India-USA Trade Deal: आज का दिन भारतीय कूटनीति और अर्थव्यवस्था के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाएगा। वैश्विक दबाव और कड़े प्रतिबंधों की धमकियों के बीच, भारत ने अपनी ‘राष्ट्र प्रथम’ की नीति से दुनिया को झुका दिया है। अमेरिका ने भारत पर रूसी तेल खरीदने के कारण लगाए गए 25% के दंडात्मक टैरिफ को पूरी तरह से हटाने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है। यह न केवल भारत की आर्थिक जीत है, बल्कि यह प्रधानमंत्री मोदी की उस निडर विदेश नीति की भी जीत है, जो किसी भी दबाव में झुकना नहीं जानती।
India-USA Trade Deal: अमेरिका का ऐतिहासिक यू-टर्न
दुनिया हैरान थी कि क्या भारत पश्चिमी देशों की नाराजगी मोल लेकर रूस से ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित कर पाएगा? आज अमेरिका के इस फैसले ने स्पष्ट कर दिया है कि आधुनिक विश्व व्यवस्था में भारत को नजरअंदाज करना नामुमकिन है। दोनों देशों के बीच व्यापार समझौते की ‘अंतरिम रूपरेखा’ जारी कर दी गई है, जो आने वाले दशकों के लिए भारत-अमेरिका संबंधों की नई दिशा तय करेगी। (India-USA Trade Deal)
‘मेक इन इंडिया’ को मिले पंख
वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने इस समझौते को भारतीय व्यापारियों के लिए ‘संजीवनी’ करार दिया है। टैरिफ हटने और इस नए समझौते से भारतीय निर्यातकों के लिए $30 ट्रिलियन (30 लाख करोड़ डॉलर) के वैश्विक बाजार के दरवाजे खुल गए हैं। इससे न केवल देश में विदेशी मुद्रा का भंडार बढ़ेगा, बल्कि ‘मेक इन इंडिया’ उत्पादों को वैश्विक पहचान मिलेगी और लाखों नए रोजगार पैदा होंगे। (India-USA Trade Deal)
बहरहाल, यह समझौता भारत की आर्थिक आज़ादी की दिशा में एक बड़ा कदम है। भारत ने दुनिया को दिखा दिया है कि वह अपने राष्ट्रीय हितों के लिए समझौता नहीं करेगा, बल्कि अपनी शर्तों पर दुनिया के साथ व्यापार करेगा।









