Shiromani Akali Dal Boycotts VP election: पंजाब में शिरोमणि अकाली दल (SAD) ने मंगलवार को होने वाले उपराष्ट्रपति चुनाव का बहिष्कार करने का फैसला किया है। पार्टी ने कहा कि पंजाब के लोग उपराष्ट्रपति चुनाव कराने के लिए केंद्र सरकार से बहुत नाराज हैं। न तो केंद्र और न ही राज्य सरकार ने विनाशकारी बाढ़ के दौरान पंजाब के लोगों की सार्थक मदद की है, जिसने बड़े पैमाने पर कृषि भूमि को प्रभावित किया है, हजारों लोगों को विस्थापित किया है और लोगों के घर जलमग्न हो गए हैं।
वर्तमान में, बठिंडा की सांसद हरसिमरत कौर संसद में पार्टी की एकमात्र प्रतिनिधि हैं। पार्टी का कोई राज्यसभा सांसद नहीं है।
राज्य का लगभग एक तिहाई हिस्सा जलमग्न
पार्टी ने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट शेयर करते हुए कहा, “राज्य का लगभग एक तिहाई हिस्सा जलमग्न है और घर तथा फसलें पूरी तरह नष्ट हो गई हैं। यह पंजाब सरकार की लापरवाही और अक्षमता के कारण हुई मानव निर्मित त्रासदी है। न तो राज्य सरकार और न ही केंद्र पंजाब की किसी भी तरह से मदद के लिए आगे आया है। शिरोमणि अकाली दल पंजाब के लोगों की भावनाओं और आवाज का प्रतिनिधित्व करता है। इसलिए पार्टी ने उपराष्ट्रपति चुनाव का बहिष्कार करने का फैसला किया है।”
इन दलों ने भी मतदान से बनाई दूरी
शिरोमणि अकाली दल के अलावा, भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) और बीजू जनता दल (बीजेडी) ने भी मतदान से दूर रहने का फैसला किया है। बीआरएस ने संकट के समय तेलंगाना के किसानों को दी गई मदद की कमी का हवाला दिया, जबकि बीडीएस ने कहा है कि वे एनडीए और इंडिया ब्लॉक दोनों से समान दूरी बनाए हुए हैं।
NDA और INDIA ब्लॉक के उम्मीदवार के बीच मुकाबला
9 सितंबर को होने वाले उपराष्ट्रपति चुनाव में इंडिया ब्लॉक द्वारा समर्थित न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) बी सुदर्शन रेड्डी और एनडीए के उम्मीदवार सीपी राधाकृष्णन के बीच सीधा मुकाबला होगा। एनडीए और इंडिया ब्लॉक दोनों ने यह सुनिश्चित करने के लिए मॉक पोल आयोजित किए कि चुनाव के दौरान कोई भी अवैध वोट न दिया जाए।
21 जुलाई को संसद के मानसून सत्र के पहले दिन स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए जगदीप धनखड़ के इस्तीफा देने के बाद उपराष्ट्रपति का पद रिक्त हो गया था।
कैसा होता है उपराष्ट्रपति का चुनाव?
उपराष्ट्रपति का चुनाव एक निर्वाचक मंडल द्वारा किया जाता है, जिसमें संसद के दोनों सदनों के सांसद शामिल होते हैं। उपराष्ट्रपति का चुनाव संविधान के अनुच्छेद 64 और 68 के प्रावधानों द्वारा शासित होता है। चुनाव आयोग राष्ट्रपति और उप-राष्ट्रपति चुनाव अधिनियम, 1952 द्वारा उपराष्ट्रपति के चुनावों को अधिसूचित करता है।भारतीय संविधान के अनुच्छेद 66 (1) के अनुसार, उपराष्ट्रपति का चुनाव आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली द्वारा एकल संक्रमणीय मत के माध्यम से होगा तथा ऐसे चुनाव में मतदान गुप्त मतदान द्वारा होगा।









