Bhupen Bora Joins Bjp: सियासत के माहिर खिलाड़ी और असम में कांग्रेस की नब्ज पहचानने वाले भूपेन बोरा अब मोदी-शाह और हिमंत बिस्वा सरमा की टीम के सिपाही बन चुके हैं। 32 सालों तक जिस कांग्रेस को उन्होंने अपने खून-पसीने से सींचा, आज उसी को ‘राम-राम’ कह दिया।
Bhupen Bora Joins Bjp: ‘डबल इंजन’ की रफ्तार और कांग्रेस की अंदरूनी कलह
बीजेपी मुख्यालय में आज दीवाली जैसा माहौल है। कार्यकर्ताओं का जोश सातवें आसमान पर है क्योंकि उन्हें पता है कि भूपेन बोरा के आने का मतलब है—असम में कांग्रेस का ‘गेम ओवर’। यदि सूत्रों की मानें तो भूपेन बोरा कांग्रेस की अंदरूनी खींचतान और दिशाहीन नेतृत्व से तंग आ चुके थे।
16 फरवरी को जब उन्होंने इस्तीफा दिया, तो दिल्ली से लेकर गुवाहाटी तक कांग्रेस के आलाकमान ने उनके पैर पकड़े, मिन्नतें कीं, लेकिन बोरा का फैसला अटल था। उन्हें दिख रहा था कि असम के विकास का इंजन सिर्फ और सिर्फ ‘डबल इंजन सरकार’ ही है। (Bhupen Bora Joins Bjp)

हिमंत बिस्वा सरमा का ‘मास्टरस्ट्रोक’
आपको बता दें कि, भूपेन बोरा का बीजेपी में आना सिर्फ एक नेता का आना नहीं है, बल्कि यह असम की राजनीति के पूर्ण ‘भगवाकरण’ की मुहर है। चुनाव से ठीक पहले इस ‘मास्टरस्ट्रोक’ ने मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा को और भी अजेय बना दिया है। अब असम में मुकाबला बचा ही नहीं है, क्योंकि विपक्ष का सेनापति ही अब प्रधानमंत्री मोदी के विकास मिशन का हिस्सा बन चुका है! (Bhupen Bora Joins Bjp)
असम में अब सिर्फ एक ही नाम की गूँज है— ‘कमल’। कांग्रेस के लिए यह सिर्फ एक इस्तीफा नहीं, बल्कि उसकी विदाई का फरमान है। अब असम में मुकाबला बचा ही नहीं, क्योंकि सेनापति (भूपेन बोरा) अब भाजपा की सेना में शामिल हो चुके हैं!









