Ayodhya Ramlila 2025: भगवान श्रीराम की नगरी अयोध्या ने एक बार फिर विश्व पटल पर अपनी पहचान बनाई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के असाधारण प्रयासों और मार्गदर्शन में, अयोध्या की रामलीला आज दुनिया की सबसे बड़ी और भव्य रामलीला बन गई है।
डिजिटल क्रांति के युग में, यह आयोजन केवल भारत तक सीमित न रहकर, एक वैश्विक सांस्कृतिक उत्सव बन गया है। इस वर्ष, रामलीला का 50 से अधिक देशों में ऑनलाइन प्रसारण किया गया और कुल 62 करोड़ से अधिक राम भक्तों ने इसे देखा।
3D तकनीक का जादू
जानकारी के मुताबिक, दिल्ली और मुंबई से आए 250 से ज़्यादा फ़िल्मी कलाकारों ने इस रामलीला को भव्य रूप दिया। 3-डी तकनीक और आधुनिक मंच सज्जा ने इस धार्मिक आयोजन को और भी आकर्षक बना दिया। न सिर्फ़ मंच पर, बल्कि पर्दे पर भी यह आयोजन एक नया इतिहास रच रहा है।
इस वर्ष रामलीला के सीधे प्रसारण पर 10 करोड़ रुपये से ज़्यादा खर्च किए गए ताकि ज़्यादा से ज़्यादा रामभक्तों तक पहुँचा जा सके। यह प्रसारण, ‘आराधना’, टाटा प्ले, शेमारू मी, VI ऐप, एयरटेल, शेमारू भक्ति यूट्यूब चैनल, फेसबुक पेज और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म पर प्रसारित किया गया।
Ayodhya Ramlila 2025: डिजिटल युग में रामलीला
गौरतलब है कि कोरोना काल में शुरू हुई अयोध्या की डिजिटल रामलीला हर साल दर्शकों की संख्या के नए रिकॉर्ड बना रही है। गूगल डेटा के अनुसार, 2020 में 16 करोड़, 2021 में 20 करोड़, 2022 में 25 करोड़, 2023 में 40 करोड़, 2024 में 41 करोड़ और 2025 में 62 करोड़ दर्शकों ने इसे देखा।
इस सपने को साकार करने में उत्तर प्रदेश सरकार की अहम भूमिका रही। 2020 में जब रामलीला शुरू हुई तो तत्कालीन पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री नीलकंठ तिवारी ने इस भव्य आयोजन का उद्घाटन किया, वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसे वैश्विक स्तर पर पहुँचाने का मार्ग प्रशस्त किया।
Ayodhya Ramlila 2025: रामलीला का वैश्विक विस्तार
रामलीला समिति के संस्थापक सुभाष मलिक और शुभम मलिक ने इस आयोजन को डिजिटल क्रांति का प्रतीक बना दिया। रामनगरी अयोध्या में मंचित यह रामलीला पूरी दुनिया की रामलीला बन गई है। भारत, नेपाल, श्रीलंका, पाकिस्तान, बांग्लादेश, अफ़ग़ानिस्तान, भूटान, म्यांमार, थाईलैंड, इंडोनेशिया, मलेशिया, सिंगापुर, वियतनाम, चीन, जापान, दक्षिण कोरिया, मंगोलिया, ऑस्ट्रेलिया, न्यूज़ीलैंड, यूएई, सऊदी अरब, कतर, ओमान, बहरीन, कुवैत, मॉरीशस, फ़िजी, त्रिनिदाद और टोबैगो, केन्या, नाइजीरिया, इंग्लैंड, फ्रांस, जर्मनी, इटली, स्पेन, नीदरलैंड, रूस, कनाडा, अमेरिका आदि देशों में रामलीला का आयोजन किया जा रहा है। इसे ब्राजील जैसे देशों में करोड़ों राम भक्तों ने देखा।
अयोध्या की रामलीला ने यह सिद्ध कर दिया कि श्री राम की कथा केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि विश्व को जोड़ने वाला एक सांस्कृतिक सेतु है। योगी सरकार के सहयोग और डिजिटल तकनीक के संगम ने रामलीला को विश्व पटल पर लाकर भारतीय संस्कृति की अद्भुत ध्वजा फहरा दी है।
बॉलीवुड की चमक
श्री राम की नगरी अयोध्या में आयोजित भव्य रामलीला इस साल सितारों से सजी रामलीला के साथ और भी खास हो गई। बॉलीवुड और टीवी जगत के दिग्गज कलाकारों ने अपने अद्भुत अभिनय से इस आयोजन को यादगार बना दिया।
प्रसिद्ध अभिनेत्री भाग्यश्री ने माता सीता की भूमिका निभाई। विंदू दारा सिंह ने अपने दमदार अभिनय से हनुमानजी के चरित्र को जीवंत कर दिया। अपनी खलनायक भविष्यवाणियों के लिए प्रसिद्ध शाहबाज खान ने रावण की भूमिका निभाई। अनुभवी अभिनेता अनिल धवन ने विभीषण की भूमिका निभाई। हास्य कलाकार सुनील पाल ने नारदमुनि बनकर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
इसके अलावा मनोज तिवारी, रवि किशन, राकेश बेदी, रजा मुराद, अशरानी, अवतार गिल, रितु शिवपुरी, शीबा और अरुण बख्शी ने भी अपने-अपने किरदारों से रामलीला की भव्यता बढ़ाई। मिस यूनिवर्स 2024 और 2025 ने भी रामलीला के दौरान विशेष प्रदर्शन देकर इस आयोजन को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया, जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आकर्षण का केंद्र बन गया है।
प्रधानमंत्री मोदी का आशीर्वाद
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हर साल अयोध्या की रामलीला समिति को पत्र लिखकर अपना आशीर्वाद और शुभकामनाएँ भेजते हैं। इस परंपरा ने इस आयोजन के महत्व और पवित्रता को और बढ़ा दिया है।









