Iran New Leader Mojtaba Khamenei: सदियों पुरानी परंपरा और आधुनिकता के द्वंद्व के बीच, ईरान के इतिहास के पन्नों ने आज एक नई करवट ली है। अयातुल्ला अली खामेनेई के निधन के बाद, ईरान की ‘असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स’ ने आधिकारिक तौर पर उनके पुत्र मोजतबा खामेनेई को देश का नया ‘सुप्रीम लीडर’ चुन लिया है। यह केवल सत्ता का हस्तांतरण नहीं है, बल्कि एक ‘नये ईरान’ के जन्म की उद्घोषणा है।
Iran New Leader Mojtaba Khamenei: मोजतबा खामेनेई का नेपथ्य से मुख्य मंच तक का सफर
मोजतबा खामेनेई अब तक राजनीति के नेपथ्य में रहकर शतरंज की चालें चलते आए थे, लेकिन आज वे सीधे मोर्चे पर हैं। जनता के एक बड़े वर्ग के बीच उन्हें एक ऐसे मसीहा के रूप में पेश किया जा रहा है, जो ईरान को आर्थिक प्रतिबंधों की बेड़ियों से आज़ाद कराएगा।
मोजतबा का नेतृत्व ईरान को दुनिया के नक्शे पर एक अलग पहचान दिलाने की ओर बढ़ रहा है। अब ईरान सिर्फ ‘धार्मिक कट्टरता’ के लिए नहीं, बल्कि ‘डिप्लोमेटिक पॉवरहाउस’ के रूप में जाना जाएगा। (Iran New Leader Mojtaba Khamenei)
मोजतबा का ‘अल्ट्रा-मॉडर्न’ विजन
ईरान की सड़कों पर आज एक अलग ही उत्साह है। समर्थक उन्हें ‘क्रांति का नया सूरज’ कह रहे हैं। मोजतबा ने सत्ता संभालते ही संकेत दे दिए हैं कि वे न तो झुकेंगे और न ही रुकेंगे। उनका नेतृत्व एक ऐसे ईरान का वादा कर रहा है जो अपनी जड़ों से जुड़ा है, लेकिन जिसकी नज़रें भविष्य के आसमान पर हैं।
मोजतबा सिर्फ विरासत को आगे नहीं बढ़ा रहे, बल्कि वह एक ऐसी नई लकीर खींच रहे हैं जिस पर चलने की हिम्मत शायद ही किसी ने की हो। यह ईरान की राजनीति का ‘अल्ट्रा-मॉडर्न’ अवतार है। (Iran New Leader Mojtaba Khamenei)
आज तेहरान की मस्जिदें और बाज़ार एक ही नाम से गूँज रहे हैं। इतिहास गवाह है कि जब-जब ईरान ने करवट ली है, दुनिया की सियासत में भूचाल आया है। मोजतबा खामेनेई का उदय मध्य-पूर्व की बिसात पर एक ऐसा ‘शह-मात’ का खेल है, जिसका असर वाशिंगटन से लेकर मॉस्को तक महसूस किया जा रहा है।









