मकर संक्रांति और खिचड़ी महापर्व के पावन अवसर पर गोरखपुर प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखनाथ मंदिर में ‘जनता दर्शन’ किया। इस दौरान मुख्यमंत्री का सबसे कड़ा रुख ‘पट्टा आवंटन’ में धांधली और भ्रष्टाचार की शिकायतों पर देखने को मिला। “गोरखपुर की पावन रेती पर जहाँ मकर संक्रांति की भक्ति की धारा बह रही है, वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज भ्रष्ट अधिकारियों और भू-माफियाओं के खिलाफ ‘शंखनाद’ कर दिया है। गोरखनाथ मंदिर के महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन में आयोजित जनता दर्शन के दौरान जब एक पीड़ित महिला ने पट्टा आवंटन में पैसे मांगने की शिकायत की, तो मुख्यमंत्री के तेवर तल्ख हो गए। उन्होंने मौके पर मौजूद आलाधिकारियों को दो टूक लहजे में चेतावनी दी—’जिस भी गाँव में पट्टे के नाम पर वसूली की खबर आएगी, वहां के जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय होगी और दोषियों को सीधे जेल भेजा जाएगा।’ मुख्यमंत्री का यह कड़ा रुख स्पष्ट करता है कि यूपी में अब ‘सिफारिश और रिश्वत’ नहीं, बल्कि सिर्फ ‘पारदर्शिता और न्याय’ का राज चलेगा।”

पट्टा आवंटन में जीरो टॉलरेंस: सीएम योगी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि ग्राम समाज की भूमि के पट्टे केवल पात्र गरीबों को ही मिलने चाहिए। यदि किसी सरकारी कर्मचारी या बिचौलिए ने पट्टे के नाम पर एक रुपया भी लिया है, तो उस पर तत्काल एफआईआर (FIR) दर्ज की जाए।
अधिकारियों की जवाबदेही: मुख्यमंत्री ने कहा कि भ्रष्टाचार के मामलों में केवल निचले कर्मचारियों पर गाज नहीं गिरेगी, बल्कि संबंधित तहसील के उच्च अधिकारियों से भी स्पष्टीकरण मांगा जाएगा।

बेटी की शादी के लिए मदद: जनता दर्शन के दौरान एक महिला ने आर्थिक तंगी के कारण बेटी की शादी में असमर्थता जताई। सीएम ने तुरंत अधिकारियों को निर्देश दिया कि उसे ‘मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना’ (Samoohik Vivah Yojna) का लाभ दिलाया जाए और अतिरिक्त सहायता प्रदान की जाए।
इलाज के लिए धन की कमी नहीं: गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए आए मरीजों को आश्वासन देते हुए सीएम ने कहा कि ‘पैसे के अभाव में किसी का इलाज नहीं रुकेगा।’ उन्होंने अधिकारियों से अस्पताल का एस्टीमेट बनाकर तुरंत शासन को भेजने को कहा।

भू-माफियाओं पर बुलडोजर एक्शन: जमीन कब्जाने की शिकायतों पर उन्होंने पुलिस प्रशासन को हिदायत दी कि भू-माफियाओं के खिलाफ ऐसी कठोर कार्रवाई करें जो नजीर बने।
गरीबों के हक से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं
एक महिला द्वारा गरीबों को दिए जाने वाले जमीन पट्टों में अनियमितता की शिकायत पर मुख्यमंत्री ने कहा कि जहां भी पैसे लेकर पट्टा आवंटन किया गया हो, वहां संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय कर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

“मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का जनता दर्शन केवल फरियाद सुनने का जरिया नहीं, बल्कि प्रशासनिक तंत्र की नब्ज टटोलने का माध्यम बन चुका है। आज पट्टा आवंटन और भ्रष्टाचार पर उनका सख्त रुख यह संदेश देता है कि सरकार अपनी कल्याणकारी योजनाओं में किसी भी स्तर पर सेंधमारी बर्दाश्त नहीं करेगी। जैसे-जैसे खिचड़ी मेले की रौनक बढ़ रही है, मुख्यमंत्री का यह ‘न्याय का शासन’ आम जनता में विश्वास पैदा कर रहा है कि उनकी सुनवाई सीधे ‘महाराज जी’ की चौखट पर हो रही है।”









