Attack On Abhishek Banerjee: शनिवार को पश्चिम बंगाल के सोनारपुर (दक्षिण 24 परगना) में अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस (AITC) के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी पर एक हिंसक हमला हुआ, जिसके बाद राज्य में राजनीतिक तनाव चरम पर पहुंच गया है। अभिषेक बनर्जी पर सोनारपुर दौरे के दौरान हुए कथित हमले की निंदा की है और भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर हिंसा को बढ़ावा देने और पश्चिम बंगाल में कानून व्यवस्था की बिगड़ती स्थिति में योगदान देने का आरोप लगाया।
Attack On Abhishek Banerjee: ‘दिनदहाड़े सांसद सुरक्षित नहीं तो आम जनता का क्या?’— हमले पर टीएमसी का सवाल
सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट में, पार्टी ने कहा कि इस घटना ने भाजपा की राजनीति का असली चेहरा उजागर किया है और सार्वजनिक सुरक्षा के बारे में गंभीर चिंताएं पैदा की हैं। पार्टी ने कहा, ‘भाजपा बंगाल की राजनीति का असली चेहरा बेनकाब हो गया है। आज हमारे राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी पर हुआ हमला इस बात का एक और उदाहरण है कि इस बेशर्म शासन में कानून-व्यवस्था कितनी तेजी से बिगड़ रही है। अगर विपक्ष के एक मौजूदा सांसद को दिन दहाड़े निशाना बनाया जा सकता है, तो आम नागरिकों के लिए क्या उम्मीद बची है?’
टीएमसी का आरोप- राजनीतिक हिंसा और प्रतिशोध की राजनीति का उदाहरण है हमला
AITC ने यह सवाल भी उठाया कि क्या इस तरह की घटनाएं भाजपा के सुशासन के दावों को दर्शाती हैं। पार्टी ने कहा, ‘क्या यही भाजपा का लोकतंत्र का विचार है? क्या यही वह ‘सुशासन’ है, जिसका दावा प्रधानमंत्री मोदी लगातार करते रहते हैं? हिंसा, धमकियां और राजनीतिक गुंडागर्दी भाजपा शासन की पहचान बन गई हैं। इसके लिए जिम्मेदार लोग आज भले ही राजनीतिक संरक्षण का आनंद ले रहे हों, लेकिन वे जवाबदेही से हमेशा के लिए नहीं बच सकते। बंगाल देख रहा है। भारत देख रहा है। पूरी दुनिया देख रही है।’ (Attack On Abhishek Banerjee)
पार्टी ने पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी को भी निशाना बनाते हुए आरोप लगाया कि यह घटना धमकी, हिंसा और प्रतिशोध पर आधारित राजनीति की शैली को दर्शाती है। इससे पहले दिन में, तृणमूल कांग्रेस ने आरोप लगाया कि अभिषेक बनर्जी को कुछ भाजपा समर्थकों द्वारा पीट-पीटकर मार डाला गया और उन पर हमला किया गया, जब वह उस व्यक्ति के परिवार से मिलने गए थे, जिसके बारे में पार्टी का दावा है कि उसकी हत्या भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा की गई थी।
पत्थर, अंडे और जूतों से हुआ हमला, सुरक्षाकर्मियों ने हेलमेट पहनाकर निकाला सुरक्षित
जानकारी के मुताबकि, अभिषेक बनर्जी हाल ही में संपन्न हुए विधानसभा चुनाव के बाद हुई हिंसा में मारे गए टीएमसी कार्यकर्ता संजू कर्माकर के परिवार से मिलने सोनारपुर के कमराबाद इलाके में गए थे। जब वे वहां पहुंचे, तो प्रदर्शनकारियों की भारी भीड़ ने उन्हें घेर लिया और “चोर-चोर” के नारे लगाने शुरू कर दिए। उग्र भीड़ ने उनके काफिले पर पत्थर, ईंटें, जूते और कच्चे अंडे फेंके। प्रदर्शनकारियों ने उनके साथ कथित तौर पर मारपीट की, जिससे उनके कपड़े फट गए और चश्मा टूट गया। सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें सुरक्षित बाहर निकालने के लिए तुरंत हेलमेट पहनाया। इस हमले में आँख और पैरों में चोट आने के कारण उन्हें कोलकाता के अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया है। (Attack On Abhishek Banerjee)
अभिषेक बनर्जी बोले- मुझे जान से मारने की कोशिश हुई, कोर्ट जाने की दी चेतावनी
बनर्जी ने आरोप लगाया कि उनकी जान लेने की कोशिश की गई थी और कहा कि वह इस घटना को लेकर अदालतों का रुख करेंगे। उन्होंने कहा, ‘वे मुझे जान से मारना चाहते थे। पूरी घटना कैमरे में कैद हो गई है। हम उच्च न्यायालय को इसकी जानकारी देंगे। हम राज्यपाल को भी इसकी जानकारी देंगे। मैं निश्चित रूप से अदालत का रुख करूंगा।’ अभिषेक बनर्जी ने आगे कहा कि यह सब भाजपा द्वारा प्रायोजित है। देखिए उन्होंने क्या किया है। यही उनके द्वारा लोकतंत्र का उदाहरण है। अभी एक महीना भी नहीं बीता है और पुलिस का नामोनिशान नहीं है। (Attack On Abhishek Banerjee)
बीजेपी ने आरोपों को किया खारिज
वहीं, भारतीय जनता पार्टी ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है और घटना में किसी भी प्रकार की संलिप्तता से इनकार किया है। भाजपा नेताओं का कहना है कि यह जनता का स्वाभाविक आक्रोश है जो टीएमसी के शासन और भ्रष्टाचार के खिलाफ फूटा है। राजनीतिक मतभेदों से परे हटकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी अभिषेक बनर्जी पर हुए इस हमले की निंदा की और कहा कि लोकतंत्र में हिंसा के लिए कोई स्थान नहीं है। सोनारपुर की इस घटना के बाद इलाके में भारी पुलिस बल और केंद्रीय सुरक्षा बलों को तैनात किया गया है। चुनाव नतीजों के बाद से ही राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर टीएमसी और बीजेपी के बीच तीखी राजनीतिक जंग छिड़ी हुई है।









