तेज बारिश के बाद Noida Airpot के टर्मिनल मार्ग पर जलभराव, यात्रियों की सुविधा के लिए एयरपोर्ट टीमों ने संभाला मोर्चा प्रयागराज से गूंजा ‘रंग दे बसंती’, कविता के जरिए Gen Z ने उठाई भय और माफिया संस्कृति के खिलाफ आवाज ‘झारखंड जाइए अखिलेश जी, वहां भी छात्र हैं’, अखिलेश-राहुल पर ओपी राजभर का तंज, बोले- ‘BJP होती तो रील बनवाते नजर आते’ यश ढुल और सिद्धार्थ जून ने मचाई तबाही, 12.2 ओवर में टाइगर्स का खेल खत्म; सेंट्रल दिल्ली किंग्स की 9 विकेट से धमाकेदार जीत Delhi Traffic Police Advisory: 15 अगस्त से पहले दिल्ली में ट्रैफिक अलर्ट, कई प्रमुख सड़कें रहेंगी बंद; जानें डायवर्जन और वैकल्पिक रूट JSSC JE पेपर लीक केस में SIT का बड़ा एक्शन, परीक्षा एजेंसी का डायरेक्टर अरुण कुमार मुंबई से गिरफ्तार
तेज बारिश के बाद Noida Airpot के टर्मिनल मार्ग पर जलभराव, यात्रियों की सुविधा के लिए एयरपोर्ट टीमों ने संभाला मोर्चा प्रयागराज से गूंजा ‘रंग दे बसंती’, कविता के जरिए Gen Z ने उठाई भय और माफिया संस्कृति के खिलाफ आवाज ‘झारखंड जाइए अखिलेश जी, वहां भी छात्र हैं’, अखिलेश-राहुल पर ओपी राजभर का तंज, बोले- ‘BJP होती तो रील बनवाते नजर आते’ यश ढुल और सिद्धार्थ जून ने मचाई तबाही, 12.2 ओवर में टाइगर्स का खेल खत्म; सेंट्रल दिल्ली किंग्स की 9 विकेट से धमाकेदार जीत Delhi Traffic Police Advisory: 15 अगस्त से पहले दिल्ली में ट्रैफिक अलर्ट, कई प्रमुख सड़कें रहेंगी बंद; जानें डायवर्जन और वैकल्पिक रूट JSSC JE पेपर लीक केस में SIT का बड़ा एक्शन, परीक्षा एजेंसी का डायरेक्टर अरुण कुमार मुंबई से गिरफ्तार

कुनो में दौड़ी खुशियों की लहर, बोत्सवाना से आए 9 मेहमान; अब भारत में चीतों की कुल संख्या हुई 48 

Kuno National Park

Kuno National Park: भारत की प्रोजेक्ट चीता (Project Cheetah) योजना के लिए एक ऐतिहासिक दिन है। शनिवार को बोत्सवाना से 9 चीतों (6 मादा, 3 नर) की नई खेप मध्य प्रदेश के कुनो राष्ट्रीय उद्यान पहुंचाई गई। इन नए मेहमानों के आने के बाद भारत में चीतों की कुल संख्या अब 48 हो गई है। वर्तमान में 45 चीते कुनो नेशनल पार्क में हैं, जबकि 3 चीतों को गांधी सागर अभयारण्य में रखा गया है।

Kuno National Park: C-17 ग्लोबमास्टर विमान से हुई भव्य एंट्री

केंद्रीय वन मंत्री भूपेंद्र यादव ने इन चीतों को विशेष ‘क्वारंटाइन बोमा’ (बाड़ों) में रिलीज किया, जहाँ वे कम से कम एक महीने तक निगरानी में रहेंगे। इन चीतों को भारतीय वायुसेना के C-17 ग्लोबमास्टर विमान से ग्वालियर लाया गया और फिर हेलीकॉप्टर के जरिए कुनो पहुँचाया गया। यह नामीबिया (2022) और दक्षिण अफ्रीका (2023) के बाद अफ्रीका से चीतों की तीसरी बड़ी खेप है। सरकार का लक्ष्य 2032 तक 60-70 चीतों की आत्मनिर्भर आबादी स्थापित करना है।

भूपेंद्र यादव ने पीएम मोदी का जताया आभार

केंद्रीय वन मंत्री भूपेंद्र यादव ने कहा कि पर्यावरण एवं वन विभाग की ओर से मैं प्रधानमंत्री मोदी का आभार व्यक्त करता हूं कि उनके मार्गदर्शन और दूरदृष्टि के कारण यह चीता परियोजना संभव हो पाई है। शुरुआत में, प्रधानमंत्री मोदी ने नामीबिया से आठ चीतों का पहला जत्था कुनो राष्ट्रीय उद्यान में छोड़ा। (Kuno National Park)

इसके बाद दक्षिण अफ्रीका से चीतों का दूसरा जत्था लाया गया और आज बोत्सवाना से नौ चीतों का तीसरा जत्था लाया गया है। इस अवसर पर, मैं बोत्सवाना सरकार और उन सभी अधिकारियों का धन्यवाद करता हूं जिन्होंने इस चीता संरक्षण कार्यक्रम में हमारा सहयोग किया।

भूपेंद्र यादव ने यह भी बताया कि इससे पहले कुल 20 चीतों को यहाँ स्थानांतरित किया गया था, जिनमें से आठ नामीबिया से और 12 दक्षिण अफ्रीका से थे। जिसके बाद भारत में चीतों की संख्या बढ़कर 39 हो गई है, जिनमें 28 भारत में जन्मे शावक शामिल हैं। ये चीते कुनो और गांधी सागर अभयारण्य में जीवित हैं। (Kuno National Park)

 नामीबिया और दक्षिण अफ्रीका के बाद बोत्सवाना से तीसरी बड़ी खेप

इसके अलावा, X पर एक पोस्ट में केंद्रीय मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि हाल ही में आए चीतों में छह मादा और तीन नर शामिल हैं। इस बढ़ोतरी पर खुशी जताते हुए उन्होंने कहा कि इनके आने से भारत की बढ़ती चीता आबादी को और मजबूती मिलेगी। (Kuno National Park)

यादव ने X पर एक पोस्ट में कहा, ‘कुनो में खुशियों की लहर दौड़ गई है! 17 सितंबर, 2022 को नामीबिया से आठ चीतों को भारत में पुनः लाया गया था, और फरवरी 2023 में दक्षिण अफ्रीका से 12 चीतों को लाया गया था। अब मुझे यह घोषणा करते हुए बेहद खुशी हो रही है कि बोत्सवाना से नौ चीते 6 मादा और 3 नर मध्य प्रदेश के कुनो राष्ट्रीय उद्यान में आ गए हैं। भारत में 39 चीतों की अच्छी-खासी आबादी है, जिनमें 28 भारत में जन्मे शावक भी शामिल हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पर्यावरण के प्रति जागरूक नेतृत्व में शुरू की गई महत्वाकांक्षी परियोजना ‘प्रोजेक्ट चीता’ एक बड़ी सफलता रही है। मैं बोत्सवाना से आए अपने नए दोस्तों का स्वागत करता हूं और कामना करता हूं कि वे भारत के वन्य जीवन में खूब फलें-फूलें और अपनी संख्या बढ़ाएं।’ (Kuno National Park)


Comments are closed.

और पढ़ें