Pakistan Violence: पाकिस्तान इस वक्त बारूद के ढेर पर बैठा है। ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई के निधन की खबर ने पूरे पाकिस्तान में वो आग लगा दी है, जिसे बुझाना अब शहबाज सरकार और सेना के बस से बाहर होता दिख रहा है। हालात इतने बेकाबू हो चुके हैं कि सड़कों पर अब नारों की जगह गोलियों की गूँज सुनाई दे रही है।
Pakistan Violence: जनरल असीम मुनीर का बड़ा दांव
फिलहाल पाकिस्तान आज दो फाड़ हो चुका है। एक तरफ जज्बाती आवाम है, तो दूसरी तरफ बंदूक थामे खड़ी फौज। और पाकिस्तान की जनता भारी तादाद में सड़कों पर उतर आई है। खामेनेई की मौत के बाद उमड़ा यह जनसैलाब खुलेआम ईरान के समर्थन में और अमेरिका के खिलाफ आग उगल रहा है।
दूसरी ओर, पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर ने साफ कर दिया है कि उनकी वफादारी वाशिंगटन (अमेरिका) के साथ है। फौज का झुकाव अमेरिका की ओर होने से प्रदर्शनकारी और भी ज्यादा उग्र हो गए हैं। (Pakistan Violence)
इस्लामाबाद से कराची तक कोहराम: जब नारों की जगह गूंजने लगीं गोलियां
इस्लामाबाद से लेकर कराची तक, मंजर खौफनाक है। सोशल मीडिया पर आ रहे विजुअल्स रोंगटे खड़े कर देने वाले हैं। और हर तरफ चीख-पुकार मची है। प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए सीधी फायरिंग की जा रही है। सुरक्षा बल आंसू गैस के साथ-साथ अब लाइव एम्युनिशन (असली गोलियों) का इस्तेमाल कर रहे हैं।
आपको बता दें कि अगर हिंसा इसी तरह जारी रही, तो जनरल मुनीर मार्शल लॉ लगाने से भी पीछे नहीं हटेंगे। पाकिस्तान की सड़कों पर बह रहा खून क्या नई सरकार की बलि लेगा या फिर फौज एक बार फिर लोकतंत्र को कुचल देगी? पूरी दुनिया की नजरें इस वक्त तबाही की कगार पर खड़े इस मुल्क पर टिकी हैं। (Pakistan Violence)









