तेज बारिश के बाद Noida Airpot के टर्मिनल मार्ग पर जलभराव, यात्रियों की सुविधा के लिए एयरपोर्ट टीमों ने संभाला मोर्चा प्रयागराज से गूंजा ‘रंग दे बसंती’, कविता के जरिए Gen Z ने उठाई भय और माफिया संस्कृति के खिलाफ आवाज ‘झारखंड जाइए अखिलेश जी, वहां भी छात्र हैं’, अखिलेश-राहुल पर ओपी राजभर का तंज, बोले- ‘BJP होती तो रील बनवाते नजर आते’ यश ढुल और सिद्धार्थ जून ने मचाई तबाही, 12.2 ओवर में टाइगर्स का खेल खत्म; सेंट्रल दिल्ली किंग्स की 9 विकेट से धमाकेदार जीत Delhi Traffic Police Advisory: 15 अगस्त से पहले दिल्ली में ट्रैफिक अलर्ट, कई प्रमुख सड़कें रहेंगी बंद; जानें डायवर्जन और वैकल्पिक रूट JSSC JE पेपर लीक केस में SIT का बड़ा एक्शन, परीक्षा एजेंसी का डायरेक्टर अरुण कुमार मुंबई से गिरफ्तार
तेज बारिश के बाद Noida Airpot के टर्मिनल मार्ग पर जलभराव, यात्रियों की सुविधा के लिए एयरपोर्ट टीमों ने संभाला मोर्चा प्रयागराज से गूंजा ‘रंग दे बसंती’, कविता के जरिए Gen Z ने उठाई भय और माफिया संस्कृति के खिलाफ आवाज ‘झारखंड जाइए अखिलेश जी, वहां भी छात्र हैं’, अखिलेश-राहुल पर ओपी राजभर का तंज, बोले- ‘BJP होती तो रील बनवाते नजर आते’ यश ढुल और सिद्धार्थ जून ने मचाई तबाही, 12.2 ओवर में टाइगर्स का खेल खत्म; सेंट्रल दिल्ली किंग्स की 9 विकेट से धमाकेदार जीत Delhi Traffic Police Advisory: 15 अगस्त से पहले दिल्ली में ट्रैफिक अलर्ट, कई प्रमुख सड़कें रहेंगी बंद; जानें डायवर्जन और वैकल्पिक रूट JSSC JE पेपर लीक केस में SIT का बड़ा एक्शन, परीक्षा एजेंसी का डायरेक्टर अरुण कुमार मुंबई से गिरफ्तार

Cyclone Montha: आंध्र प्रदेश के मंत्री नारा लोकेश ने गृह मंत्री अमित शाह से की मुलाकात, चक्रवात ‘मोन्था’ से हुई तबाही पर रिपोर्ट सौंपी

Cyclone Montha

Cyclone Montha: आंध्र प्रदेश के मंत्री नारा लोकेश और गृह मंत्री वंगलपुडी अनीता ने मंगलवार को नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। उन्होंने हाल ही में आए चक्रवात ‘मोन्था’ से हुई तबाही पर एक विस्तृत रिपोर्ट सौंपी।

रिपोर्ट के अनुसार, चक्रवात से अनुमानित ₹6,352 करोड़ का नुकसान हुआ है। इस चक्रवात ने राज्य भर के 3,109 गाँवों को प्रभावित किया है। मंत्रियों ने अक्टूबर के अंत में तटीय आंध्र प्रदेश के बड़े हिस्से में आए चक्रवात के बाद राहत और पुनर्वास प्रयासों के लिए तत्काल केंद्रीय सहायता का आग्रह किया।

Cyclone Montha: राज्य के राहत प्रयासों की जानकारी

लोकेश ने शाह को राज्य के राहत प्रयासों की जानकारी दी, जिसमें 1.92 लाख लोगों को 2,471 राहत शिविरों में पहुँचाना और आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराना शामिल है। राज्य सरकार ने बुनियादी ढाँचे को बहाल करने और व्यवधानों को दूर करने के लिए तत्काल कदम उठाए।

उन्होंने कहा कि भोजन, पेयजल, दूध और अन्य आवश्यक वस्तुओं सहित आवश्यक आपूर्ति प्रदान की गई और प्रत्येक प्रभावित परिवार को 3,000 रुपये की तत्काल सहायता राशि प्रदान की गई। पुनर्निर्माण कार्य शुरू करने के लिए 60 करोड़ रुपये का आपातकालीन राहत कोष भी जारी किया गया। (Cyclone Montha)

कौन से सेक्टर सबसे ज्यादा प्रभावित?

विस्तृत क्षेत्रवार आकलन के अनुसार, सबसे अधिक नुकसान सड़कों और बुनियादी ढांचे (4,324 करोड़ रुपये) में हुआ, इसके बाद स्थायी संरचनाओं (1,302 करोड़ रुपये) और कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों (271 करोड़ रुपये) का स्थान रहा।

बिजली क्षेत्र को 41 करोड़ रुपये, जल संसाधन और सिंचाई परियोजनाओं को 369 करोड़ रुपये, आवास को 7 करोड़ रुपये और सार्वजनिक संपत्तियों को 48 करोड़ रुपये का नुकसान होने का अनुमान लगाया गया है। कुल नुकसान में से लगभग 902 करोड़ रुपये राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया कोष (NDRF) के मानदंडों के तहत तत्काल राहत और अस्थायी बहाली के लिए पात्र हैं। (Cyclone Montha)

पुनर्निर्माण में तेजी लाने का आग्रह

लोकेश ने बताया कि राज्य की प्रारंभिक प्रस्तुतियों के बाद, एक केंद्रीय अंतर-मंत्रालयी समिति (IMCT) ने 12 नवंबर को ही एक क्षेत्रीय निरीक्षण कर लिया था। आंध्र प्रदेश के प्रतिनिधिमंडल में कई सांसद शामिल थे, जिन्होंने केंद्र से चक्रवात प्रभावित जिलों में पुनर्निर्माण प्रयासों के लिए सहायता में तेज़ी लाने का आग्रह किया।

मंत्रियों ने इस बात पर जोर दिया कि जहां राज्य सरकार की त्वरित कार्रवाई से प्रभाव को नियंत्रित करने में मदद मिली, वहीं प्रभावित क्षेत्रों में व्यापक सुधार और पुनर्वास के लिए केंद्र से निरंतर सहायता आवश्यक है। (Cyclone Montha)

चक्रवात ‘मोन्था’  एक भीषण चक्रवाती तूफान 

चक्रवात ‘मोन्था’  एक भीषण चक्रवाती तूफान था जिसने हाल ही में, अक्टूबर 2025 के अंत में, भारत के पूर्वी तट, विशेषकर आंध्र प्रदेश और ओडिशा को प्रभावित किया था। यह तूफान अब कमजोर हो चुका है, लेकिन इसके कारण हुए नुकसान का आकलन और राहत कार्य अभी भी जारी हैं। 

यह 28-29 अक्टूबर 2025 की रात को आंध्र प्रदेश में काकीनाडा और मछलीपट्टनम के बीच तट से टकराया था, उस समय हवा की गति 100 किमी/घंटा से अधिक थी। इस तूफान के कारण आंध्र प्रदेश, ओडिशा, तेलंगाना और झारखंड सहित कई राज्यों में भारी बारिश, तेज हवाएं चलीं और बड़े पैमाने पर जान-माल का नुकसान हुआ।

तूफान कमजोर होकर झारखंड और आसपास के इलाकों में निम्न दबाव के क्षेत्र में बदल गया था, जिससे अब ठंड बढ़ रही है और मौसम सामान्य हो गया है। वर्तमान में, आंध्र प्रदेश के मंत्री केंद्र सरकार से राहत और पुनर्वास प्रयासों के लिए तत्काल सहायता का अनुरोध कर रहे हैं। (Cyclone Montha)


Comments are closed.

और पढ़ें