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Arunachal Pradesh Landslide: अरुणाचल में तीन घंटे की बारिश बनी आफत, बाढ़-भूस्खलन से भारी तबाही; हाईवे और पुल बहे

Arunachal Pradesh Landslide


Arunachal Pradesh Landslide: अरुणाचल प्रदेश के लोअर सुबनसिरी और केयी पन्योर जिलों में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण स्थिति अत्यंत चिंताजनक हो गई है। बुधवार सुबह को मात्र कुछ ही घंटों के भीतर हुई भारी बारिश के कारण की वजह से आई अचानक बाढ़ और भूस्खलन ने भारी तबाही मचाई है। घरों और कृषि भूमि को नुकसान पहुंचा और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे बह गए।

72.8 मिमी बारिश से अरुणाचल बेहाल, बाढ़ में बस्तियां डूबीं

इटानगर स्थित मौसम विज्ञान केंद्र द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, निचले सुबनसिरी जिले के याज़ाली में मंगलवार सुबह तक पिछले 24 घंटों में 72.8 मिमी बारिश दर्ज की गई। हालांकि, अधिकारियों ने बताया कि इस बारिश का अधिकांश हिस्सा सुबह 6 बजे से 9 बजे के बीच तीन घंटे की छोटी अवधि में हुआ, जिससे नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ा और स्थानीय जल निकासी व्यवस्था चरमरा गई। अचानक आई भीषण बारिश के कारण तोरू सर्कल के अंतर्गत आने वाले लुक्सिन गांव और यिये-I और यिये-II गांवों में बाढ़ आ गई। निवासियों ने बताया कि सुबह 6:30 बजे के कुछ ही समय बाद बाढ़ का पानी घरों में घुस गया और खेतों में भी बह गया।
(Arunachal Pradesh Landslide)

अरुणाचल में बाढ़ का तांडव, 18 क्वार्टर क्षतिग्रस्त, 3 लोग लापता

याजाली सर्कल के अंतर्गत पूसा स्थित नीपको (NEEPCO) प्रोजेक्ट कॉलोनी में एक निर्माणाधीन रिटेनिंग वॉल ढहने से अचानक तेज बहाव के साथ पानी बस्तियों में घुस गया। इससे कॉलोनी के कम से कम 18 आवासीय क्वार्टर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं। बाढ़ के तेज बहाव में बह जाने के कारण 3 लोग लापता बताए जा रहे हैं, जिनकी तलाश के लिए सर्च ऑपरेशन जारी है।

पुल बहा, क्षेत्रीय संपर्क टूटा; NEEPCO ने रोका बिजली उत्पादन

लगातार बारिश और बड़े पैमाने पर भूस्खलन के कारण NH-13 होज-पोटिन (Hoj-Potin) रोड और दोइमुख-होज राष्ट्रीय राजमार्ग पूरी तरह बंद हो गए हैं। कई जगहों पर मलबा और बोल्डर गिरने से सड़कें कीचड़ के दलदल में तब्दील हो गई हैं, जिससे ईटानगर से ज़ीरो (Ziro) जाने वाले यात्री बीच रास्ते में ही फंस गए हैं। अचानक आए पानी के तेज वेग के कारण एक प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्ग पुल बह गया है, जिससे क्षेत्रीय कनेक्टिविटी पूरी तरह टूट गई है। भारी बारिश के बाद पानी के बढ़ते इनफ्लो को देखते हुए एहतियात के तौर पर नॉर्थ ईस्टर्न इलेक्ट्रिक पावर कॉर्पोरेशन (NEEPCO) ने बिजली उत्पादन अस्थायी रूप से रोक दिया है और रंगानदी बांध का एक स्पिलवे गेट खोलकर अतिरिक्त पानी छोड़ना शुरू कर दिया है। (Arunachal Pradesh Landslide)

असम के चार सीमावर्ती जिलों में हाई अलर्ट, SDRF-NDRF तैयार

अरुणाचल की पहाड़ियों में दर्ज की गई 72.8 मिमी की भारी बारिश के चलते असम सरकार ने भी अपने सीमावर्ती निचले जिलों—धेमाजी, लखीमपुर, बिश्वनाथ और शोणितपुर को हाई अलर्ट पर रख दिया है। ब्रह्मपुत्र और उसकी सहायक नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ने की आशंका है। प्रभावित इलाकों में राज्य आपदा प्रबंधन बल (SDRF) की टीमों को तैनात किया गया है, तथा राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) को भी आपातकालीन स्थिति के लिए तैयार रहने को कहा गया है।

बादल फटने जैसी बारिश बनी तबाही की वजह, जलस्तर में तेज बढ़ोतरी

याजाली प्रशासन द्वारा पूर्व सैनिकों को भी मदद के लिए जुटाया गया है। जिला प्रशासन ने ठेकेदारों को जल्द से जल्द राजमार्ग से मलबा हटाने के निर्देश दिए हैं। यात्रियों को सलाह दी गई है कि जब तक सड़कें पूरी तरह सुरक्षित घोषित न हो जाएं, वे ज़ीरो और प्रभावित मार्गों पर यात्रा करने से पूरी तरह बचें। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अचानक आई बाढ़ कई दिनों तक लगातार हुई बारिश के कारण नहीं, बल्कि तीव्र बादल फटने जैसी बारिश के कारण हुई थी। जब कम समय में भारी मात्रा में बारिश होती है, खासकर पूर्वी हिमालय के ऊबड़-खाबड़ इलाकों में, तो पानी तेजी से पहाड़ी ढलानों से बहकर नालों और नदियों में चला जाता है। (Arunachal Pradesh Landslide)

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