US-Israel Strikes on Iran: जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने गुरुवार को केंद्र सरकार की आलोचना करते हुए सरकार से पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष पर एक बयान जारी करने की मांग की। ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या को लेकर संयुक्त राज्य अमेरिका की निंदा करते हुए, फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि वाशिंगटन ने वेनेजुएला में पूर्व राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को पकड़कर ऐसा ही किया।

US-Israel Strikes on Iran: अमेरिका और इजरायल पर बरसे अब्दुल्ला
अब्दुल्ला ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष पर भारत सरकार को बयान देना चाहिए। अमेरिका ने एक स्वतंत्र राष्ट्र पर हमला किया है, जो गलत है। उन्होंने वेनेजुएला के साथ भी ऐसा ही किया था। इस संघर्ष का असर पूरी दुनिया पर पड़ेगा क्योंकि इससे एक और विश्व युद्ध छिड़ सकता है। मुसलमान इससे नाराज हैं और विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।
जानकारी के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संयुक्त अरब अमीरात, इजरायल, सऊदी अरब, जॉर्डन, बहरीन, ओमान, कुवैत और कतर के नेताओं से बात की है और पश्चिम एशिया में संवाद और कूटनीति का आह्वान भी किया है, लेकिन केंद्र ने अभी तक खामेनेई के निधन पर कोई बयान जारी नहीं किया है। (US-Israel Strikes on Iran)
जम्मू-कश्मीर में आक्रोश और विरोध की लहर
पश्चिम एशिया में संघर्ष 28 फरवरी को ईरान पर अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद शुरू हुआ, जिसमें सर्वोच्च नेता अयातुल्ला खामेनेई के साथ-साथ अन्य प्रमुख हस्तियां भी मारी गईं। खामेनेई की मौत के बाद जम्मू-कश्मीर और देश के कई अन्य राज्यों में शिया समुदाय के सदस्यों ने प्रदर्शन शुरू कर दिए हैं। आज लगातार दूसरे दिन भी श्रीनगर के घंटाघर के आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। (US-Israel Strikes on Iran)
महबूबा मुफ्ती का कड़ा रुख: ट्रम्प और नेतन्याहू के पोस्टर जलाकर जताया विरोध
वहीं, केंद्र शासित प्रदेश में पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) की प्रमुख महमूबा मुफ्ती ने भी ईरान के सर्वोच्च नेता की हत्या की निंदा न करने के लिए केंद्र सरकार की आलोचना की है। मुफ्ती ने संघर्ष के दौरान सर्वोच्च नेता की मृत्यु के विरोध में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और इजरायली प्रधानमंत्री नेतन्याहू के पोस्टर भी जलाए और खामेनेई के पोस्टर लहराए। (US-Israel Strikes on Iran)
‘ऑपरेशन रोरिंग लायन’ और बढ़ती तबाही
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इजरायल और अमेरिका ने ईरान पर ‘ऑपरेशन रोरिंग लायन’ और ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ के तहत हमले जारी रखे हैं। आज तड़के इजरायल ने तेहरान में सैन्य ठिकानों पर हमलों की एक नई लहर शुरू की है। ईरान में अब तक मरने वालों की संख्या 1,000 से अधिक हो गई है। इजरायल के भीतर भी ईरानी मिसाइल हमलों में कई नागरिक मारे गए हैं और घायल हुए हैं। (US-Israel Strikes on Iran)
फ्रांस की सक्रियता और अमेरिकी ठिकानों पर हमले
ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद देश में नेतृत्व का शून्य पैदा हो गया है। मुजतबा खामेनेई और अलीरेज़ा अराफी के नामों की चर्चा अंतरिम नेतृत्व के लिए हो रही है। यह युद्ध अब केवल दो देशों तक सीमित नहीं रहा है। फ्रांस ने यूएई में अपने राफेल लड़ाकू विमान तैनात किए हैं, और कुवैत व इराक में अमेरिकी ठिकानों पर हमले हुए हैं। (US-Israel Strikes on Iran)
यूएई में फंसे भारतीयों को निकालने के लिए मिशन ‘रेस्क्यू’
भारत ने यूएई में फंसे अपने नागरिकों को निकालने के लिए ‘रेस्क्यू मिशन’ शुरू किया है, जिसके तहत स्पाइसजेट की विशेष उड़ानें संचालित की जा रही हैं। तेल की कीमतों में भी भारी उछाल देखा गया है। अमेरिकी नौसेना ने श्रीलंका के तट के पास एक ईरानी युद्धपोत को डुबोने का दावा किया है। वहीं, इजरायल का कहना है कि उसने अब तक ईरान के लगभग 300 मिसाइल लॉन्चर नष्ट कर दिए हैं।









