Parliament Budget Session: भारतीय राजनीति के अखाड़े में आज से फिर शह और मात का खेल शुरू होने जा रहा है। संसद के बजट सत्र का दूसरा चरण आज से शुरू हो रहा है, लेकिन गलियारों में चर्चा बजट के आंकड़ों की कम और ‘सियासी वार-पलटवार’ की ज्यादा है।
Parliament Budget Session: स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव
इस बार की कार्यवाही केवल विधायी कार्यों तक सीमित नहीं रहने वाली। विपक्ष ने इस बार सीधे ‘अंपायर’ पर ही सवाल उठा दिए हैं। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ विपक्ष द्वारा लाए जाने वाले अविश्वास प्रस्ताव ने आग में घी डालने का काम किया है।
सूत्रों की मानें तो विपक्ष ने सरकार को घेरने के लिए चक्रव्यूह तैयार कर लिया है। सदन की घंटी बजने से पहले ही रणनीतियों का दौर जारी है। जहाँ एक तरफ सरकार बजट पारित कराने और विधेयकों को कानून बनाने की जल्दी में है, वहीं दूसरी तरफ विपक्षी एकता सरकार के रथ के पहिये रोकने के लिए पूरी तरह मुस्तैद दिख रही है। (Parliament Budget Session)
संसद में शक्ति प्रदर्शन की तैयारी
यह सत्र केवल चर्चा का मंच नहीं, बल्कि 2027 के फाइनल से पहले का सेमीफाइनल है। यहाँ शब्दों की मर्यादा कम और नारों का शोर ज्यादा सुनाई दे सकता है। फिलहाल, संसद की सीढ़ियों पर चढ़ते माननीय सदस्यों के चेहरे बता रहे हैं कि आज का दिन शांतिपूर्ण तो बिल्कुल नहीं होने वाला। क्या शोर-शराबे के बीच जनहित के मुद्दे दब जाएंगे? या फिर लोकतंत्र की यह बहस किसी तार्किक निष्कर्ष पर पहुंचेगी?
सवाल यह नहीं कि आज संसद में कौन जीतेगा और कौन हारेगा… सवाल यह है कि क्या इस शोर-शराबे और हंगामे की बलि चढ़ते सत्र में ‘आम आदमी’ के मुद्दों को कोई जगह मिलेगी? लोकतंत्र के इस महासंग्राम में आज फिर जनता की आँखें उम्मीद और आशंका के बीच झूल रही हैं। अब देखना यह होगा कि हमारे माननीय प्रतिनिधि सदन को ‘समाधान का केंद्र’ बनाते हैं या इसे महज ‘सियासी अखाड़ा’ बनाकर छोड़ देते हैं। (Parliament Budget Session)









