Budget Session 2026: वरिष्ठ कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने आज सुबह संसद के बजट सत्र के दूसरे दिन की शुरुआत से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पारंपरिक संबोधन पर तीखा हमला किया। उन्होंने प्रधानमंत्री के राष्ट्र के नाम संदेश को ‘पाखंड से भरा’ (hypocrisy-laden) करार दिया।
Budget Session 2026: जयराम रमेश का पीएम मोदी पर तंज
रमेश ने सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट शेयर करते हुए कहा कि वह राष्ट्रीय मुद्दों पर विपक्ष को विश्वास में लेने के लिए सर्वदलीय बैठकें नहीं बुलाएंगे और न ही उनकी अध्यक्षता करेंगे। वह अचानक आखिरी समय में विधेयक पेश करवाएंगे और आवश्यक विधायी जांच के बिना उन्हें संसद से पारित करवा देंगे। वह संसद में बैठकर विपक्षी नेताओं की चिंताओं का जवाब नहीं देंगे, बल्कि दोनों सदनों में चुनावी रैलियों में भाषण देंगे।
कांग्रेस नेता ने पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि हर सत्र की शुरुआत से पहले वे संसद को पृष्ठभूमि बनाकर अपना वही पाखंडी ‘देश के नाम संदेश’ देंगे। आज का प्रदर्शन इसी सिलसिले का हिस्सा है।
जानकारी के मुताबिक, आज 2026 के बजट सत्र के दूसरे दिन केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण लोकसभा में आर्थिक सर्वेक्षण पेश करेंगी। यह सर्वेक्षण 2025-26 के लिए अर्थव्यवस्था और प्रमुख संकेतकों का आकलन प्रस्तुत करता है, साथ ही अगले वित्तीय वर्ष के लिए एक दृष्टिकोण भी प्रदान करता है। (Budget Session 2026)
पीएम ने अपने संबोधन में कहीं ये बातें…
प्रधानमंत्री मोदी ने आज अपने संबोधन में कहा कि देश “सुधार एक्सप्रेस” में सवार हो चुका है और समाधानों की दिशा में काम करते हुए लंबे समय से लंबित समस्याओं से उबर चुका है। उन्होंने कहा कि बजट सत्र से पहले अब समाधान खोजने का समय है, बाधाएँ पैदा करने का नहीं।
पीएम ने यूरोपीय संघ (EU) के साथ हाल ही में संपन्न हुए मुक्त व्यापार समझौते (FTA) की सराहना की और कहा कि इससे निर्माताओं के लिए सभी 27 यूरोपीय संघ के सदस्य देशों में गुणवत्तापूर्ण उत्पाद पेश करने के लिए नए बाजार खुल गए हैं। (Budget Session 2026)
पीएम मोदी ने संसद भवन के बाहर बोलते हुए कहा, “यह महत्वाकांक्षी भारत, आकांक्षावान युवाओं और आत्मनिर्भर भारत के लिए मुक्त व्यापार है। मुझे विश्वास है कि भारतीय निर्माता इस अवसर का उपयोग अपनी क्षमताओं को बढ़ाने के लिए करेंगे।
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषण में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा बुधवार को संसद में दिए गए संबोधन की सराहना की और इसे 140 करोड़ भारतीयों के विश्वास की अभिव्यक्ति बताया। उन्होंने कहा कि कल राष्ट्रपति का अभिभाषण 140 करोड़ भारतीयों के भरोसे की अभिव्यक्ति, उनकी क्षमता का प्रमाण और उनकी आकांक्षाओं, विशेषकर युवाओं की आकांक्षाओं का खाका था। राष्ट्रपति ने सभी सांसदों को मार्गदर्शन देने के लिए कई बातें भी कहीं। सत्र की शुरुआत और 2026 के लिए राष्ट्रपति द्वारा व्यक्त की गई अपेक्षाओं को मैंने गंभीरता से लिया है। (Budget Session 2026)
बता दें, बजट सत्र 65 दिनों में 30 बैठकों तक चलेगा और 2 अप्रैल को समाप्त होगा। इस दौरान 13 फरवरी से 9 मार्च तक अनुदान मांगों की स्थायी समितियों द्वारा जांच के लिए अवकाश रहेगा।









