टेक की दुनिया के दो सबसे बड़े दिग्गजों—गूगल और एप्पल—के बीच हुई ऐतिहासिक साझेदारी ने एलन मस्क को नाराज कर दिया है। मस्क ने इस ‘दोस्ती’ को प्रतिस्पर्धा के लिए खतरा बताते हुए सोशल मीडिया पर तीखा हमला बोला है।

एप्पल ने हाल ही में अपने ‘एप्पल इंटेलिजेंस’ और सिरी (Siri) को अगली पीढ़ी के एआई फीचर्स से लैस करने के लिए गूगल के Gemini AI के साथ एक मल्टी-ईयर डील की घोषणा की है। यह साझेदारी इसलिए खास है क्योंकि एप्पल (Apple) और गूगल (Google) स्मार्टफोन बाजार में कट्टर प्रतिद्वंद्वी रहे हैं। मस्क, जो खुद अपनी एआई कंपनी xAI और चैटबॉट Grok के जरिए इस रेस में हैं, इस गठबंधन को एक खतरनाक एकाधिकार (Monopoly) के रूप में देख रहे हैं।

“जब दो दुश्मन दोस्त बन जाएं, तो समझो तीसरे की शामत आने वाली है!”
एलन मस्क (Elon Musk) ने एप्पल और गूगल के नए ‘एआई गठबंधन’ (AI Partnership) पर हमला बोलते हुए इसे “अकल्पनीय शक्ति का केंद्रीकरण” करार दिया है। मस्क का मानना है कि अगर गूगल का एआई एप्पल के आईफोन्स पर राज करने लगा, तो दुनिया में निष्पक्ष तकनीक का नामोनिशान मिट जाएगा। क्या यह मस्क की जायज चिंता है या अपने प्रतिद्वंद्वी Grok को पिछड़ता देख एक अरबपति की झल्लाहट? सिलीकान वैली में छिड़ी यह ‘एआई जंग’ अब निजी हमलों और अदालती चेतावनियों तक पहुँच चुकी है।
मस्क की तीखी प्रतिक्रिया
गूगल (Google) द्वारा X पर अपनी इस साझेदारी की घोषणा वाले पोस्ट पर मस्क ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। मस्क ने जोर देकर कहा कि गूगल के पास पहले से ही कई प्लेटफॉर्म हैं। एप्पल का एआई भी सौंपना गलत होगा, क्योंकि इससे गूगल का एकाधिकार बढ़ जाएगा। बता दें कि एलन मस्क की कंपनी xAI भी एआई के क्षेत्र में काम कर रहा है। कंपनी ने एजेंटिक एआई Grok कुछ साल पहले लॉन्च किया है।

यही नहीं, एलन मस्क की कंपनी xAI और आईफोन बनाने वाली कंपनी Apple के बीच पहले से ही विवाद चल रहा है। मस्क की कंपनी ने एप्पल और OpenAI पर मकुदमा ठोक दिया है, जिसमें एप्पल ऐप स्टोर की पॉलिसी को ग्रोक के लिए हानिकारक बताया गया है। वहीं, एलन मस्क के एजेंटिक एआई पर भी ग्लोबली विवाद चल रहा है। ग्रोक को इंडोनेशिया और मलेशिया में बैन कर दिया गया है।
विवादों में Grok
ग्रोक द्वारा आपत्तिजनक और अश्लील कंटेंट जेनरेशन को लेकर इंडोनेशिया और मलेशिया के अलावा भारत और यूरोपीय यूनियन ने भी आपत्ति जताई है। भारत सरकार की आईटी मिनिस्ट्री ने ग्रोक पर कार्रवाई की है, जिसके बाद मस्क के प्लेटफॉर्म ने ग्रोक से उन कंटेंट्स को हटा लिया है।

टेक जगत में चर्चा है कि मस्क की यह नाराजगी जल्द ही एक नए ‘X Phone’ या मस्क के अपने स्मार्टफोन के लॉन्च की वजह बन सकती है। मस्क पहले भी संकेत दे चुके हैं कि अगर एप्पल और गूगल का एकाधिकार बढ़ा, तो वे अपना खुद का मोबाइल प्लेटफॉर्म लाएंगे। फिलहाल, इस डील ने गूगल को एआई की रेस में सबसे आगे खड़ा कर दिया है, जबकि मस्क इस गठबंधन को रोकने के लिए कानूनी विकल्पों की तलाश कर रहे हैं।









