CM Mamata Banerjee on SIR process: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया की फिर से आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया है कि भारतीय चुनाव आयोग (ECI) और भाजपा (BJP) के बीच सांठगांठ लोगों को उनके मतदान के अधिकार से वंचित करने का प्रयास कर रही है।
बनर्जी ने कहा कि ECI और भाजपा का यह गठजोड़ लोगों के मतदान के अधिकार छीनना चाहता है। भाजपा के चिन्ह वाला यह ECI नोटिफिकेशन सिर्फ केरल के लिए नहीं है। इसमें स्पष्ट रूप से ‘सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों’ का जिक्र है। इसका क्या मतलब है? इसे सिर्फ लिपिकीय त्रुटि बताकर जिम्मेदारी से पल्ला नहीं झाड़ा जा सकता।
CM Mamata Banerjee on SIR process: पूरक मतदाता सूची पर उठते बड़े सवाल
मुख्यमंत्री ने आगे आरोप लगाया कि ब्लॉक और जिला स्तर पर पूरक मतदाता सूचियां उपलब्ध नहीं कराई गई हैं, और दावा किया कि SIR प्रक्रिया से जुड़ी मौतों की संख्या अब 200 से अधिक हो गई है। उन्होंने कहा कि अब तो राज खुल चुका है। चुनाव आयोग की अधिसूचना में स्पष्ट रूप से भाजपा का चिन्ह है। चुनाव आयोग और भाजपा की सांठगांठ सबके सामने है, तो फिर पर्दे के पीछे की राजनीति क्यों?
सीएम ने सवाल किया कि पूरक सूची रात में क्यों प्रकाशित की गई? सूचियां अभी तक ब्लॉकों और जिलों में नहीं लगाई गई हैं। लोगों को अभी भी अपने मतदान की स्थिति का पता नहीं है। कल ही दो लोगों ने आत्महत्या कर ली। पूरक सूची से संबंधित मौतों की संख्या अब लगभग 200 से ऊपर हो चुकी है। (CM Mamata Banerjee on SIR process)

सीएम ममता ने यह भी तर्क दिया कि पूरक सूची में जितने भी नाम जोड़े गए हैं, वे सुप्रीम कोर्ट में हमारे मामले के परिणामस्वरूप ही जोड़े गए हैं। चुनाव आयोग पूरी सूची को स्पष्ट रूप से प्रकाशित करने से क्यों डर रहा है? ऐसा इसलिए है क्योंकि चुनाव आयोग पूरी तरह से ईमानदार और पारदर्शी नहीं है। वरना, इसमें इतना समय नहीं लगता, खासकर तब जब न्यायाधीशों ने अपना काम बहुत पहले ही पूरा कर लिया था।
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि चुनाव आयोग को सूची प्रकाशित करने के लिए 6-7 दिन और क्यों चाहिए थे? क्या इस समय का उपयोग किसी विशेष पार्टी के मतदाताओं को सूची में जोड़ने के लिए किया गया था? यह सब पूरी सूची प्रकाशित होने के बाद ही स्पष्ट होगा। (CM Mamata Banerjee on SIR process)
विपक्ष को एकजुट होने की अपील
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री ने आगे घोषणा की कि SIR की प्रक्रिया भाजपा और ईसीआई के बीच के गठजोड़ को स्थायी रूप से समाप्त कर देगी। उन्होंने कहा कि पूरक सूची अभी तक पूरी तरह प्रकाशित न होने के बारे में मेरे मन में भी वही सवाल हैं कि ऐसा क्यों है। मुझे जानकारी मिली है कि सूची तभी घोषित की जाएगी जब मैं सिलीगुड़ी पहुंचूंगी।
बनर्जी ने कहा कि मुझे यह राजनीतिक बदले की भावना समझ नहीं आती और न ही यह समझ आता है कि चुनाव आयोग द्वारा लोगों को क्यों धोखा दिया जा रहा है और गुमराह किया जा रहा है। किसी को भी लोगों के मतदान अधिकार छीनने का अधिकार नहीं है। यह कष्टदायक पूरक सूची भाजपा चुनाव आयोग गठजोड़ का अंत कर देगी। (CM Mamata Banerjee on SIR process)
बनर्जी ने आगे कहा कि अब मैं सभी राजनीतिक दलों से एकजुट होकर निरंकुश एकदलीय शासन और उसकी एजेंसियों के खिलाफ लड़ने और यह सुनिश्चित करने का अनुरोध करती हूं कि चुनाव स्वतंत्र और निष्पक्ष हों। मैं किसी भी दल से राजनीतिक समर्थन नहीं मांग रही हूं, यह पूरी तरह से लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए है। राजनीति में मतभेदों को भुलाने का समय आ गया है। आपको मेरा साथ देने की जरूरत नहीं है, लेकिन इस समय जनता के साथ खड़ा होना सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण है।
पीएम मोदी का पलटवार: विकास बनाम राजनीति की जंग
इसी बीच, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली पश्चिम बंगाल सरकार की जमकर आलोचना करते हुए उसे निर्मम करार दिया और उस पर विकास में बाधा डालने तथा जन कल्याण की बजाय राजनीतिक हितों को प्राथमिकता देने का आरोप लगाया। (CM Mamata Banerjee on SIR process)
दिल्ली में टीवी 9 नेटवर्क शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि एक समय पश्चिम बंगाल संस्कृति, शिक्षा, उद्योग और व्यापार का केंद्र हुआ करता था। पिछले 11 वर्षों में केंद्र सरकार ने पश्चिम बंगाल के विकास में भारी निवेश किया है, लेकिन दुर्भाग्य से वहां ऐसी निर्दयी सरकार है जो विकास की राह में बाधा डाल रही है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आयुष्मान भारत योजना, पीएम सूर्य घर बिजली योजना, पीएम आवास योजना और चाय बागान श्रमिकों के लिए शुरू की गई योजनाएं रोक दी गई हैं। इसका मतलब यह है कि निर्दयी सरकार विकास और जन कल्याण की बजाय अपने राजनीतिक हितों को अधिक प्राथमिकता दे रही है। (CM Mamata Banerjee on SIR process)
बता दें, पश्चिम बंगाल में चुनाव दो चरणों में होंगे, पहला चरण 23 अप्रैल को और दूसरा चरण 29 अप्रैल को निर्धारित है। वोटों की गिनती 4 मई को होगी।









