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भोजशाला में ‘महादेव’ के प्रमाण! क्या मंदिर तोड़कर बनी थी मस्जिद?

Bhojshala Mandir Masjid Controversy

Bhojshala Mandir Masjid Controversy: आज इतिहास के पन्नों से एक ऐसी सच्चाई बाहर आई है, जिसने पूरे देश में वैचारिक भूचाल ला दिया है। धार की विवादित भोजशाला में एएसआई (ASI) के वैज्ञानिक सर्वे की जो रिपोर्ट सामने आई है, उसने सदियों पुराने दावों की चूलें हिला दी हैं। खुदाई और जांच के दौरान मिले अवशेषों ने उस सच पर से पर्दा उठा दिया है जो अब तक दबा हुआ था।

Bhojshala Mandir Masjid Controversy: शिलालेखों पर ‘ॐ नमः शिवाय’ अंकित

​ASI की इस रिपोर्ट ने उन दावों को प्रचंड मजबूती दी है जो इसे वाग्देवी (सरस्वती) का मंदिर बताते रहे हैं। सर्वे में जो मिला है, वह किसी के भी रोंगटे खड़े कर देने के लिए काफी है। आपको बता दें कि, विशेषज्ञों को जांच के दौरान ऐसे शिलालेख मिले हैं, जिन पर स्पष्ट रूप से ‘ॐ नमः शिवाय’ अंकित है। यह केवल पत्थर नहीं, बल्कि एक जीवंत प्रमाण है। मलबे और दीवारों की परतों के नीचे से प्राचीन हिंदू देवी-देवताओं की मूर्तियां और नक्काशीदार स्थापत्य अवशेष प्राप्त हुए हैं। (Bhojshala Mandir Masjid Controversy)

​मिट्टी के बर्तनों, धातु की वस्तुओं और प्राचीन सिक्कों ने इस स्थल की पौराणिकता पर मुहर लगा दी है। साल 1951 में जिस ‘प्राचीन और ऐतिहासिक स्मारक अधिनियम’ के तहत भोजशाला और कमाल मौला मस्जिद को एक साझा राष्ट्रीय स्मारक घोषित किया गया था, आज उस कानून की बुनियाद पर सवाल खड़े हो गए हैं।

अदालत में ‘गेम चेंजर’ साबित होंगे ये साक्ष्य

अगर नींव में मंदिर के अवशेष हैं, अगर दीवारों पर सनातन संस्कृति के मंत्र खुदे हैं, तो क्या इसे अब भी केवल एक साझा स्मारक माना जा सकता है? ASI की यह रिपोर्ट उस ‘ऐतिहासिक गलती’ को सुधारने की दिशा में पहला कदम मानी जा रही है। अब यह मामला अदालत में और भी मजबूत हो गया है। शिलालेखों और मूर्तियों के साक्ष्य कोर्ट में ‘गेम चेंजर’ साबित होंगे। (Bhojshala Mandir Masjid Controversy)

इतिहास गवाह है कि सच को ज्यादा देर तक दबाया नहीं जा सकता। भोजशाला की दीवारों से निकल रहे ‘ॐ’ के स्वर और पत्थरों पर उकेरी गई शिव की स्तुति आज चिल्ला-चिल्लाकर कह रही है कि सत्य क्या है। यह रिपोर्ट सिर्फ एक दस्तावेज नहीं, बल्कि उस प्राचीन गौरव की वापसी की हुंकार है जिसे वक्त की धूल ने ढक दिया था। अब फैसला न्याय की तराजू पर होगा!

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