Bihar CM Samarth Chaudhry: बिहार की राजनीति में आज वह दिन आ गया जिसका इंतज़ार भारतीय जनता पार्टी पिछले तीन दशकों से कर रही थी। 15 अप्रैल 2026 को सम्राट चौधरी ने बिहार के 24वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ले ली है। यह सिर्फ एक नेता का शपथ लेना नहीं है, बल्कि पिछले 20 साल से चली आ रही ‘नीतीश प्रधान’ राजनीति के पूरी तरह बदल जाने का संकेत है। नीतीश कुमार अब राज्यसभा जा चुके हैं और उनकी जगह भाजपा के कद्दावर नेता सम्राट चौधरी ने कमान संभाल ली है। इस नई सरकार का स्वरूप सबसे दिलचस्प है जहाँ मुख्यमंत्री भाजपा का है, वहीं दोनों उपमुख्यमंत्री जेडीयू कोटे से बने हैं।
BJP के लिए ‘आत्मसम्मान’ की वापसी, 2029 का लॉन्चपैड तैयार
बिहार की राजनीति में बीजेपी हमेशा ‘जूनियर पार्टनर’ की भूमिका में रही। कभी वह नीतीश कुमार के पीछे खड़ी होती थी, तो कभी गठबंधन की मजबूरियों में दबी रहती थी। लेकिन आज लोक भवन में जब सम्राट चौधरी ने ‘वंदे मातरम’ के नारों के बीच शपथ ली, तो बीजेपी का वह ‘आत्मसम्मान’ लौट आया जिसके लिए उसने सालों संघर्ष किया। यह पहली बार है जब बीजेपी का कोई नेता सीधे तौर पर बिहार का मुख्यमंत्री बना है। शपथ ग्रहण में जेपी नड्डा, चिराग पासवान और शिवराज सिंह चौहान की मौजूदगी ने बता दिया कि पार्टी के लिए यह मोमेंट कितना खास है। बीजेपी के लिए यह 2029 के लोकसभा चुनाव की वो लॉन्चपैड है, जहाँ से वे बिहार को ‘भगवा रंग’ में पूरी तरह रंगने की तैयारी करेंगे। Bihar CM Samarth Chaudhry
कौन हैं सम्राट चौधरी? OBC कार्ड और ‘पगड़ी संकल्प’ की कहानी
57 साल के सम्राट चौधरी का मुख्यमंत्री बनना बिहार के सामाजिक समीकरणों को साधने की बड़ी कोशिश है। सम्राट चौधरी कोइरी समाज से आते हैं, जो बिहार का प्रभावशाली ओबीसी वोट बैंक है। वे इस समाज से मुख्यमंत्री बनने वाले दूसरे नेता हैं। उनसे पहले 1968 में सतीश प्रसाद सिंह सिर्फ 5 दिन CM रहे थे। सम्राट का सफर उतार-चढ़ाव भरा रहा है। 1999 में राबड़ी देवी की सरकार में सबसे युवा मंत्री बने, फिर RJD और JDU से होते हुए 2017 में BJP में आए।
सम्राट चौधरी की पहचान ‘संकल्प’ वाले नेता की है। 2022 में जब नीतीश ने पाला बदला था, तब सम्राट ने भगवा पगड़ी बांधकर कसम खाई थी कि नीतीश को सत्ता से बाहर किए बिना नहीं खोलेंगे। 2024 में गठबंधन के बाद उन्होंने अयोध्या जाकर पगड़ी प्रभु राम को समर्पित की। आज CM बनकर वह संकल्प एक नए रूप में पूरा हुआ है। यह ‘लार्जर दैन लाइफ’ अंदाज़ ही उन्हें कार्यकर्ताओं में लोकप्रिय बनाता है। Bihar CM Samarth Chaudhry
उल्टा पड़ा फॉर्मूला: BJP का CM, JDU के दो डिप्टी CM
इस नई सरकार का सबसे चौंकाने वाला पहलू डिप्टी CM का पद है। अब तक बिहार में बीजेपी के दो डिप्टी सीएम का ट्रेंड था, लेकिन इस बार फॉर्मूला पूरी तरह पलट गया है। अब बीजेपी का CM है और जेडीयू के दो डिप्टी सीएम हैं: विजय कुमार चौधरी और बिजेंद्र प्रसाद यादव। यह बिहार के इतिहास में पहली बार है जब जेडीयू कोटे से दो नेता उपमुख्यमंत्री बने हैं। नीतीश कुमार ने दिल्ली जाने से पहले पार्टी की कमान अपने दो सबसे भरोसेमंद साथियों को सौंपी है। Bihar CM Samarth Chaudhry
JDU के ‘भीष्म पितामह’ और ‘राइट हैंड’ संभालेंगे सरकार
बिजेंद्र प्रसाद यादव: बिहार की राजनीति के ‘भीष्म पितामह’ कहे जाने वाले बिजेंद्र यादव 1990 से लगातार सुपौल से विधायक हैं। 36 सालों में हर सरकार में मंत्री रहे। लालू और नीतीश दोनों के करीबी रहे बिजेंद्र यादव की छवि ईमानदार और प्रशासनिक पकड़ वाले नेता की है। कोसी इलाके में उनका गहरा प्रभाव है।
विजय कुमार चौधरी: नीतीश कुमार के ‘राइट हैंड’ और रणनीतिकार माने जाने वाले विजय चौधरी SBI की नौकरी छोड़कर राजनीति में आए। विधानसभा अध्यक्ष और वित्त जैसे अहम मंत्रालय संभाल चुके हैं। उन्हें डिप्टी CM बनाना दिखाता है कि नीतीश सरकार में ‘मैनेजमेंट’ और ‘डिप्लोमेसी’ में माहिर चेहरा चाहते हैं। Bihar CM Samarth Chaudhry
‘सम्राट युग’ से क्या बदलेगा? कानून-व्यवस्था पर फोकस
सम्राट चौधरी के CM बनने से ‘गवर्नेंस’ का मॉडल बदलने की उम्मीद है। गृह मंत्रालय का अनुभव होने से कानून-व्यवस्था पर सख्ती दिख सकती है। बीजेपी इस बार ‘फ्री-हैंड’ मोड में काम करना चाहेगी ताकि जनता को दिखा सके कि उनका मॉडल नीतीश के मॉडल से बेहतर है। सम्राट की आक्रामकता और विजय-बिजेंद्र के अनुभव का यह संगम नया प्रयोग है। Bihar CM Samarth Chaudhry
BJP का ‘पॉलिटिकल टेस्ट केस’ और 2029 का रोडमैप
पॉलिटिकल एक्सपर्ट्स मानते हैं कि सम्राट चौधरी का CM बनना भाजपा का बड़ा ‘पॉलिटिकल टेस्ट केस’ है। पार्टी देखना चाहती है कि क्या RJD/JDU से आया एक OBC चेहरा BJP के कोर नैरेटिव को आगे ले जा सकता है। सफल होने पर वे बिहार के ‘हिमंता बिस्वा सरमा’ साबित होंगे। यह 2029 के लिए नीतीश की छाया से निकलकर खुद को मुख्य शक्ति बनाने की तैयारी है। पिछड़ा और अति-पिछड़ा वर्ग में पैठ मज़बूत करना भी लक्ष्य है। Bihar CM Samarth Chaudhry
नई तिकड़ी के कंधों पर बिहार का भविष्य
‘सम्राट युग’ की शुरुआत सिर्फ सत्ता परिवर्तन नहीं, बल्कि बिहार की सोच का नया रोडमैप है। 15 अप्रैल 2026 की सुबह नई चुनौतियाँ और उम्मीदें लाई है। सम्राट चौधरी पर 13 करोड़ बिहारियों की उम्मीदें हैं, वहीं विजय चौधरी और बिजेंद्र यादव पर JDU की विरासत बचाने का जिम्मा। अब देखना है कि क्या यह तिकड़ी बिहार को विकास के रास्ते पर ले जाएगी या गठबंधन की नई केमिस्ट्री पुराने ढर्रे पर लौट आएगी। Bihar CM Samarth Chaudhry









