Prateek Yadav Terahvi: समाजवादी पार्टी के संस्थापक दिवंगत मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे और भाजपा नेत्री अपर्णा यादव के पति प्रतीक यादव का तेरहवीं संस्कार आज यानी सोमवार को लखनऊ में संपन्न हुआ। इस शोक सभा और ब्रह्मभोज कार्यक्रम में पक्ष-विपक्ष की कई बड़ी राजनीतिक और सामाजिक हस्तियों ने हिस्सा लिया। सपा प्रमुख और प्रतीक यादव के बड़े भाई अखिलेश यादव अपनी पत्नी डिंपल यादव और बच्चों के साथ इस दुखद घड़ी में पूरे समय परिवार के साथ खड़े नजर आए।

Prateek Yadav Terahvi: दुख की घड़ी में साथ दिखा पूरा सैफई परिवार
तेरहवीं के निमंत्रण कार्ड में अपर्णा यादव के साथ अखिलेश यादव समेत पूरे सैफई परिवार के नाम शामिल थे, जो इस संकट के समय में परिवार की एकजुटता को दर्शाता है। भाजपा प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी, अभिनेता राजपाल यादव, आजमगढ़ के सांसद धर्मेंद्र यादव और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के बेटे नीरज सिंह समेत कई वीआईपी नेताओं ने पहुंचकर शोक व्यक्त किया।
सीएम योगी ने अपर्णा यादव को दी सांत्वना
यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ प्रतीक यादव की तेरहवीं कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने अपर्णा यादव के विक्रमादित्य मार्ग स्थित आवास पर पहुंच कर प्रतीक यादव को श्रद्धांजलि अर्पित की। सीएम योगी ने प्रतीक यादव की तस्वीर पर फूल चढ़ाए। इसके बाद अपर्णा यादव को सांत्वना देते दिखाई दिए। (Prateek Yadav Terahvi)

तेरहवीं कार्यक्रम में भावुक हुईं अपर्णा यादव
कार्यक्रम के दौरान जब अपर्णा यादव आए हुए मेहमानों को प्रसाद बांट रही थीं, तो वे अपने पति की याद में बेहद भावुक हो गईं और उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े। पहले वह पूड़ी बांट रही थीं। लेकिन, आंखों में आंसू छलकने के बाद वे वहां से हट गईं। किनारे पर जाकर साड़ी से आंसू पोछती नजर आईं। अपर्णा कार्यक्रम में आए लोगों का हाथ जोड़कर अभिवादन किया और घर के भीतर चली गईं।
फिटनेस आइकन रहे प्रतीक यादव की अचानक मौत से उठे सवाल
अपनी फिटनेस और जिम लाइफस्टाइल के लिए पहचाने जाने वाले 38 वर्षीय प्रतीक यादव का निधन 13 मई 2026 को लखनऊ के एक अस्पताल में हुआ था। उनका अंतिम संस्कार लखनऊ के बैकुंठ धाम में किया गया था और उसके दो दिन बाद हरिद्वार के वीवीआईपी घाट पर उनकी अस्थियों को विसर्जित किया गया था। (Prateek Yadav Terahvi)
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आई मौत की बड़ी वजह
प्रतीक यादव की पोस्टमार्टम रिपोर्ट रिपोर्ट के मुताबिक, 38 वर्षीय प्रतीक यादव की मौत कार्डियोरेस्पिरेटरी कोलैप्स से हुई। रिपोर्ट में अत्यधिक पल्मोनरी थ्रोम्बोम्बोलिज्म का भी जिक्र किया गया है। किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) में किए गए पोस्टमार्टम के अनुसार, उनकी मृत्यु का कारण फेफड़ों में भारी मात्रा में रक्त के थक्के जमने से उत्पन्न कार्डियोरेस्पिरेटरी कोलैप्स बताया गया है। अस्पताल ने बुधवार को बताया कि प्रतीक यादव को पिछले एक साल में कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं के इलाज के लिए लखनऊ के मेदांता अस्पताल में कई बार भर्ती कराया गया था।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कई अहम बातें सामने आई हैं। फोरेंसिक विशेषज्ञों ने आगे की जांच के लिए पूरे हार्ट और पल्मोनरी थ्रोम्बोएम्बोलिक सामग्री को फॉर्मेलिन में सुरक्षित रखा है, ताकि हिस्टोपैथोलॉजिकल जांच की जा सके। इसके अलावा विसरा सैंपल को डिटेल रासायनिक विश्लेषण के लिए संबंधित पुलिस को सौंप दिया गया है, जिससे मौत से जुड़े अन्य संभावित कारणों की भी जांच हो सके। रिपोर्ट में यह भी स्पष्ट किया गया है कि शरीर पर मिले सभी चोट के निशान मृत्यु से पहले के थे। अब जांच एजेंसियां मेडिकल रिपोर्ट और रासायनिक विश्लेषण के आधार पर पूरे मामले की आगे जांच कर रही हैं। (Prateek Yadav Terahvi)
खबरों के मुताबिक, उनकी हालत बिगड़ने के बाद उन्हें 29 अप्रैल को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। सांस लेने में गंभीर तकलीफ और श्वसन संकट की शिकायत के बाद उन्हें अस्पताल लाया गया था। मामले से परिचित लोगों ने बताया कि इलाज और कुछ समय बाद हालत स्थिर होने पर उन्हें छुट्टी दे दी गई और वे घर लौट गए थे।
लंबे समय से स्वास्थ्य समस्याओं और मानसिक तनाव से जूझ रहे थे प्रतीक यादव
जानकारी के मुताबिक, पिछले साल अखिलेश यादव के भाई ने कथित व्यापारिक विवाद को लेकर धोखाधड़ी और जबरन वसूली का मामला दर्ज कराया था। धोखाधड़ी और जबरन वसूली के आरोपों से जुड़े एक व्यापारिक विवाद के बाद प्रतीक यादव कथित तौर पर मानसिक तनाव में थे। जुलाई 2025 में दर्ज शिकायत में प्रतीक यादव ने आरोप लगाया था कि चिनहट निवासी कृष्णानंद पांडे ने उन्हें एक रियल एस्टेट परियोजना में करोड़ों रुपये निवेश करने के लिए राजी किया था। (Prateek Yadav Terahvi)
प्रतीक यादव और रियल एस्टेट कारोबारी कृष्णानंद पांडेय की मुलाकात 2011-12 में हुई थी। कृष्णानंद ने शहीद पथ के पास आवासीय योजना में भारी मुनाफे का झांसा देकर 25 मई 2015 को ‘मोनाल इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड’ नाम से एक कंपनी बनाई। इसमें प्रतीक को प्रमोटर और खुद को निदेशक बनाया। साथ ही उनसे करोड़ों रुपये का निवेश करा लिया।
शिकायत के अनुसार, कई जमीनों की बिक्री के बावजूद प्रतीक यादव को कोई वित्तीय लेखा-जोखा (अकाउंटिंग) या मुनाफे का हिस्सा नहीं दिया गया। जब प्रतीक यादव ने अपने निवेश के पैसे वापस मांगे, तो कृष्णानंद ने पैसे लौटाने से इनकार कर दिया। दबाव बनाने पर आरोपी ने प्रतीक को गंभीर पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) के झूठे मामले में फंसाने की धमकी दी। (Prateek Yadav Terahvi)

करोड़ों के रियल एस्टेट विवाद और ब्लैकमेलिंग के आरोपों ने बढ़ाई मुश्किलें
आरोपी ने प्रतीक के परिवार को बदनाम करने के लिए सोशल मीडिया पर फर्जी ऑडियो क्लिप वायरल करने की धमकी दी और मामले को रफा-दफा करने के एवज में ₹4 करोड़ से ₹5 करोड़ की रंगदारी (Extortion) मांगी। इस लगातार मिल रही ब्लैकमेलिंग, वित्तीय धोखाधड़ी और झूठे मुकदमों की धमकियों के कारण प्रतीक यादव लंबे समय से अत्यधिक मानसिक तनाव में चल रहे थे।
इस मामले में पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) और आईटी एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत जबरन वसूली व धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कर तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच शुरू की थी। (Prateek Yadav Terahvi)
राजनीति से दूरी, फिटनेस और पशु कल्याण के कार्यों में सक्रिय थे प्रतीक यादव
प्रतीक यादव समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव की दूसरी पत्नी साधना गुप्ता के बेटे थे। देश के सबसे प्रमुख राजनीतिक परिवारों में से एक से संबंध रखने के बावजूद, प्रतीक यादव सक्रिय राजनीति से काफी हद तक दूर रहे।
प्रतीक ने ब्रिटेन के लीड्स विश्वविद्यालय से पढ़ाई की थी और वे रियल एस्टेट और फिटनेस व्यवसायों से जुड़े थे। उन्होंने लखनऊ में ‘द फिटनेस प्लैनेट’ नाम से एक जिम भी चलाया और फिटनेस उद्योग में सक्रिय रहे। वह ‘जीव आश्रय’ नामक एक संगठन के माध्यम से पशु कल्याण गतिविधियों में भी शामिल थे, जो आवारा कुत्तों के बचाव, उपचार, भोजन और देखभाल के लिए काम करता था। (Prateek Yadav Terahvi)









