नई दिल्ली: Parliament Budget Session 2026 संसद सत्र आज भारी शोर-शराबे और हंगामे के साथ शुरू हुआ। जहाँ एक तरफ विपक्ष ने ईरान-इजरायल युद्ध और लोकसभा स्पीकर को हटाने के मुद्दे पर सरकार को घेरा, वहीं दूसरी तरफ पूर्वोत्तर भारत के नागरिकों की सुरक्षा का मुद्दा भी गूँजा। हंगामे के चलते लोकसभा और राज्यसभा दोनों की कार्यवाही कल तक के लिए स्थगित कर दी गई है।
पश्चिम एशिया संकट: विदेश मंत्री का बयान और विपक्ष का वॉकआउट
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने दोनों सदनों (Parliament Budget Session 2026) में पश्चिम एशिया (खासकर ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव) की स्थिति पर ‘सुओ मोटो’ (स्वत: संज्ञान) बयान दिया। जयशंकर ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद स्थिति की निगरानी कर रहे हैं और खाड़ी देशों में फंसे भारतीयों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने जानकारी दी कि ईरानी विदेश मंत्री ने कोच्चि बंदरगाह पर अपने नौसैनिक जहाज ‘IRIS लावन’ को शरण देने के लिए भारत का शुक्रिया अदा किया है। हालांकि, विपक्ष इस मुद्दे पर विस्तृत बहस की मांग कर रहा था। जब उनकी मांग नहीं मानी गई, तो राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे के नेतृत्व में ‘INDIA’ गठबंधन के सांसदों ने सदन से वॉकआउट कर दिया।
लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को हटाने पर तकरार
सदन (Parliament Budget Session 2026) में आज सबसे बड़ा मुद्दा लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को उनके पद से हटाने का संकल्प (Resolution) रहा। विपक्ष ने उन पर पक्षपाती होने का आरोप लगाते हुए उन्हें हटाने का नोटिस दिया है। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने इस कदम की कड़ी आलोचना करते हुए इसे संवैधानिक संस्थाओं का अपमान बताया। बीजेपी सांसद अपराजिता सारंगी ने ओम बिरला का बचाव करते हुए कहा कि उनके कार्यकाल में सदन की उत्पादकता 97% रही है। सूत्रों के मुताबिक, इस प्रस्ताव पर कल दोपहर 12 बजे से 10 घंटे की विस्तृत चर्चा शुरू हो सकती है।
पूर्वोत्तर के नागरिकों की सुरक्षा और ‘उड़ान यात्री कैफे’ की मांग
- नस्लीय भेदभाव का मुद्दा: अरुणाचल प्रदेश से बीजेपी सांसद तापिर गाओ ने दिल्ली और अन्य महानगरों में पूर्वोत्तर के लोगों के साथ हो रहे नस्लीय भेदभाव और असुरक्षा का मुद्दा उठाया। उन्होंने सरकार से इसके खिलाफ सख्त कानून (Atrocity Act) लाने की मांग की।
- सस्ता खाना: आम आदमी पार्टी के सांसद राघव चड्ढा ने राज्यसभा में ‘उड़ान यात्री कैफे’ का मुद्दा उठाया। उन्होंने मांग की कि हवाई अड्डों के प्रस्थान (Departure) क्षेत्र में महंगे खाने के बजाय सरकार को ‘उड़ान यात्री कैफे’ की सेवाएं शुरू करनी चाहिए ताकि आम यात्रियों को सस्ता भोजन मिल सके।
सदन की अन्य प्रमुख गतिविधियां
दोपहर बाद राज्यसभा में पर्यावरण मंत्रालय के कामकाज पर चर्चा शुरू हुई, लेकिन विपक्ष के शोर-शराबे और नारेबाजी के कारण सदन सुचारू रूप से नहीं चल सका। लोकसभा को दोपहर 3:30 बजे के करीब और राज्यसभा को शाम 5:50 बजे के बाद मंगलवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया। (Parliament Budget Session 2026)









