Ayodhya Deepotsav 2025: अयोध्या दीपोत्सव 2025 के लिए तैयारियां जोरों पर हैं। यह आयोजन 18 से 20 अक्टूबर 2025 तक होगा, जिसमें भगवान राम की अयोध्या वापसी की याद में भव्य समारोह मनाया जाएगा। इस बार का दीपोत्सव अब तक का सबसे भव्य होगा, जिसमें 26 लाख से अधिक दीये जलाकर गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने का लक्ष्य है।
यह त्योहार भगवान राम की अयोध्या में विजयी वापसी की याद दिलाता है, जो अंधकार पर प्रकाश की तथा बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक है। राम की पैड़ी पर 45 मिनट का एक शो प्रोजेक्शन मैपिंग, लेज़र इफेक्ट्स, आतिशबाजी, संगीत और कथावाचन के माध्यम से भगवान राम की कथा सुनाएगा, जिसमें 100 से ज़्यादा कलाकार शामिल होंगे।
दीपोत्सव की मुख्य विशेषताएं-
- प्रोजेक्शन मैपिंग शो: राम की पैड़ी पर 45 मिनट का शो होगा, जिसमें भगवान राम की कथा सुनाई जाएगी।
- दीयों की संख्या: 26,11,101 दीये जलाकर नया रिकॉर्ड बनाया जाएगा।
- झांकियां: सरयू नदी के किनारे 200 मीटर की दूरी पर रामायण के विभिन्न प्रसंगों को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया जाएगा।
- लेजर शो और आतिशबाजी: आकर्षण का केंद्र होंगे।
- कलाकारों की प्रस्तुति: 100 से अधिक कलाकार लाइव परफॉर्मेंस देंगे।
पर्यटन मंत्री की घोषणा (Ayodhya Deepotsav 2025)
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि दीपोत्सव-2025 (Ayodhya Deepotsav 2025) में आधुनिक तकनीक का उपयोग करके भगवान राम के अयोध्या लौटने की खुशी को पुनः जीवंत किया जाएगा। एक ओर जहाँ पूरा शहर रोशनी से जगमगाएगा, वहीं दूसरी ओर सरयू नदी के तट पर 26 लाख से अधिक दीये जलाकर गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया जाएगा।
देश-विदेश से श्रद्धालु और पर्यटक इस भव्य उत्सव के साक्षी बनेंगे। यह उत्सव पिछले सभी दीपोत्सवों को पीछे छोड़ देगा और आगंतुकों को एक अविस्मरणीय अनुभव प्रदान करने के लिए युद्धस्तर पर तैयारियाँ की जा रही हैं।
झांकियों के माध्यम से रामायण प्रस्तुत
सरयू नदी के किनारे 200 मीटर की दूरी पर झांकियों के माध्यम से रामायण के विभिन्न प्रसंगों को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया जाएगा। पर्यटन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, दृश्य तकनीक, नृत्यकला, वेशभूषा, संगीत और वर्णन का सम्मिश्रण दर्शकों को एक अनूठा अनुभव प्रदान करेगा।
मंच की सजावट और कलाकारों की वेशभूषा दीपोत्सव की भावना और परंपरा की भव्यता को और बढ़ाएगी। अयोध्या का दीपोत्सव-2025 परंपरा, संस्कृति और आधुनिक तकनीक का अद्भुत संगम होगा, जो वैश्विक मंच पर एक विशिष्ट पहचान स्थापित करेगा। (Ayodhya Deepotsav 2025)









