैयारी अभी से शुरू कर दी है। उज्जैन के विकास के लिए ₹13,851 करोड़ के काम स्वीकृत किए गए हैं। इंदौर-उज्जैन रोड को सिक्स-लेन करना और एलिवेटेड कॉरिडोर बनाना इस विजन का हिस्सा है। स्वास्थ्य बजट में भी 40% की बढ़ोतरी कर आयुष्मान भारत और नए मेडिकल कॉलेजों पर फोकस किया गया है।









