Patna Bird Sanctuary: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को एटा के पटना पक्षी अभयारण्य (उत्तर प्रदेश) और छारी-ढांड (गुजरात) को नए रामसर स्थलों के रूप में मान्यता मिलने का स्वागत किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह उपलब्धि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
Patna Bird Sanctuary: भारत में रामसर स्थलों की कुल संख्या 98 तक पहुंची
एटा जिले में स्थित पटना पक्षी अभयारण्य अब उत्तर प्रदेश का 11वां रामसर स्थल बन गया है। यह राज्य का सबसे छोटा पक्षी अभयारण्य है, जो अपनी समृद्ध जैव विविधता के लिए जाना जाता है। इन दो नए स्थलों के जुड़ने के साथ ही भारत में रामसर स्थलों की कुल संख्या बढ़कर 98 हो गई है।
केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने बताया कि ये आर्द्रभूमियाँ सैकड़ों प्रवासी पक्षियों के साथ-साथ चिंकारा, भेड़िया और कैराकल जैसे वन्यजीवों का महत्वपूर्ण आवास हैं। यह घोषणा विश्व आर्द्रभूमि दिवस (2 फरवरी) से ठीक पहले की गई है, जो वैश्विक स्तर पर पारिस्थितिकी तंत्र के संरक्षण के प्रयासों को और मजबूती प्रदान करती है। (Patna Bird Sanctuary)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तर प्रदेश के एटा स्थित पटना बर्ड सेंचुरी और गुजरात के कच्छ स्थित छारी-ढांड को रामसर साइट के रूप में मान्यता मिलने पर प्रसन्नता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि यह मान्यता जैव विविधता के संरक्षण और महत्वपूर्ण इकोसिस्टम की रक्षा के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
प्रधानमंत्री मोदी की प्रतिक्रिया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए कहा कि एटा (उत्तर प्रदेश) में पटना बर्ड सेंचुरी और कच्छ (गुजरात) में छारी-ढांड का रामसर साइट बनना खुशी का विषय है। उन्होंने स्थानीय समुदाय और वेटलैंड संरक्षण के लिए कार्य कर रहे सभी लोगों को बधाई दी और उम्मीद जताई कि ये वेटलैंड्स प्रवासी और स्थानीय प्रजातियों के लिए सुरक्षित आवास के रूप में आगे भी फलते-फूलते रहेंगे। (Patna Bird Sanctuary)









