Supreme Court: आज पूरे देश की निगाहें तिलक मार्ग स्थित देश की सबसे बड़ी अदालत पर टिकी हैं। सुप्रीम कोर्ट के गलियारों में आज दो ऐसी फाइलों पर बहस होगी, जिनके फैसले न सिर्फ कानूनी नजीर बनेंगे, बल्कि सियासी गलियारों में भी भूचाल लाएंगे।
Supreme Court: न्याय की दहलीज पर दो बड़ी फाइलें
उत्तर प्रदेश के चर्चित उन्नाव बलात्कार कांड के मुख्य दोषी और पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर की जमानत अर्जी पर आज अहम सुनवाई है। उम्रकैद की सजा काट रहे सेंगर ने अपनी बेटी की शादी के नाम पर अंतरिम जमानत की गुहार लगाई है।
आपको बता दें कि, यह मामला ‘पीड़िता के इंसाफ’ बनाम ‘दोषी के पारिवारिक अधिकार’ की जंग बन चुका है। क्या अदालत सेंगर को बाहर आने की इजाज़त देगी या फिर पीड़िता की सुरक्षा और न्याय की शुचिता को सर्वोपरि रखेगी? (Supreme Court)
तो वहीं पश्चिम बंगाल की तृणमूल कांग्रेस (TMC) सरकार ने केंद्र के हस्तक्षेप के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में मोर्चा खोल दिया है। SIR के मुक़दमे को लेकर राज्य सरकार की याचिका पर आज सुनवाई होनी है। जहां ममता बनर्जी सरकार इसे सीधे तौर पर संघीय ढांचे पर हमला बता रही है। क्या सुप्रीम कोर्ट इस मामले में बंगाल सरकार को राहत देकर केंद्र को लक्ष्मण रेखा याद दिलाएगा? बंगाल और दिल्ली के बीच सत्ता का यह शक्ति-प्रदर्शन आज अदालत के कमरे में दिखेगा।
फिलहाल, आज का दिन इतिहास के पन्नों में इस बात के लिए दर्ज होगा कि क्या हम अपने मतभेदों से ऊपर उठकर उस ‘अंतिम व्यक्ति’ के लिए खड़े हो पाए, जिसके लिए यह पूरी व्यवस्था बनाई गई है। साख की इस लड़ाई में जीत किसी भी दल की हो, हार सिर्फ ‘इंसाफ’ की नहीं होनी चाहिए। (Supreme Court)









