Bihar Election 2025: बिहार विधानसभा चुनाव से पहले राज्य में राजनीतिक माहौल गरमाया हुआ। सभी प्रमुख पार्टियां और गठबंधन एक-दूसरे पर जमकर बयानबाजी कर रहे हैं। इस बीच, जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने कहा है कि बिहार के पूर्व सीएम लालू प्रसाद यादव और वर्तमान सीएम नीतीश कुमार राज्य में सभी परेशानियों की जड़ हैं।
Bihar Election 2025: बिहार के प्रवासियों से अपील
पत्रकारों से बातचीत के दौरान प्रशांत किशोर ने बिहार के उन लोगों से अपील की जो दूसरे राज्यों में रहकर जीविकोपार्जन करते हैं, वे लालू प्रसाद यादव की राष्ट्रीय जनता दल (राजद) और नीतीश कुमार की जनता दल (यूनाइटेड) को वोट न दें।
उन्होंने कहा कि अगर वे फिर से लालू या नीतीश को वोट देते हैं, तो उन्हें फिर से जानवरों की तरह ट्रेनों में सफर करना पड़ेगा। बिहार के लोगों को यह तय करना होगा कि उन्हें कारखाना यहीं चाहिए या दूसरे राज्यों में। लालू और नीतीश बिहार की सारी परेशानियों की जड़ हैं। (Bihar Election 2025)

किशोर ने कहा कि बिहार में जन सुराज सरकार की स्थापना की जानी चाहिए ताकि हालात में सुधार हो और यह सुनिश्चित हो कि राज्य के लोगों को जीविका चलाने के लिए अपने गृह राज्य से बाहर न जाना पड़े। उन्होंने कहा कि अगर अगले 10-15 दिनों में हालात नहीं बदले तो दूसरे राज्यों से बिहार आए लोगों को वापस लौटना पड़ेगा। उन्हें चेन्नई, गुजरात, दिल्ली, मुंबई की फैक्ट्रियों में काम करना होगा और वहीं के हालात में रहना होगा।
अगर हालात सुधरते हैं और जन सुराज स्थापित होता है, तो उन्हें दूसरे राज्यों में नहीं जाना पड़ेगा। हम उनसे अपील करते हैं कि वे वापस न लौटें और चुनाव खत्म होने तक बिहार में ही रहें। किशोर ने आगे कहा कि इस बार बिहार में वोट केवल शिक्षा, रोजगार और बदलाव के लिए दिया जाना चाहिए। (Bihar Election 2025)
मधेपुरा सीट क्यों है यह चुनावी रणभूमि का केंद्र?
बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण के मतदान में दस दिन से भी कम समय बचा है और मधेपुरा विधानसभा क्षेत्र एक प्रमुख चुनावी मैदान के रूप में उभरा है। मधेपुरा लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र में स्थित यह सीट, जो कभी लालू प्रसाद यादव और शरद यादव जैसे दिग्गज नेताओं का राजनीतिक गढ़ रहा है, आगामी राज्य चुनावों में काफी महत्व रखती है।
मधेपुरा सीट राष्ट्रीय जनता दल का गढ़ रही है, क्योंकि पिछले तीन चुनावों से वे इस पर अपना कब्ज़ा बरकरार रखे हुए हैं। इस सीट से तीन बार विधायक रहे चंद्रशेखर बिहार की राजनीति में एक विवादास्पद व्यक्ति रहे हैं। उन्होंने 2015 से 2017 तक आपदा प्रबंधन मंत्री और 2022 से 2024 तक गन्ना उद्योग मंत्री के रूप में कार्य किया है। (Bihar Election 2025)

उन्होंने 2023 में हिंदी दिवस के एक कार्यक्रम में राम चरित मानस पर अपनी टिप्पणी से विवाद भी खड़ा कर दिया था, जिससे राज्य की राजनीति गरमा गई थी। उस समय राजद की सहयोगी रही जदयू ने इस टिप्पणी से दूरी बना ली थ। इस बीच, उनकी पार्टी ने उनके बयान का बचाव करते हुए इसे अपनी विचारधारा का प्रतिबिंब बताया था।2025 के चुनाव में चंद्रशेखर यादव एक बार फिर महागठबंधन के उम्मीदवार के तौर पर राजद के चुनाव चिन्ह पर चुनाव लड़ेंगे।
वहीं, राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) ने जदयू से कविता कुमारी साहा को मैदान में उतारा है। अत्यंत पिछड़ा वर्ग समुदाय से आने वाली और समाजशास्त्र में स्नातकोत्तर डिग्री प्राप्त साहा ने इससे पहले मधेपुरा नगरपालिका बोर्ड की अध्यक्ष के रूप में सफलतापूर्वक अपनी राजनीतिक शुरुआत की थी। जन सुराज पार्टी के शशि कुमार भी साहा और चंद्रशेखर के खिलाफ चुनाव मैदान में हैं। विधानसभा चुनाव दो चरणों में 6 और 11 नवंबर को होंगे। नतीजे 14 नवंबर को घोषित किए जाएंगे। (Bihar Election 2025)
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