Shiv Sena-UBT Crisis: शिवसेना (UBT) के सांसदों की अहम बैठक गुरुवार को दिल्ली में संसद भवन स्थित पार्टी कार्यालय में शुरू हुई। महाराष्ट्र की राजनीति में इसे ऑपरेशन टाइगर के नाम से जाना जा रहा है, जिसके तहत उद्धव ठाकरे गुट के कई सांसदों के टूटने की अटकलें लगाई जा रही हैं। पार्टी के वरिष्ठ नेता संजय राउत ने साफ शब्दों में कहा, “जो आएंगे वो हमारे, जो नहीं आएंगे वो बेईमान और गद्दार।”
Shiv Sena-UBT Crisis: तीन लाइन व्हिप के बाद सभी 9 सांसद बैठक में पहुंचे
पार्टी के संसद कार्यालय में आयोजित बैठक में पार्टी के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद संजय राउत और अरविंद सावंत, अनिल देसाई, संजय जाधव, ओमप्रकाश राजेनिम्बलकर, भाऊसाहेब वाकचौरे, संजय दीना पाटिल, संजय देशमुख, नागेश पाटिल अष्टिकर और राजाभाऊ वाजे सहित सभी नौ शिवसेना (यूबीटी) लोकसभा सांसद उपस्थित थे। बैठक से पहले पत्रकारों से बात करते हुए संजय राउत ने पार्टी सांसदों की उपस्थिति पर तीखा रुख अपनाते हुए कहा, “जो आएंगे वो हमारे, नहीं आएंगे वो बेईमान-गद्दार”
‘जहां ठाकरे, वहीं शिवसेना’—ऑपरेशन टाइगर पर राउत का शिंदे गुट को खुला चैलेंज
शिवसेना (UBT) ने अपने सभी सांसदों को तीन लाइन का व्हिप जारी कर उन्हें दिल्ली स्थित पार्टी के संसद कार्यालय में एक महत्वपूर्ण बैठक में उपस्थित होने का निर्देश दिया था। जब उनसे पूछा गया कि क्या उन्हें विश्वास है कि पार्टी के सभी सांसद बैठक में शामिल होंगे, तो अरविंद सावंत ने अंगूठा ऊपर करके जवाब दिया। इसी बीच, दिल्ली में पार्टी सांसद अरविंद सावंत के साथ एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए राउत ने कहा, “शिंदे की शिवसेना कब से असली शिवसेना बन गई? असली शिवसेना तो यहीं है। जहां ठाकरे वहां की शिवसेना।” (Shiv Sena-UBT Crisis)
शिवसेना (UBT) में दलबदल कराने के प्रयासों की अफवाहों पर मीडिया के सवाल का जवाब देते हुए, राउत ने चुनौती भरा रुख अपनाया और पार्टी को कमजोर करने की कोशिश करने वालों को चुनौती दी। उन्होंने कहा, “…उन्हें लगता है कि उन्होंने यह एक बार कर दिखाया है। मैं उनसे कहता, करके दिखाओ। आपको नहीं तोड़ेंगे ना तो हमारे बाप का नाम नहीं बताएंगे। हमारे बाप का नाम बालासाहेब ठाकरे है। क्या आप लोकतंत्र का मजाक उड़ा रहे हैं? क्या आपके पास इतना पैसा है? आप ईडी-सीबीआई से किसे धमका रहे हैं? हमें? हम पहले ही जेल जा चुके हैं और दोबारा जेल जाने को तैयार हैं। लेकिन मैं आपको सबक सिखाने के बाद ही जेल जाऊंगा।”
राउत का बड़ा दावा: सांसदों को तोड़ने के लिए ₹50 करोड़ तक के ऑफर दिए जा रहे
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि शिवसेना (UBT) के कुल 9 लोकसभा सांसदों में से 6 सांसद बागी हो सकते हैं। वे मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली मूल शिवसेना में शामिल होने की तैयारी कर रहे हैं। संजय राउत का आरोप है कि विपक्ष के सांसदों को तोड़ने के लिए ₹50 करोड़ तक के ऑफर दिए जा रहे हैं और कुछ सांसदों को चार्टर्ड प्लेन से दिल्ली लाया गया है। (Shiv Sena-UBT Crisis)
इसके जवाब में एकनाथ शिंदे गुट के नेताओं का कहना है कि यह ‘ऑपरेशन टाइगर’ नहीं बल्कि ‘ऑपरेशन गद्दारी’ है, और उद्धव ठाकरे के नेतृत्व से नाराज होकर सांसद खुद उनके साथ आ रहे हैं। हालांकि, शिंदे गुट के राजू वाघमारे ने इस कथित ऑपरेशन की बातों को पूरी तरह खारिज भी किया है। इस पूरे मामले के बीच, शिवसेना (UBT) के नेता अरविंद सावंत और अनिल देसाई ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से भी मुलाकात की है। उन्होंने मांग की है कि किसी भी बागी गुट को बिना पार्टी की सहमति के अलग ग्रुप के रूप में मान्यता न दी जाए।









