Iran-US War: मध्य पूर्व (Middle East) में चल रहा तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच महीनों से जारी सैन्य टकराव के बीच ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ने सशस्त्र बलों को एक बड़ा और कड़ा आदेश जारी किया है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा है कि अगर अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर दोबारा सैन्य या आतंकवादी हमला किया, तो यह ईरान की सेना और ईरानी अवाम तय करेगी कि युद्ध कब, कहाँ और किन शर्तों पर खत्म होगा।
31 अक्टूबर 2026 को वरिष्ठ सैन्य कमांडरों के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक के बाद आया यह बयान न केवल ईरान की आक्रामक रणनीति को दर्शाता है, बल्कि यह भी साफ करता है कि तेहरान अब किसी भी दबाव के आगे झुकने को तैयार नहीं है।
Iran-US War: ‘भौगोलिक सीमाओं की कोई बंदिश नहीं’
सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई का यह आदेश केवल एक राजनीतिक बयान नहीं, बल्कि एक पूर्ण सैन्य रणनीति है। ईरान के सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई ने सशस्त्र बलों को आदेश दिया गया है कि दुश्मन की किसी भी नई हरकत या खतरे का तुरंत और बेहद प्रभावी ढंग से जवाब दिया जाए। खामेनेई ने साफ किया कि ईरान की जवाबी कार्रवाई किसी भी भौगोलिक सीमा में बंधी नहीं होगी। यानी इजरायल या अमेरिकी ठिकानों के अलावा, यह जवाबी कार्रवाई क्षेत्र में कहीं भी हो सकती है।
ईरानी सेना को निर्देश दिए गए हैं कि वे अमेरिका और इजरायल की सभी सैन्य और आर्थिक संपत्तियों की सूची को अपडेट करें ताकि वे हर वक्त ईरान की मिसाइलों और ड्रोनों की जद में रहें। ईरान ने संयुक्त अरब अमीरात (UAE), बहरीन, कुवैत, कतर, तुर्की और इराक जैसे अपने पड़ोसी देशों को भी सख्त लहजे में आगाह किया है। तेहरान ने साफ कहा है कि अगर किसी भी देश ने अपनी धरती या हवाई क्षेत्र का उपयोग अमेरिकी या इजराइली सेना को ईरान पर हमला करने के लिए करने दिया, तो उसे ईरान का दुश्मन माना जाएगा और उसके गंभीर परिणाम होंगे। (Iran-US War)
अमेरिका-इजरायल के हमले में अली खामेनेई की मौत, बेटे मोजतबा ने संभाली कमान
मध्य-पूर्व में यह अभूतपूर्व संकट इस साल फरवरी में तब शुरू हुआ था, जब अमेरिका और इजराइल ने मिलकर ईरान पर बड़े हवाई हमले किए थे, जिसमें पूर्व सुप्रीम लीडर आयतल्लाह अली खामेनेई की मौत हो गई थी। उनके बाद उनके 56 वर्षीय बेटे मोजतबा खामेनेई को नया सुप्रीम लीडर नियुक्त किया गया। तब से दोनों पक्षों के बीच मिसाइल और ड्रोन हमलों का दौर जारी रहा। हालांकि, जून में अमेरिका की मध्यस्थता में 12 दिनों के भीषण युद्ध के बाद एक अस्थायी युद्धविराम हुआ था, लेकिन हालिया दिनों में अमेरिकी सैन्य तैनाती और इजराइली बयानों ने फिर से युद्ध की सुगबुगाहट बढ़ा दी है।
अमेरिकी रणनीतिकारों के अनुसार, अमेरिका ने क्षेत्र में दो विमानवाहक पोत तैनात कर रखे हैं और तीसरा भी रास्ते में है, जिससे ईरान को नए हमलों का डर सता रहा है।
होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz): ईरान का सबसे बड़ा हथियार
सुप्रीम लीडर ने अपने भाषण में होर्मुज जलडमरूमध्य के महत्व पर जोर दिया। यह समुद्री रास्ता दुनिया भर में तेल की सप्लाई के लिए बेहद अहम है। ईरान ने इस रास्ते की नाकेबंदी जारी रखने का निर्देश दिया है। खामेनेई का कहना है कि इस रास्ते को बंद रखकर दुश्मन देशों पर दबाव बनाया जा सकता है। वहीं, हाल ही में इस रास्ते से गुजरने वाले कुछ तेल टैंकरों में आग लगने की घटनाओं के बाद दुनिया भर में तेल की सप्लाई और कीमतों को लेकर चिंता बढ़ गई है। (Iran-US War)
यह निर्देश ऐसे समय में आया है जब पश्चिम एशिया में तनाव लगातार बना हुआ है। ऐसे में मोजतबा खामेनेई का यह बयान सीधे तौर पर अमेरिका और इजरायल को कड़ी चेतावनी माना जा रहा है, जिससे क्षेत्र में आगे चलकर भू-राजनीतिक हलचल और सुरक्षा तनाव और ज्यादा बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
ट्रंप भी नहीं खत्म करना चाहते युद्ध
इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने ओवल ऑफिस में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि वाशिंगटन को भी ईरान के साथ युद्ध को खत्म करने की जल्दी में नहीं है। ट्रंप ने कहा कि यह कोई आम युद्ध नहीं है, हमें वहां सात महीने हो चुके हैं। वे अपने सैनिकों और पुलिस को वेतन नहीं दे पा रहे हैं, वे भारी मुसीबत में हैं और सच कहें तो हमारे पास समय है। ट्रंप ने यह भी स्वीकार किया कि दोनों पक्षों के बीच बातचीत की कोशिशें जारी हैं।
एक तरफ युद्ध की तैयारी, दूसरी तरफ कूटनीति की कोशिशें
भले ही ईरान की ओर से यह बेहद आक्रामक और सख्त बयान आया है, लेकिन पर्दे के पीछे कूटनीतिक प्रयास भी जारी हैं। रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिकी उप-राष्ट्रपति जेडी वेंस की ओर से ईरान को एक पत्र भेजे जाने के बाद कतर का एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल मध्यस्थता के लिए तेहरान पहुंचा है। (Iran-US War)
ईरान के भीतर भी राजनीतिक सरगर्मियां तेज हैं। ईरान के कई सांसदों ने सरकार से मांग की है कि वह परमाणु अप्रसार संधि (NPT) से बाहर आ जाए और यदि अमेरिका या इजराइल हमला करते हैं, तो अपनी रक्षा के लिए परमाणु बम विकसित करने की दिशा में कदम बढ़ाए।
कुल मिलाकर, मोजतबा खामेनेई की यह हालिया चेतावनी दर्शाती है कि ईरान किसी भी नए हमले का सामना करने के लिए न सिर्फ सैन्य रूप से तैयार है, बल्कि वह इस बार युद्ध का दायरा बढ़ाने से भी पीछे नहीं हटेगा। मध्य-पूर्व में शांति बनी रहेगी या बारूद का एक नया दौर शुरू होगा, यह पूरी तरह से आने वाले दिनों में अमेरिका और इजराइल के अगले कदम पर निर्भर करेगा।









