राजधानी लखनऊ में बसपा प्रमुख मायावती के जन्मदिन के मौके पर बड़ा हादसा टल गया। मायावती की प्रेस कॉन्फ्रेंस (पीसी) के दौरान ही अचानक शॉर्ट सर्किट हो गया। बिजली को बोर्ड से चिंगारी के साथ ही धुआं निकलने लगा। घटना उस वक्त हुई जब मायावती की प्रेसवार्ता समाप्त होने ही वाली थी। देखते ही देखते पूरे हॉल में धुआं भर गया। इससे वहां मौजूद पत्रकारों और नेताओं में हड़कंप मच गया।
लखनऊ के बसपा राज्य मुख्यालय में आज का दिन बेहद गहमागहमी भरा था। मायावती अपने 70वें जन्मदिन पर मीडिया के सामने 2027 के चुनावों के लिए ‘अकेले लड़ने’ का बड़ा ऐलान कर रही थीं, लेकिन तभी एक तकनीकी हादसे ने सबको चौंका दिया। प्रेस कॉन्फ्रेंस हॉल की फॉल्स सीलिंग में लगी लाइटों में अचानक शॉर्ट सर्किट हुआ और देखते ही देखते कमरे में धुआं फैलने लगा। धुएं और बिजली की चिंगारियों के बीच सुरक्षाकर्मी तुरंत हरकत में आए और सुरक्षा घेरा बनाकर मायावती को सुरक्षित हॉल से बाहर निकाला। जन्मदिन के जश्न और सियासी हुंकार के बीच हुए इस हादसे ने कुछ देर के लिए मुख्यालय में अफरा-तफरी का माहौल पैदा कर दिया।

तत्परता से टला बड़ा हादसा
प्रेस कॉन्फ्रेंस हॉल में जैसे ही शॉर्ट सर्किट हुआ, बिजली के बोर्ड से चिंगारियां निकलने लगीं और धुएं का गुबार छा गया। हालांकि, मायावती की सुरक्षा में तैनात सुरक्षाकर्मियों ने गजब की फुर्ती दिखाई। खतरे को भांपते हुए सुरक्षा घेरे ने तत्काल पूर्व मुख्यमंत्री मायावती को लेकर सुरक्षित तरीके से हॉल से बाहर निकाला और उनके आवास की ओर ले गए।
अग्नि सुरक्षा उपकरणों का हुआ उपयोग
शॉर्ट सर्किट की सूचना मिलते ही मौके पर मौजूद सुरक्षा टीम और बिजली कर्मचारियों ने मोर्चा संभाला। सुरक्षाकर्मियों ने बिना समय गंवाए वहां रखे अग्नि सुरक्षा उपकरणों (Fire Extinguishers) का इस्तेमाल किया। इससे आग फैलने से पहले ही काबू पा लिया गया। गनीमत रही कि इस घटना में किसी को चोट नहीं आई, लेकिन कुछ देर के लिए वहां अफरातफरी का माहौल बना रहा।

सुरक्षा पर उठे सवाल?
बसपा प्रमुख की सुरक्षा को देखते हुए इस तरह की तकनीकी खामी पर सवाल उठने लगे हैं। जन्मदिन के बड़े आयोजन और मीडिया के भारी जमावड़े के बीच हुए इस शॉर्ट सर्किट ने सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर सतर्कता बढ़ा दी है। फिलहाल स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और तकनीकी टीम सर्किट की जांच कर रही है।
‘सपा के शासन में गुंडागर्दी चरम पर रहती थी‘
मायावती ने कहा कि BSP की सरकार में कभी मंदिर, मस्जिद या चर्च नहीं तोड़ा गया। सपा सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि सपा के शासन में गुंडागर्दी चरम पर रहती थी, उनके ऊपर स्टेट गेस्ट हाउस में हमला हुआ और दलितों पर अत्याचार हुए। वहीं, उन्होंने बीजेपी सरकार पर आरोप लगाया कि आम जनता खासकर दलित बहुत परेशान हैं, कानून-व्यवस्था बिगड़ी हुई है और जनता BSP सरकार चाहती है। मायावती ने EVM में धांधली का आरोप लगाते हुए मांग की कि बैलेट पेपर से चुनाव हों। उन्होंने देश में चल रहे SIR के काम में भी गड़बड़ियों की शिकायतों का जिक्र किया।

गनीमत रही कि शॉर्ट सर्किट समय रहते पकड़ में आ गया और सुरक्षाकर्मियों की तत्परता से बड़ा हादसा टल गया। इस घटना के बाद भी बसपा समर्थकों में उत्साह कम नहीं हुआ है और वे लखनऊ सहित पूरे प्रदेश में ‘जन कल्याणकारी दिवस’ मना रहे हैं। हालांकि, सुरक्षा में हुई इस चूक को लेकर अब पार्टी के भीतर और प्रशासन स्तर पर जांच की बात कही जा रही है।









