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Sanchar Sathi App: ‘पार्टी नागरिकों पर गिद्ध जैसी नज़र रख रही…’, अखिलेश यादव ने संचार साथी ऐप को लेकर भाजपा पर साधा निशाना

Sanchar Sathi App

Sanchar Sathi App: समाजवादी पार्टी के सांसद अखिलेश यादव ने मंगलवार को मोबाइल हेडसेट पर संचार साधी ऐप को सक्रिय करने के निर्देश को लेकर भाजपा पर तीखा राजनीतिक हमला किया। उन्होंने दावा किया कि सत्तारूढ़ पार्टी अब नागरिकों के निजी स्थानों पर भी निगरानी बढ़ा रही है।

एक्स पर साझा की गई एक पोस्ट में अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा शासन में न केवल अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर अंकुश लगाया गया है, बल्कि लोगों के घरों और परिवारों के अंदर बातचीत की गोपनीयता भी खतरे में है।

Sanchar Sathi App: अखिलेश यादव ने भाजपा लगाया जासूसी का आरोप

यादव की एक्स पोस्ट में लिखा है, “जिनका इतिहास ही जासूसी का रहा हो, वे जासूसी कैसे छोड़ सकते हैं? भाजपा सरकार में अभिव्यक्ति की आज़ादी तो पहले ही छीनी जा रही थी, अब घर-परिवार, रिश्तेदारी, दोस्ती-यारी और कारोबार में होने वाली निजी बातचीत भी भाजपाइयों और उनके साथियों की गिद्ध-सी नज़र में रहेगी। अब जब जनता ने तय कर लिया है कि उसे भाजपा सरकार नहीं चाहिए, तो बस नहीं चाहिए। भाजपा जाए तो निजता बच सकती है।”

Akhilesh Yadav

इससे पहले आज, केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने स्पष्ट किया कि मोबाइल उपकरणों पर ‘संचार साथी’ ऐप को सक्रिय करना पूरी तरह से स्वैच्छिक है। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि उपयोगकर्ता किसी भी अन्य ऐप की तरह, किसी भी समय इस ऐप का उपयोग या इसे हटा सकते हैं। सिंधिया ने स्पष्ट किया कि संचार साथी एप्लीकेशन उपभोक्ताओं के लिए पूरी तरह से स्वैच्छिक है। उन्होंने दोहराया कि इसकी न तो स्थापना अनिवार्य है और न ही इसे सक्रिय करना। (Sanchar Sathi App)

संसद के बाहर मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि उपयोगकर्ताओं को पूर्ण स्वायत्तता प्राप्त है; जो लोग ऐप का उपयोग नहीं करना चाहते हैं, वे पंजीकरण न कराने के लिए स्वतंत्र हैं, तथा वे किसी भी समय इसे हटा भी सकते हैं। मंत्री ने कहा, “यदि आप इसे सक्रिय करना चाहते हैं, तो ऐसा करें। यदि आप इसे सक्रिय नहीं करना चाहते, तो न करें। यदि आप चाहें तो इसे हटा दें। यह पूरी तरह से आपकी पसंद है।”

सिंधिया ने इस बात पर जोर दिया कि गलत सूचना के कारण ऐप के उपभोक्ता संरक्षण लाभ पर असर नहीं पड़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस प्लेटफॉर्म ने 2024 में 22,800 करोड़ रुपये की वित्तीय धोखाधड़ी को रोकने में योगदान दिया है। (Sanchar Sathi App)

इस बीच, दूरसंचार विभाग ने उपभोक्ताओं में जागरूकता बढ़ाने और नकली या छेड़छाड़ किए गए। IMEI के प्रचलन को रोकने के लिए निर्माताओं और आयातकों को भारत में बेचे जाने वाले उपकरणों पर संचार साथी ऐप पहले से इंस्टॉल करने के निर्देश जारी किए हैं।

दूरसंचार साइबर सुरक्षा ढांचे के अंतर्गत विकसित, संचार साथी एंड्रॉइड और आईओएस दोनों प्लेटफार्मों पर उपयोगकर्ताओं का समर्थन करता है, जिससे डिवाइस की प्रामाणिकता का सत्यापन और संदिग्ध धोखाधड़ी की रिपोर्टिंग संभव हो पाती है, जिससे भारत का व्यापक दूरसंचार-साइबर सुरक्षा पारिस्थितिकी तंत्र मजबूत होता है। (Sanchar Sathi App)


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