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‘डबल इंजन अब डबल जीरो’, दिल्ली की महारैली में गरजे अखिलेश यादव, 2027 में भाजपा की विदाई का किया दावा

Akhilesh Yadav

Akhilesh Yadav: नई दिल्ली के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में 1 नवंबर 2026 को आयोजित विपक्षी ‘इंडिया’ (INDIA) गठबंधन की महारैली में समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रमुख अखिलेश यादव शामिल हुए। ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ के नारे के साथ आयोजित इस विशाल जनसभा में अखिलेश यादव ने केंद्र की भाजपा सरकार और उत्तर प्रदेश की योगी सरकार पर अब तक का सबसे तीखा हमला बोला। मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूचियों में कथित अनियमितताओं के विरोध में आयोजित इस महारैली में सपा प्रमुख अखिलेश यादव का आक्रामक तेवर चर्चा का प्रमुख विषय रहा।

Akhilesh Yadav: लोकतंत्र का ‘हल्दीघाटी’ बना रामलीला मैदान

रैली में उमड़ी भारी भीड़ और विपक्षी दलों की एकजुटता से गदगद अखिलेश यादव ने दिल्ली के ऐतिहासिक रामलीला मैदान की तुलना ऐतिहासिक युद्धस्थल से कर दी। उन्होंने अपने संबोधन में कहा, “आज रामलीला मैदान लोकतंत्र की ‘हल्दीघाटी’ बन चुका है। जनसमर्थन का यह सैलाब और क्रांति के ये नारे इस बात का प्रमाण हैं कि देश में किसी भी वक्त बदलाव आ सकता है।” सपा प्रमुख ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में हाल ही में संपन्न हुए एमएलसी (MLC) चुनावों के नतीजों ने भाजपा की सांप्रदायिक राजनीति को पूरी तरह खारिज कर दिया है, जिससे सत्ताधारी दल में भारी हताशा है।

“डबल इंजन अब डबल जीरो” – मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर वार

अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर सीधा निशाना साधते हुए ‘डबल इंजन’ सरकार के नारे पर तंज कसा। उन्होंने कहा, “जो लोग पहले डबल इंजन की बात करते थे, वे अब ‘डबल जीरो’ हो चुके हैं।” उन्होंने भाजपा पर अपनी हार को स्वीकार न कर पाने का आरोप लगाते हुए कहा कि एमएलसी चुनाव में पराजय के बाद सरकार ने चुनाव आयोग के साथ मिलकर दोबारा वोटों की गिनती करवाई, जिससे उन्हें एक ही चुनाव में ‘दोहरी हार’ का सामना करना पड़ा।

मतदाता सूची से नाम काटने का गंभीर आरोप

महारैली का मुख्य एजेंडा चुनाव आयोग (ECI) की भूमिका और मतदाता सूचियों का ‘विशेष गहन पुनरीक्षण’ (SIR) था। अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश का हवाला देते हुए एक बड़ा आंकड़ा पेश किया और आरोप लगाया कि राज्य में बड़े पैमाने पर धांधली करके 1 करोड़ 27 लाख वोट काटे गए हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री के एक कथित बयान पर सवाल उठाते हुए पूछा कि मुख्यमंत्री को यह आंकड़ा कहां से मिला कि ये वोट हिंदुओं के नहीं थे? यह कोई ऐसी राह चलती जानकारी नहीं है जो किसी को भी मिल जाए।

सपा प्रमुख ने कहा कि उनकी पार्टी ने 2019 और 2022 के चुनावों के बीच वोट काटे जाने के सबूतों के साथ चुनाव आयोग को बकायदा हलफनामा (एफिडेविट) दिया था, लेकिन आयोग ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की, जिससे साफ है कि आयोग के माध्यम से चुनावी साजिशें रची जा रही हैं। (Akhilesh Yadav)

“यूपी वाले विदाई भी बढ़िया करते हैं” – 2027 का अल्टीमेटम

उत्तर प्रदेश के राजनीतिक मिजाज का जिक्र करते हुए अखिलेश यादव ने भाजपा को 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए सीधी चेतावनी दी। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “जो लोग कभी यूपी से (सत्ता में) आए थे, उन्हें यूपी वाले ही बाहर का रास्ता दिखाएंगे। उत्तर प्रदेश की जनता स्वागत करना भी जानती है और विदाई करना उससे भी बेहतर तरीके से जानती है। साल 2027 में ऐसी विदाई होगी कि भारतीय जनता पार्टी और उसके सहयोगी दल दोबारा कभी वापस नहीं आ पाएंगे।” उन्होंने उन नेताओं पर भी कटाक्ष किया जो खुद को राजनीति में ‘अंगद का पैर’ बताते थे। अखिलेश ने कहा कि जब जनता के बीच आपकी जमीन ही नहीं बची है, तो पैर कहां रखोगे?

‘INDIA’ गठबंधन का एकजुट शक्ति प्रदर्शन

इस महाजुटान में अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) के अलावा कांग्रेस नेता राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, शिवसेना (यूबीटी) के सांसद संजय राउत, कांग्रेस सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा समेत देश के 20 से अधिक विपक्षी दलों के शीर्ष नेताओं ने मंच साझा किया। संजय राउत ने घोषणा की कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाए जाने तक यह आंदोलन रुकने वाला नहीं है। सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच आयोजित इस रैली ने उत्तर प्रदेश में सीट-बंटवारे की जारी चर्चाओं के बीच ‘इंडिया’ गठबंधन की एकजुटता को एक नई ताकत दी है। अखिलेश यादव ने साफ कर दिया कि गठबंधन का पिछला अनुभव और जनता का गुस्सा मिलकर आगामी चुनावों में भाजपा को परास्त करने का काम करेगा।

लाल टोपियों से पटी दिल्ली, प्रभारियों ने संभाली कमान

इस रैली में उत्तर प्रदेश से भारी संख्या में जनसैलाब उमड़ा, जिससे पूरा रामलीला मैदान सपा की पारंपरिक ‘लाल टोपियों’ और झंडों से पटा नजर आया। सपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता फखरुल हसन ‘चांद’ ने बताया कि समाजवादी पार्टी का कार्यकर्ता जब भी किसी आंदोलन की जिम्मेदारी लेता है, तो उसे सफल बनाने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक देता है। सपा आलाकमान ने जमीनी स्तर पर भीड़ जुटाने और कार्यकर्ताओं के दिल्ली आगमन को सुगम बनाने के लिए तीन वरिष्ठ नेताओं को रैली प्रभारी नियुक्त किया।

इन रैली प्रभारियों को उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों से आने वाले कार्यकर्ताओं के बीच समन्वय स्थापित करने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। उन्होंने बसों, ट्रेनों और निजी वाहनों के जरिए कार्यकर्ताओं को बिना किसी असुविधा के दिल्ली पहुंचाने की व्यवस्था की। इसके साथ ही रामलीला मैदान में सपा समर्थकों के बैठने का प्रबंधन करने और दिल्ली की सुरक्षा एजेंसियों के साथ तालमेल बनाए रखने की जिम्मेदारी भी निभाई। पार्टी की रणनीति पश्चिमी और मध्य उत्तर प्रदेश के मजबूत क्षेत्रों से अधिक से अधिक समर्थकों को जुटाकर दिल्ली में अपनी संगठनात्मक ताकत का प्रदर्शन करने और राजनीतिक गलियारों में अपनी मजबूत मौजूदगी का संदेश देने की थी। (Akhilesh Yadav)





Vaishali
Author: Vaishali

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