JPSC-JSSC परीक्षा धांधली के खिलाफ ABVP का देशव्यापी प्रदर्शन, CBI जांच और परीक्षा रद्द करने की मांग ‘मैं दलित हूं…’, हल्द्वानी में खड़गे के मंच के ‘शुद्धीकरण’ पर राज्यसभा में संग्राम; नड्डा ने जांच का दिया भरोसा 80th Independence Day: लाल किले पर 80वें स्वतंत्रता दिवस की भव्य फुल ड्रेस रिहर्सल, तीनों सेनाओं ने किया शक्ति प्रदर्शन CBSE 12वीं सप्लीमेंट्री रिजल्ट 2026 जारी, 53.08% कंपार्टमेंट छात्रों ने मारी बाजी; DigiLocker पर चेक करें स्कोरकार्ड AI2379 में 300 फीट नीचे गिरा विमान, 17 घायल; एक मिनट में तीन हाइड्रोलिक अलर्ट के बाद ऑटोपायलट डिस्कनेक्ट तेज बारिश के बाद Noida Airpot के टर्मिनल मार्ग पर जलभराव, यात्रियों की सुविधा के लिए एयरपोर्ट टीमों ने संभाला मोर्चा
JPSC-JSSC परीक्षा धांधली के खिलाफ ABVP का देशव्यापी प्रदर्शन, CBI जांच और परीक्षा रद्द करने की मांग ‘मैं दलित हूं…’, हल्द्वानी में खड़गे के मंच के ‘शुद्धीकरण’ पर राज्यसभा में संग्राम; नड्डा ने जांच का दिया भरोसा 80th Independence Day: लाल किले पर 80वें स्वतंत्रता दिवस की भव्य फुल ड्रेस रिहर्सल, तीनों सेनाओं ने किया शक्ति प्रदर्शन CBSE 12वीं सप्लीमेंट्री रिजल्ट 2026 जारी, 53.08% कंपार्टमेंट छात्रों ने मारी बाजी; DigiLocker पर चेक करें स्कोरकार्ड AI2379 में 300 फीट नीचे गिरा विमान, 17 घायल; एक मिनट में तीन हाइड्रोलिक अलर्ट के बाद ऑटोपायलट डिस्कनेक्ट तेज बारिश के बाद Noida Airpot के टर्मिनल मार्ग पर जलभराव, यात्रियों की सुविधा के लिए एयरपोर्ट टीमों ने संभाला मोर्चा

Nitish Kumar Resigns: बिहार में ‘नीतीश युग’ का अंत? MLC पद से इस्तीफा और राज्यसभा का सफर; क्या अब सम्राट चौधरी या निशांत कुमार संभालेंगे सत्ता की कमान?

Nitish Kumar Resigns

पटना: Nitish Kumar Resigns: बिहार की राजनीति में आज एक बड़े ‘पावर शिफ्ट’ की आधिकारिक शुरुआत हो गई है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार विधान परिषद (MLC) की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। 2006 से लगातार परिषद के सदस्य रहे नीतीश कुमार अब 10 अप्रैल 2026 को राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ लेंगे। संवैधानिक नियमों के अनुसार, एक व्यक्ति दो सदनों का सदस्य नहीं रह सकता, इसलिए 30 मार्च की समयसीमा के भीतर उन्होंने यह कदम उठाया। इसके साथ ही नीतीश कुमार भारत के उन विरले नेताओं में शुमार हो गए हैं जिन्होंने संसद और विधानमंडल के चारों सदनों (लोकसभा, राज्यसभा, विधानसभा और विधान परिषद) की सदस्यता का गौरव प्राप्त किया है। हालांकि, चर्चा यह है कि यह सिर्फ एक पद का त्याग नहीं, बल्कि नीतीश कुमार का ‘एग्जिट प्लान’ है, जिसके तहत वे जल्द ही मुख्यमंत्री पद से भी इस्तीफा देकर दिल्ली की राजनीति में सक्रिय हो सकते हैं।

निशांत कुमार बनाम सम्राट चौधरी

नीतीश कुमार के पीछे हटते ही बिहार के अगले मुख्यमंत्री को लेकर कयासों का बाजार गर्म है। जेडीयू के भीतर से एक धड़ा नीतीश के बेटे निशांत कुमार को आगे करने की मांग कर रहा है। जेडीयू नेता श्याम रजक जैसे दिग्गजों का तर्क है कि शिक्षित इंजीनियर निशांत ही नीतीश की विरासत के असली हकदार हैं। दूसरी ओर, बीजेपी अब ‘जूनियर पार्टनर’ की भूमिका निभाने के मूड में नहीं दिख रही है। बीजेपी की ओर से डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी का नाम सबसे आगे है, जो राज्य की दूसरी सबसे बड़ी पिछड़ी आबादी ‘कुशवाहा’ समाज का प्रतिनिधित्व करते हैं। इसके अलावा केंद्रीय मंत्री नित्यानंद राय का नाम भी चर्चा में है, जिन्हें बीजेपी यादव वोट बैंक में सेंध लगाने के लिए ‘ट्रम्प कार्ड’ के रूप में देख रही है। 2005 के बाद यह पहला मौका है जब बीजेपी बिहार में अपना मुख्यमंत्री बनाने की दहलीज पर खड़ी है। Nitish Kumar Resigns

प्रशांत किशोर का हमला

इस पूरे घटनाक्रम पर ‘जन सुराज’ के सूत्रधार प्रशांत किशोर (PK) ने तीखा हमला बोला है। उन्होंने इसे बिहार की जनता के साथ ‘बड़ा विश्वासघात’ करार देते हुए सवाल किया कि “जिस मुख्यमंत्री की खुद की कुर्सी जा रही है, वह युवाओं को 1 करोड़ नौकरियां कैसे देगा?” प्रशांत किशोर ने गंभीर आरोप लगाया कि नीतीश कुमार की सेहत की जानकारी छिपाकर जेडीयू-बीजेपी ने वोट बटोरे और अब उन्हें चुपचाप दिल्ली भेजकर बिहार का फैसला ‘पटना’ के बजाय ‘दिल्ली’ (मोदी-शाह) के हाथों में सौंपने की साजिश रची जा रही है। उन्होंने इसे बिहार के स्वाभिमान से जोड़ते हुए आगामी चुनावों के लिए एक बड़ा मुद्दा बना दिया है। Nitish Kumar Resigns

2027 की नई सियासी बिसात

नीतीश कुमार का राज्यसभा जाना बिहार के लिए एक ‘ट्रांजिशन फेज’ (संक्रमण काल) की शुरुआत है। जहाँ एक ओर उन्होंने शराबबंदी और महिला आरक्षण जैसे फैसलों से ‘सुशासन’ की लकीर खींची, वहीं बार-बार पाला बदलने से उनकी साख पर भी असर पड़ा। अब 2027 का विधानसभा चुनाव ‘नीतीश बनाम विपक्ष’ के बजाय ‘बीजेपी बनाम आरजेडी’ की सीधी लड़ाई बनने जा रहा है। जेडीयू निशांत कुमार के नाम पर एकजुट रहती है या बिखरती है, यह आने वाले कुछ दिन तय करेंगे। लेकिन एक बात साफ है—बिहार की राजनीति का केंद्र अब पूरी तरह बदल चुका है और जनता यह देख रही है कि क्या नया नेतृत्व नीतीश जैसा अनुभव और सबको साथ लेकर चलने का संतुलन दिखा पाएगा। Nitish Kumar Resigns

Comments are closed.

और पढ़ें