Sheesh Mahal Controversy: दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के नवीनीकृत आधिकारिक आवास को लेकर तीखा हमला बोला है। उन्होंने इस विवादित बंगले को सफेद हाथी (white elephant) करार दिया। रेखा गुप्ता ने आरोप लगाया कि केजरीवाल ने झुग्गी-झोपड़ी में रहने वालों को बुनियादी सुविधाएं देने के बजाय अपने लिए आलीशान महल बनाने में जनता की गाढ़ी कमाई खर्च कर दी।
Sheesh Mahal Controversy: मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का तीखा आरोप
गुप्ता ने कहा कि मुख्यमंत्री का आवास, जिसे शीश महल कहा जाता है, असल में जनता के धन के दुरुपयोग का एक उदाहरण है। उन्होंने झुग्गीवासियों को न तो घर दिए और न ही बुनियादी सुविधाएं मुहैया कराईं। इसके बजाय, उन्होंने संगमरमर और महंगी सामग्रियों का इस्तेमाल करके अपने लिए एक आलीशान घर बनवाया।
मुख्यमंत्री ने बंगले को सफेद हाथी बताते हुए कहा कि यह शहर के लिए संपत्ति नहीं बल्कि बोझ बन गया है।
गुप्ता ने जोर देकर कहा कि सार्वजनिक धन का उपयोग नागरिकों के कल्याण के लिए किया जाना चाहिए, न कि व्यक्तिगत विलासिता के लिए। (Sheesh Mahal Controversy)
सीएम ने कहा कि यह एक सफेद हाथी की तरह है, इसका उद्देश्य समझना मुश्किल है। उन्होंने अपने लिए एक ऐसी संपत्ति बनाई है जो पूरे दिल्ली शहर के लिए बोझ बन गई है। किसी को भी इस तरह से सार्वजनिक धन का दुरुपयोग करने का अधिकार नहीं है, और दिल्ली के लोग इसे स्पष्ट रूप से देख सकते हैं। उन्होंने मांग की कि खर्च किया गया पैसा जनता को वापस किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम यह भी चाहते हैं कि दिल्ली के लोगों की कड़ी मेहनत और पसीने से अर्जित यह पैसा उन्हें वापस लौटाया जाए।
कोविड-19 के दौरान करोड़ों का खर्च
‘शीश महल’ विवाद इस आरोप के इर्द-गिर्द घूमता है कि कोविड-19 महामारी के दौरान केजरीवाल के आधिकारिक आवास के जीर्णोद्धार पर करोड़ों रुपये खर्च किए गए, जबकि कई विकास कार्य कथित तौर पर ठप पड़े थे। केजरीवाल, जिन्होंने सितंबर 2024 में मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था, उन्होंने बाद में 4 अक्टूबर 2024 को सिविल लाइंस स्थित फ्लैगस्टाफ रोड बंगले को खाली कर दिया। (Sheesh Mahal Controversy)









