उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सहज और आत्मीय अंदाज की एक और दिल छू लेने वाली कहानी सोशल मीडिया पर छाई हुई है। कल्पना कीजिए, सूबे का मुखिया सामने खड़ा हो, सुरक्षा का सख्त पहरा हो और पूरा प्रशासन प्रोटोकॉल में लगा हो। ऐसे गंभीर माहौल में एक छोटा सा बच्चा मुख्यमंत्री की गोद में आता है और उनके कान में कुछ ऐसा बुदबुदाता है कि मुख्यमंत्री अपनी हंसी नहीं रोक पाते। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जब दुलारते हुए पूछा- “क्या चाहिए?“, तो बच्चे ने खिलौने या चॉकलेट नहीं, बल्कि मासूमियत से कहा- “चिप्स!“। इस छोटे से जवाब ने न केवल सीएम का दिल जीत लिया, बल्कि वहां मौजूद हर शख्स को ठहाके लगाने पर मजबूर कर दिया।
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उत्तर प्रदेश की राजनीति में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की छवि जहाँ एक ‘कठोर प्रशासक’ की है, वहीं बच्चों के बीच उनका ‘अभिभावक’ वाला रूप अक्सर चर्चा का विषय बनता है। हाल ही में एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान (जो अक्सर जनता दर्शन या किसी विकास परियोजना के लोकार्पण के समय होता है), सीएम योगी बच्चों को उपहार और फल वितरित कर रहे थे।

इसी दौरान एक महिला अपने छोटे बच्चे के साथ उनके करीब पहुंची। मुख्यमंत्री ने बच्चे को पुचकारते हुए अपनी गोद में लिया और मुस्कुराते हुए पूछा कि उन्हें क्या चाहिए। आमतौर पर बच्चे ऐसे मौकों पर झिझक जाते हैं, लेकिन उस मासूम ने बिना डरे सीएम के कान के पास जाकर अपनी डिमांड रख दी। जैसे ही बच्चे ने ‘चिप्स‘(Chips)की फरमाइश की, सीएम योगी खिलखिलाकर हंस पड़े और तुरंत अधिकारियों को बच्चे की इच्छा पूरी करने का निर्देश दिया।

यह पहली बार नहीं है जब योगी आदित्यनाथ का यह कोमल पक्ष सामने आया है। चाहे वह जनता दरबार में आए फरियादियों के बच्चों को टॉफी बांटना हो या स्कूलों में जाकर बच्चों के साथ मिड-डे मील साझा करना, ‘महाराज जी’ का यह अंदाज उन्हें आम जनमानस से गहराई से जोड़ता है। राजनीति की गहमागहमी के बीच, एक बच्चे की ‘चिप्स’ वाली मासूम मांग ने यह साबित कर दिया कि सादगी और प्रेम ही सबसे बड़े संवाद के माध्यम हैं।









