Assam Politics: सियासत के अखाड़े से इस वक्त की सबसे बड़ी और दहला देने वाली खबर। असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा की एक ‘गन’ वाली तस्वीर ने देश की राजनीति में वो भूचाल ला दिया है, जिसकी तपिश अब हैदराबाद तक पहुँच गई है। विवाद इतना बढ़ गया है कि असदुद्दीन ओवैसी ने अब सीधा कानूनी मोर्चा खोल दिया है!
Assam Politics: हिमंता की एक तस्वीर और देशव्यापी भूचाल
विवाद की जड़ में है असम बीजेपी के आधिकारिक हैंडल से शेयर किया गया एक वीडियो। इस वीडियो ने सोशल मीडिया से लेकर संसद तक आग लगा दी है। आपको बता दें, आरोप है कि इस वीडियो में मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा को प्रतीकात्मक रूप से एक विशेष समुदाय (मुसलमानों) पर गोली चलाते हुए दिखाया गया है।
विपक्ष का दावा है कि यह वीडियो नफरत फैलाने और हिंसा को उकसाने का सीधा प्रयास है। तो वहीं, हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने इसे हल्के में लेने से साफ़ इनकार कर दिया है। उन्होंने हैदराबाद पुलिस में आधिकारिक FIR दर्ज कराई है। (Assam Politics)

पोस्ट डिलीट, पर विवाद बरकरार: “सिर्फ वीडियो हटाना काफी नहीं!”
हालांकि भारी विरोध के बाद असम बीजेपी ने वीडियो को सोशल मीडिया से हटा तो दिया, लेकिन विपक्ष का गुस्सा शांत होने का नाम नहीं ले रहा है। उनका कहना है कि, सिर्फ पोस्ट डिलीट करना काफी नहीं है! ज़हर की जो पुड़िया आपने समाज में घोली है, उसका हिसाब तो देना होगा। क्या एक मुख्यमंत्री को ऐसी हिंसक भाषा और संकेतों का इस्तेमाल शोभा देता है?
आपको बता दें, एक तरफ जहाँ हिमंता बिस्वा सरमा के समर्थक इसे उनका ‘बोल्ड’ और ‘कड़क’ अंदाज़ बता रहे हैं, तो वहीं दूसरी ओर संविधान के रक्षक इसे लोकतंत्र के लिए ख़तरा मान रहे हैं। बहरहाल सियासत में प्रतीकों का बड़ा महत्व होता है, लेकिन जब ‘गन’ और ‘गोली’ जैसे प्रतीकों का इस्तेमाल एक समुदाय विशेष को डराने के लिए किया जाए, तो वह राजनीति नहीं, बल्कि अराजकता की ओर इशारा करता है। आज की यह FIR केवल एक कानूनी दस्तावेज़ नहीं, बल्कि हिमंता के ‘फायर’ ब्रांड अंदाज़ को सीधी चुनौती है। (Assam Politics)









