CM Yogi On Manusmriti: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर अब तक का सबसे तीखा सांस्कृतिक और राजनीतिक हमला बोला है। राहुल गांधी द्वारा महाराष्ट्र में ‘मनुस्मृति’ को लेकर दिए गए विवादित बयान के जवाब में, सीएम योगी ने उनके ही संसदीय क्षेत्र रायबरेली की धरती से हुंकार भरी।
सीएम ने कांग्रेस और राहुल गांधी को घेरते हुए सीधे शब्दों में पूछा कि वे “भारत की विरासत को क्यों नष्ट करना चाहते हैं?” मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी देश की महान परंपराओं, पूर्वजों और सांस्कृतिक प्रतीकों को कोसना अपना “जन्मसिद्ध अधिकार” समझ बैठे हैं।
यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब राहुल गांधी ने पुणे में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में महिलाओं के अधिकारों और पितृसत्तात्मक सोच पर बात करते हुए मनुस्मृति की कड़ी आलोचना की थी। उन्होंने मनुस्मृति के श्लोकों का हवाला देकर इसे महिला विरोधी और उनके बंधनों का कारण बताया था। (CM Yogi On Manusmriti)
CM Yogi On Manusmriti: राहुल के बयान पर भड़के योगी, बोले- भारतीय विरासत को कोसना दुर्भाग्यपूर्ण
रायबरेली में 1857 के स्वतंत्रता संग्राम के महानायक राणा बेनी माधव बख्श सिंह की 222वीं जयंती के अवसर पर आयोजित एक भव्य समारोह में सीएम योगी ने इस बयान पर कड़ा पलटवार किया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रायबरेली को 879 करोड़ रुपये की 346 विकास परियोजनाओं की सौगात देने पहुंचे थे। इस विकास मंच का उपयोग उन्होंने कांग्रेस के वैचारिक रुख को बेनकाब करने के लिए किया। उन्होंने कहा कि जो समाज अपने पूर्वजों को भूल जाता है या उनका अपमान करता है, उसका कोई भविष्य नहीं होता।
योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में कहा, “राहुल जी, एक व्यक्ति के रूप में यह देश आपसे बहुत अधिक अपेक्षा नहीं रखता है, लेकिन भारत की संसद में विपक्ष के नेता के रूप में आप भारतीय लोकतंत्र और संविधान के प्रति जवाबदेह हैं। संविधान की शपथ लेने के बाद भी भारत की विरासत, मूल्यों और परंपराओं को कोसना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है।” (CM Yogi On Manusmriti)
योगी ने राहुल को प्राचीन ग्रंथ पढ़ने की दी नसीहत
सीएम योगी ने राहुल गांधी की ज्ञान और समझ पर सवाल उठाते हुए उन्हें भारतीय वास्तुकला, काल-गणना और प्राचीन ग्रंथों को पढ़ने की सलाह दी। उन्होंने साफ किया कि भारत में काल-गणना की व्यवस्था महाराज मनु की देन है, किसी एक राजनीतिक परिवार की नहीं।
मुख्यमंत्री ने राहुल गांधी को प्राचीन सनातन साहित्य का अध्ययन करने की चुनौती देते हुए कहा कि अगर वे वास्तव में ‘मनु’ और भारतीय इतिहास के संदर्भों को समझना चाहते हैं, तो उन्हें इन तीन महत्वपूर्ण ग्रंथों का अध्ययन करना चाहिए- अथर्ववेद, शतपथ ब्राह्मण और मत्स्य पुराण। उन्होंने तंज कसा कि इन पवित्र ग्रंथों से कांग्रेस और उनके नेताओं का दूर-दूर तक कोई वास्ता नहीं रहा है।
राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपमान का आरोप
सीएम योगी आदित्यनाथ ने राहुल गांधी के बयानों को एक सोची-समझी वैश्विक साजिश का हिस्सा बताया।उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ नेताओं ने विदेशों में जाकर भारत की छवि खराब करने और देश के खिलाफ षड्यंत्र रचने का “ठेका” ले रखा है। सीएम योगी ने विपक्ष के नेता पर चौतरफा हमला करते हुए कहा कि राहुल गांधी जब उत्तर प्रदेश से बाहर जाते हैं, तो उत्तर प्रदेश को नीचा दिखाते हैं, और जब देश से बाहर जाते हैं तो भारत माता का अपमान करते हैं। (CM Yogi On Manusmriti)
सीएम ने आगे कहा कि सीमाओं पर सुरक्षा कर रहे भारतीय सेना के शौर्य और पराक्रम पर सवाल उठाकर वे जवानों से प्रमाण मांगते हैं। सीएम योगी ने सवाल उठाया कि राहुल गांधी ‘शहरी नक्सलियों’ के माध्यम से भारत की युवा पीढ़ी के भविष्य को क्यों खतरे में डालना चाहते हैं। इसके अलावा उन्होंने याद दिलाया कि कांग्रेस पार्टी ने कभी अयोध्या में प्रभु श्री राम के अस्तित्व पर ही सवाल खड़े कर दिए थे। लोकतंत्र के प्रति कांग्रेस की निष्ठा पर सवाल उठाते हुए उन्होंने 1975 के काले आपातकाल का जिक्र किया, जिसे भारतीय लोकतंत्र का गला घोंटने वाला कदम बताया।
राहुल गांधी का बयान क्या था?
इस राजनीतिक घमासान की जड़ें 22 अगस्त को पुणे के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में हैं। वहां राहुल गांधी ने पितृसत्तात्मक मानसिकता पर प्रहार करते हुए मनुस्मृति के उस हिस्से को उद्धृत किया था, जिसमें कहा गया है कि महिला बचपन में पिता के, युवावस्था में पति के और वृद्धावस्था में अपने पुत्र के अधीन रहती है, उसे कभी स्वतंत्र नहीं होना चाहिए।
राहुल गांधी ने इस व्यवस्था को महिलाओं के अस्तित्व के खिलाफ और शर्मनाक बताया था। कांग्रेस का तर्क है कि वे हिंदू धर्म के खिलाफ नहीं, बल्कि महिलाओं को जंजीरों में जकड़ने वाली रूढ़िवादी सोच और आरएसएस-भाजपा की कथित पितृसत्तात्मक मानसिकता के खिलाफ लड़ रहे हैं। (CM Yogi On Manusmriti)
मनुस्मृति विवाद पर बढ़ा वैचारिक टकराव
मनुस्मृति और भारतीय विरासत को लेकर छिड़ी यह बहस महज एक सामान्य राजनीतिक बयानबाजी नहीं है।यह भारत की सांस्कृतिक पहचान, इतिहास की व्याख्या और आधुनिक संवैधानिक मूल्यों के बीच के द्वंद्व को दर्शाती है। जहां एक तरफ भाजपा और सीएम योगी आदित्यनाथ इसे भारत के गौरवशाली अतीत, पूर्वजों और सांस्कृतिक धरोहरों पर हमला मानकर आक्रामक रुख अपनाए हुए हैं।
वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस इसे सामाजिक न्याय और महिला अधिकारों की प्रगतिशील लड़ाई के रूप में पेश कर रही है। चुनावी राज्य महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश की राजनीतिक जमीन पर इस वैचारिक टकराव का असर आने वाले समय में और गहरा होने की उम्मीद है।









