Mathura Farsa Baba: उत्तर प्रदेश के मथुरा में कथित गौ रक्षक‘फरसा वाले बाबा’ नाम से मशहूर चंद्रशेखर की शनिवार तड़के गाड़ी से कुचलकर मौत हो गई, जिसके बाद इलाके में तनाव फैल गया। बताया जा रहा है कि घटना कोटवन चौकी क्षेत्र के गांव नवीपुर के पास हुई। पूरे इलाके में शोक के साथ-साथ भारी आक्रोश फैल गया। घटना के विरोध में बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतर आए और मुख्य मार्गों पर जाम लगा दिया।
जानकारी के मुताबिक, बाबा को तड़के करीब 4 बजे गौ तस्करी की सूचना मिली थी। इसके बाद वे एक कंटेनर को रोकने के लिए मौके पर पहुंच गए। इस दौरान कोहरे के कारण पीछे से आ रहे वाहन ने उन्हें कुचल दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी।
Mathura Farsa Baba: पुलिस प्रशासन और प्रदर्शकारियों के बीच झड़प
इस घटना से आक्रोशित लोगों ने दिल्ली-आगरा हाईवे जाम कर दिया। पुलिस प्रशासन ने लोगों को समाझाने की कोशिश की। लेकिन देखते ही देखते हालात बिगड गए और प्रदर्शनकारियों ने पथराव शुरू कर दिया। स्थिति को नियंत्रित करने पहुंची पुलिस को भीड़ को काबू करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े और रबड़ की गोलियां चलानी पड़ीं।
इतना ही नहीं, गुस्साई भीड़ ने SDM प्रशासन, पुलिस अधिकारियों समेत कई गाड़ियों में तोड़फोड़ की। इस घटना में करीब आधा दर्जन लोग और इतने ही पुलिसकर्मी घायल हो गए। कुछ लोगों का आरोप था कि पुलिस ने तीन लोगों को पकड़ा था, जिनमें से दो को छोड़ दिया गया। (Mathura Farsa Baba)
गौ तस्करी के दावे पर पुलिस का बड़ा खुलासा
इस मामले में मथुरा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्लोक कुमार ने बताया कि कल रात करीब 3 से 4 बजे के बीच कोसी पुलिस स्टेशन में चंद्रशेखर उर्फ फरसा बाबा ने एक संदिग्ध वाहन को रोका। घने कोहरे के कारण पीछे से आ रहे राजस्थान नंबर प्लेट वाले एक ट्रक ने उनके वाहन को टक्कर मार दी, जिससे उनकी मृत्यु हो गई।
उन्होंने जिस कंटेनर को रोका था, उसमें किराने का सामान था और पीछे से आ रहे राजस्थान नंबर प्लेट वाले ट्रक में तार लदे हुए थे। ट्रक का चालक और कंडक्टर दोनों राजस्थान के अलवर के निवासी हैं। ट्रक दुर्घटनाग्रस्त हो गया और चालक भी घायल हो गया, जिसका फिलहाल इलाज चल रहा है। (Mathura Farsa Baba)
एसएसपी ने घटना का गाय की तस्करी के कथित मामले से किसी भी तरह का संबंध होने से इनकार किया।उन्होंने कहा कि इस घटना में गाय की तस्करी का कोई संकेत नहीं मिला है। कुछ लोग इस घटना को लेकर इकट्ठा हुए थे और उन्होंने यातायात अवरुद्ध कर दिया और छाता पुलिस स्टेशन पर पत्थर फेंके। आवश्यक बल प्रयोग करके अवरोध हटाया गया है। आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
सीएम योगी ने लिया घटना का संज्ञान
इसी बीच, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कोसी में हुई घटना का संज्ञान लिया। मुख्यमंत्री ने मृतक के परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने अधिकारियों को घटनास्थल पर तुरंत पहुंचने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि घटना में शामिल अपराधियों की जल्द से जल्द पहचान की जाए और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि अपराधियों को किसी भी परिस्थिति में बख्शा नहीं जाना चाहिए। (Mathura Farsa Baba)
कौन हैं फरसा वाले बाबा?
मथुरा के ‘फरसा वाले बाबा’ का नाम चंद्रशेखर था, जो ब्रज क्षेत्र में एक प्रसिद्ध और निडर गौ रक्षक थे। वे हमेशा हाथ में फरसा लेकर गौ-वंश की रक्षा करते थे। गौरक्षा आंदोलन का प्रमुख चेहरा थे और वे प्रखर गौरक्षक और संत के रूप में जाने जाते थे। मथुरा के अंजनोक में वे प्रवास करते थे। वे निडर होकर गौ रक्षा में लगे रहते थे और ब्रज में उनकी काफी लोकप्रियता थी। (Mathura Farsa Baba)
घटना के बाद इलाके में तनाव
जानकारी के मुताबिक, बाबा का पार्थिव शरीर कोसी से अंजनौख स्थित गौशाला ले जाया जा रहा है, जहां उनके अंतिम दर्शन के लिए सैकड़ों लोगों के पहुंचने की संभावना है। प्रशासन ने वहां भी सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं, ताकि किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति न बने। फिलहाल घटना के बाद से इलाके में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है। (Mathura Farsa Baba)









