Sanchar Saathi App: केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मंगलवार को कहा कि मोबाइल हैंडसेट पर ‘संचार साथी’ ऐप को सक्रिय करना अनिवार्य नहीं है और यह पूरी तरह से उपभोक्ताओं पर निर्भर है कि वे इसका उपयोग करें या किसी अन्य ऐप की तरह इसे हटा दें।
सिंधिया ने स्पष्ट किया कि संचार साथी एप्लीकेशन उपभोक्ताओं के लिए पूरी तरह से स्वैच्छिक है। साथ ही उन्होंने दोहराया कि न तो इसकी स्थापना और न ही इसे सक्रिय करना अनिवार्य है।
Sanchar Saathi App उपभोक्ताओं के लिए स्वायत्तता
संसद के बाहर मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि उपयोगकर्ताओं को पूर्ण स्वायत्तता प्राप्त है, जो लोग ऐप का उपयोग नहीं करना चाहते हैं, वे पंजीकरण न कराने के लिए स्वतंत्र हैं और वे किसी भी समय इसे हटा भी सकते हैं। मंत्री ने कहा, “यदि आप इसे सक्रिय करना चाहते हैं, तो ऐसा करें। यदि आप इसे सक्रिय नहीं करना चाहते, तो न करें। यदि आप चाहें तो इसे हटा दें। यह पूरी तरह से आपकी पसंद है।”
वित्तीय धोखाधड़ी रोकने में ऐप का योगदान
सिंधिया ने इस बात पर जोर दिया कि गलत सूचना के कारण ऐप के उपभोक्ता संरक्षण लाभ पर असर नहीं पड़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस प्लेटफॉर्म ने 2024 में 22,800 करोड़ रुपये की वित्तीय धोख को रोकने में योगदान दिया है। सिंधिया ने कहा, “विपक्ष के पास कोई मुद्दा नहीं है और वे मुद्दा ढूंढना चाहते हैं। हम विपक्ष की मदद नहीं कर सकते।” (Sanchar Saathi App)
विपक्ष द्वारा इस पहल की आलोचना करना अनुचित है। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि संचार साथी को एक सहभागी, नागरिक-केंद्रित उपकरण के रूप में डिज़ाइन किया गया है, जो व्यक्तियों को अपनी मोबाइल पहचान सुरक्षित रखने में सक्षम बनाता है।
इस ऐप और इससे जुड़े ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से, उपयोगकर्ता यह सत्यापित कर सकते हैं कि किसी डिवाइस का IMEI नंबर असली है या नहीं, दूरसंचार सेवाओं के दुरुपयोग की रिपोर्ट कर सकते हैं और अपने नाम पर पंजीकृत सक्रिय मोबाइल कनेक्शनों की जाँच कर सकते हैं।
संचार साथी के आंकड़े और उपलब्धियां
सिंधिया ने इस पहल के परिचालनात्मक प्रभाव पर जोर दिया। आज तक, संचार साथी पोर्टल को 20 करोड़ बार डाउनलोड किया जा चुका है, जबकि मोबाइल ऐप को 1.5 करोड़ से ज़्यादा बार डाउनलोड किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि संदिग्ध या धोखाधड़ी वाली गतिविधियों से जुड़े 2.25 करोड़ मोबाइल कनेक्शन निष्क्रिय कर दिए गए हैं। (Sanchar Saathi App)
इसके अलावा, इस प्रणाली ने लगभग 20 लाख चोरी हुए उपकरणों का पता लगाने में मदद की है, जिनमें से 7.5 लाख फ़ोन सफलतापूर्वक उनके असली मालिकों को वापस कर दिए गए हैं। मंत्री ने कहा, “हमारी ज़िम्मेदारी उपभोक्ताओं की मदद करना और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना है। संचार साथी क्या है? संचार साथी एक ऐप और पोर्टल है जिसके ज़रिए उपभोक्ता स्वयं अपनी सुरक्षा सुनिश्चित सकते हैं।”
ऐप में जासूसी या कॉल निगरानी का कोई प्रावधान नहीं
निगरानी के आरोपों को खारिज करते हुए सिंधिया ने स्पष्ट रूप से कहा कि ऐप में जासूसी या कॉल निगरानी का कोई प्रावधान नहीं है। दूरसंचार विभाग (Dot) ने उपभोक्ताओं में जागरूकता बढ़ाने और नकली या छेड़छाड़ किए गए IMEI के प्रचलन को रोकने के लिए निर्माताओं और आयातकों को भारत में बेचे जाने वाले उपकरणों पर संचार साथी ऐप पहले से इंस्टॉल करने के निर्देश जारी किए हैं। (Sanchar Saathi App)
दूरसंचार साइबर सुरक्षा ढांचे के अंतर्गत विकसित, संचार साथी एंड्रॉइड और आईओएस दोनों प्लेटफार्मों पर उपयोगकर्ताओं का समर्थन करता है, जिससे डिवाइस की प्रामाणिकता का सत्यापन और संदिग्ध धोखाधड़ी की रिपोर्टिंग संभव हो पाती है, जिससे भारत का व्यापक दूरसंचार-साइबर सुरक्षा पारिस्थितिकी तंत्र मजबूत होता है।









