Lucknow: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के प्रतिष्ठित इस्लामी शिक्षण संस्थान दारुल उलूम नदवतुल उलमा (नदवा कॉलेज) के प्रिंसिपल समेत चार लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। टूरिस्ट वीजा पर भारत आए फिलीपींस के नागरिक नादवा दारुल उलूम के चोरी-छिपे ठहरने और तबलीगी जमात से जुड़ी गतिविधियों की सूचना समय पर नहीं देने के आरोप में एक्शन लिया गया है।
Lucknow: FIR में शामिल प्रमुख चेहरे
जानकारी के मुताबिक, रविवार को नदवा दारुल उलूम के प्रधानाध्यापक मौलाना अब्दुल अजीज नदवी, उप-पंजीयक हारून राशिद, एक वार्डन और एक सुरक्षा गार्ड के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय (FRRO) से मिले इनपुट पर लखनऊ पुलिस ने जांच की तो पता चला कि यह विदेशी तीन दिन तक कॉलेज के हॉस्टल में बिना किसी कानूनी औपचारिकता के रूका था।
पुलिस के अनुसार, एक फिलीपीन नागरिक नादवा दारुल उलूम छात्रावास में रुका था, लेकिन उसके ठहरने के बारे में कोई जानकारी स्थानीय पुलिस के साथ साझा नहीं की गई। नादवा प्रशासन को पहले ही सूचित कर दिया गया था कि संस्था में आने या ठहरने वाले किसी भी व्यक्ति का विवरण पुलिस को देना अनिवार्य है। (Lucknow)
इन स्पष्ट निर्देशों के बावजूद, कॉलेज छात्रावास में ठहरे विदेशी नागरिक के बारे में पुलिस को कोई जानकारी नहीं दी गई। मामले को गंभीरता से लेते हुए, पुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
करीब सात दिन चली जांच के बाद जब तथ्यों की पुष्टि हुई, तो फॉरेनर्स एक्ट और विदेशी पंजीकरण कानूनों के उल्लंघन के तहत संबंधित अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई। हसनगंज थाना के SHO अमरनाथ वर्मा ने बताया, एक विदेशी नागरिक के गैर कानूनी तौर पर ठहरने के संबंध में एफआईआर दर्ज की गई है। मामले की जांच अभी जारी है। कानूनी कार्रवाई हो सकती है। (Lucknow)









