By-Vaishali
Bihar Election 2025: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को बिहार के पटना में एक चुनावी रैली के दौरान राष्ट्रीय जनता दल (राजद) और उसके सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव पर तीखा हमला बोला। उन्होंने लालू-राबड़ी शासनकाल के 15 साल को ‘जंगल राज’ बताते हुए आरोप लगाया कि इस दौरान बिहार लगभग आधी सदी पीछे चला गया। शाह ने तेजस्वी यादव पर परोक्ष हमला करते हुए कहा कि वही जंगलराज आज बिहार की जनता के सामने है, नए चेहरों के साथ और वोट मांगते हुए।

अमित शाह का ऐतिहासिक हमला: जंगल राज के 15 साल का विश्लेषण (Bihar Election 2025)
अमित शाह ने कहा कि वह कौन सा युग था, जिसमें बिहार एक बीमारू राज्य बन गया। अकेले जंगल राज के 15 वर्षों में, बिहार ने अपना गौरव, धन और ज्ञान खो दिया। जंगल राज के 15 साल के कालखंड में, बिहार ने अपनी गरिमा, वैभव और हर प्रकार की उत्कृष्टता खो दी। कल्पना कीजिए कि वे 15 वर्ष कैसे रहे होंगे। वह कालखंड जिसमें बिहार की प्रतिष्ठा गिरी।
केंद्रीय मंत्री ने आगे आरोप लगाया कि आजादी के बाद बिहार में स्थापित उद्योग “लालू यादव के जंगलराज” के कारण राज्य से चले गए। उन्होंने कहा कि जब वह (लालू यादव) भ्रष्टाचार के मामले में जेल से बाहर आए और हाथी पर जुलूस निकाला गया, तो हम इस तरह की बेशर्मी को समझ नहीं पाए। आजादी के समय बिहार में जो उद्योग स्थापित हुए थे, वे धीरे-धीरे बिहार छोड़ने लगे। उस 15 साल के शासन ने बिहार को लगभग आधी सदी पीछे धकेल दिया। वही ‘जंगल राज’ आज नए चेहरों के साथ बिहार की जनता के सामने है।

बिहार में इस बार सिर्फ दो चरणों में विधानसभा चुनाव हो रहे हैं, ऐसे में शाह ने महागठबंधन पर निशाना साधते हुए कहा कि मैं लालू और राहुल कंपनी से पूछना चाहता हूं कि पहले बिहार में 6 चरणों में चुनाव होते थे, जबकि अब सिर्फ 2 चरणों में चुनाव हो रहे हैं। इसे 6 चरणों में करना पड़ा क्योंकि इतने सुरक्षा इंतजाम नहीं किए जा सकते थे और अब यह 2 चरणों में हो रहा है क्योंकि बिहार सुरक्षित हो गया है। (Bihar Election 2025)
अमित शाह ने आगे कहा कि आजादी से लेकर अनेक वर्षों तक बिहार ने देश के राजनीतिक जीवन, सामाजिक जीवन और देश के इतिहास में बहुत महत्वपूर्ण योगदान दिया है। हम सबको सोचना होगा कि अपने गौरवशाली इतिहास वाले बिहार को ऐसा क्या हो गया कि वह धीरे-धीरे एक बीमारू राज्य बन गया। जिस बिहार ने कभी देश के संविधान निर्माण के लिए संविधान सभा का अध्यक्ष दिया। जिस बिहार ने आजादी से पहले और बाद में लोकतंत्र पर हुए हमले के खिलाफ लड़ाई का नेतृत्व किया। वह बिहार अचानक ऐसा कैसे हो गया कि अब पूरे देश में उसे एक पिछड़े राज्य के रूप में जाना जाता है?
बता दें, बिहार चुनाव 2025 के लिए मतदान 6 और 11 नवंबर को होगा। नतीजे 14 नवंबर को घोषित किए जाएंगे। एनडीए ने आगामी बिहार विधानसभा चुनावों के लिए अपनी सीट बंटवारे की व्यवस्था को अंतिम रूप दे दिया है, जिसमें भाजपा और जनता दल (यूनाइटेड) 101-101 निर्वाचन क्षेत्रों में चुनाव लड़ेंगे।
केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी की हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (सेक्युलर) और राज्यसभा सांसद उपेंद्र कुशवाहा की राष्ट्रीय लोक मोर्चा (आरएलएम) को छह-छह सीटें आवंटित की गई हैं, जबकि केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) 29 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। (Bihar Election 2025)









