Rajasthan Assembly Session: राजस्थान विधानसभा, जिसे लोकतंत्र का मंदिर कहा जाता है, वहां एक ऐसा बयान गूँजा जिसने मानवता और स्त्री शक्ति का अपमान करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। बीजेपी विधायक बहादुर सिंह कोली ने बजट पर चर्चा के दौरान एक ऐसी टिप्पणी की है, जिससे न केवल सदन में हंगामा खड़ा हो गया है, बल्कि सोशल मीडिया से लेकर सड़कों तक लोग अपना गुस्सा जाहिर कर रहे हैं।
Rajasthan Assembly Session: विपक्षी खेमे में फैला भारी आक्रोश
विधायक कोली ने अपनी ही सरकार के बजट का गुणगान करने के चक्कर में महिलाओं के अस्तित्व को ही ‘अनुपयोगी’ बता डाला। उन्होंने कहा कि, ”हमने (बीजेपी ने) ‘लड़का’ पैदा किया है जो उपयोगी है… और कांग्रेस ने ‘लड़की’ पैदा की है।” इस बयान के जरिए विधायक ने यह संदेश देने की कोशिश की कि ‘लड़का’ (बीजेपी का बजट) काम का है और ‘लड़की’ (विपक्ष का बजट) किसी काम की नहीं। (Rajasthan Assembly Session)

विपक्ष ने नारी शक्ति के सम्मान में उठाई आवाज़
जैसे ही कोली के मुंह से यह ज़हरीले शब्द निकले, विपक्षी खेमे में भारी आक्रोश फैल गया। कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने इसे “बीजेपी की असली मानसिकता” करार दिया है। फिर क्या था, सदन में हंगामा शुरू हो गया, और विपक्षी विधायकों ने सदन के बीचों-बीच आकर माफी की मांग की। देखते ही देखते सदन मानो जंग का अखाडा बन गया और बाद में सदन कि कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी। फिलहाल, महिला संगठनों ने इसे ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ के नारे पर करारा तमाचा बताया है। (Rajasthan Assembly Session)
यह पहली बार नहीं है जब किसी नेता ने जुबान फिसलाई हो, लेकिन बजट जैसे महत्वपूर्ण विषय पर इस तरह की ‘घिनौनी’ तुलना करना राजनीति के गिरते स्तर का प्रमाण है। जनता पूछ रही है— क्या एक विधायक की नज़र में ‘बेटी’ होना अनुपयोगी होने का प्रतीक है?









