West Bengal Tamil Nadu Election Voting 2026: भारत में चुनाव का माहौल हमेशा खास होता है। लेकिन, इस बार पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु की तस्वीरों ने सबका ध्यान खींच लिया है। पोलिंग बूथ खुलते ही जिस तरह की रफ्तार दिखी, उसने साफ कर दिया कि जनता इस बार पूरी तरह ‘एक्टिव मोड’ में है।
दोपहर 1 बजे तक के आंकड़े: जनता का जबरदस्त उत्साह
बंगाल और तमिलनाडु में दोपहर होते-होते वोटिंग का प्रतिशत चौंकाने वाला रहा। दरअसल, आंकड़े बताते हैं कि जनता बदलाव या स्थिरता को लेकर कितनी गंभीर है।
- पश्चिम बंगाल: पहले चरण की 152 सीटों पर करीब 62% मतदान दर्ज हुआ।
- तमिलनाडु: सभी 234 सीटों पर एक साथ वोटिंग हुई और आंकड़ा 57% तक पहुंच गया।
- भारी भीड़: तेज धूप के बावजूद पोलिंग बूथों पर लंबी कतारें देखी गईं।
बंगाल: ‘मां माटी मानुष’ बनाम ‘सोनार बांग्ला’
बंगाल में चुनाव हमेशा की तरह हाई-वोल्टेज बना हुआ है। हालांकि, इस बार कुछ अजीबो-गरीब और तनावपूर्ण घटनाएं भी सामने आईं।
- मुर्शिदाबाद में झड़प: डोमकल इलाके में TMC और CPM कार्यकर्ताओं के बीच हिंसक झड़प हुई।
- जंगलमहल में ‘हाथी’: झाड़ग्राम के एक बूथ पर अचानक जंगली हाथी के पहुंचने से अफरा-तफरी मच गई। लेकिन, सुरक्षा बलों ने स्थिति संभाल ली।
- अमित शाह का वार: शाह ने ट्वीट कर ‘घुसपैठ’ और ‘कटमनी’ जैसे मुद्दों को हवा दी।
यही वजह है कि ग्रामीण इलाकों में महिलाओं और युवाओं की भारी मौजूदगी एक ‘अंडरकरेंट’ की ओर इशारा कर रही है। दरअसल, बीजेपी जहां जंगलमहल में मजबूत है, वहीं टीएमसी दक्षिण बंगाल में अपनी जमीन बचाने की कोशिश कर रही है।
तमिलनाडु: द्रविड़ राजनीति में नया दौर
तमिलनाडु में माहौल अपेक्षाकृत शांत रहा। लेकिन, रणनीतिक रूप से यह चुनाव बेहद महत्वपूर्ण है।
- चेहरे बदले: इस बार द्रविड़ राजनीति के पुराने बड़े दिग्गज मैदान में नहीं हैं।
- मुख्य मुकाबला: एम.के. स्टालिन की DMK और AIADMK के बीच सीधी टक्कर है।
- शादी और वोट: चेन्नई में एक नवविवाहित जोड़ा शादी के तुरंत बाद सीधे वोट डालने पहुंचा।
यह तस्वीर दिखाती है कि तमिलनाडु के लोगों के लिए लोकतांत्रिक कर्तव्य कितना मायने रखता है। यही नहीं, बीजेपी भी इस बार राज्य में अपनी मौजूदगी दर्ज कराने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा रही है।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम: अभेद्य किला बना बंगाल
चुनाव आयोग ने इस बार सुरक्षा के ‘अनप्रिसिडेंटेड’ इंतजाम किए हैं। दरअसल, बंगाल में करीब 2400 केंद्रीय बलों की कंपनियां तैनात की गई हैं।
- वेबकास्टिंग: धांधली रोकने के लिए हर बूथ की डिजिटल निगरानी की जा रही है।
- EVM अपडेट: कुछ जगहों पर मशीनों में खराबी आई, लेकिन उन्हें तुरंत बदल दिया गया।
4 मई का इंतजार
शुरुआती रुझान बताते हैं कि मुकाबला बेहद करीबी है। परिणामस्वरूप, हार-जीत का अंतर बहुत कम हो सकता है। अंततः, आज की वोटिंग तय करेगी कि 4 मई को जब EVM खुलेंगी, तो जीत का सेहरा किसके सिर बंधेगा। यही वजह है कि पूरी दुनिया की नजरें अब इन राज्यों के चुनावी नतीजों पर टिकी हैं।









