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कांग्रेस ने DMK से तोड़ा 55 साल पुराना गठबंधन, विजय की TVK को दिया समर्थन; सत्ता के लिए नई दोस्ती या रणनीतिक दांव?

Tamil Nadu Political News

Tamil Nadu Political News: तमिलनाडु की राजनीति में एक बड़ा उलटफेर देखने को मिला, जब कांग्रेस (Congress) ने एमके स्टालिन के नेतृत्व वाली डीएमके (DMK) के साथ अपना दशकों पुराना गठबंधन तोड़ दिया और अभिनेता-राजनेता विजय की तमिलगा वेट्री कज़गम (TVK) को सरकार बनाने के लिए समर्थन देने की घोषणा की। कांग्रेस के इस फैसले के बाद, डीएमके नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। वरिष्ठ नेता टी.के.एस. एलंगोवन ने कहा कि इंडिया ब्लॉक (INDIA Bloc) खत्म हो गया है, हम नए सिरे से गठबंधन बनाएंगे।

जय की पार्टी TVK ने 2026 के तमिलनाडु विधानसभा चुनावों में 234 में से108 सीटों के साथ सबसे बड़े दल के रूप में उभरकर एक शानदार शुरुआत की, लेकिन बहुमत (118 सीटों) से 10 सीट कम रह गई। कांग्रेस (जिसने 5 सीटें जीतीं) ने TVK को समर्थन दिया है और इस नए गठबंधन को भविष्य के स्थानीय निकाय, लोकसभा और राज्यसभा चुनावों तक जारी रखने की बात कही है। (Tamil Nadu Political News)

Tamil Nadu Political News: DMK ने कांग्रेस पर ‘पीठ में छुरा घोंपने’ का आरोप क्यों लगाया?

डीएमके ने कांग्रेस के इस कदम को ‘पीठ में छुरा घोंपना’ करार दिया है, खासकर यह देखते हुए कि कांग्रेस ने डीएमके के साथ गठबंधन में रहते हुए चुनाव लड़ा था। यह 55-वर्षीय राजनीतिक साझेदारी का अंत है। डीएमके के वरिष्ठ नेता टीकेएस एलंगोवन ने कांग्रेस पर अपने लंबे समय के सहयोगी को धोखा देने का आरोप लगाते हुए कहा कि इंडिया ब्लॉक खत्म हो गया है।

जब उनसे पूछा गया कि क्या वामपंथी दल और विदुथलाई चिरुथाइगल काची (VCK) डीएमके के नेतृत्व वाले गठबंधन के साथ बने रहेंगे, तो डीएमके नेता ने कहा कि वे अपना राजनीतिक मार्ग तय करने के लिए स्वतंत्र हैं। उन्होंने कहा, ‘सीपीआई, सीपीआई (एम) और वीसीके ने कहा है कि वे अपने-अपने नेतृत्व के साथ (अपने फैसलों पर) विचार करेंगे। वे जो भी फैसला लेंगे, हम उनका समर्थन करेंगे। हम उन्हें कुछ भी करने के लिए मजबूर नहीं करेंगे।’ (Tamil Nadu Political News)

क्या तमिलनाडु में शुरू हो गया है नई राजनीति का दौर?

कांग्रेस का टीवीके की ओर झुकाव हाल के वर्षों में तमिलनाडु की राजनीति में सबसे बड़ें पुनर्गठनों में से एक है और इसने राष्ट्रीय स्तर पर इंडिया ब्लॉक के भविष्य पर गंभीर संदेह पैदा कर दिया है। विधानसभा चुनावों के बाद कांग्रेस ने टीवीके का समर्थन मुख्य रूप से परिवर्तन के लिए मिले मजबूत जनादेश का सम्मान करने और धर्मनिरपेक्ष सरकार के गठन को सुनिश्चित करने के लिए किया।

विजय की पार्टी के साथ गठबंधन करके कांग्रेस का उद्देश्य राज्य में ‘सांप्रदायिक ताकतों’ को सत्ता में आने से रोकना था। इस फैसले ने कांग्रेस को 1967 के बाद पहली बार तमिलनाडु में सत्ता-साझाकरण में लौटने का एक ऐतिहासिक अवसर भी प्रदान किया, जिसमें उसने टीवीके को समर्थन देने के बदले में मंत्री पद की मांग की। (Tamil Nadu Political News)

सत्ता के लिए नई दोस्ती या रणनीतिक दांव?

इस बीच, डीएमके विधायकों की एक महत्वपूर्ण बैठक में पार्टी ने चार प्रमुख प्रस्ताव पारित किए, जिनमें कांग्रेस द्वारा टीवीके का साथ देने की निंदा की गई। साथ ही, पार्टी ने स्टालिन को राज्य की बदलती स्थिति के आधार पर तत्काल राजनीतिक और प्रशासनिक निर्णय लेने का अधिकार भी दिया। प्रस्तावों में कहा गया कि चुनावों में किसी भी पार्टी को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला और तेजी से बदलते राजनीतिक घटनाक्रमों पर प्रतिक्रिया देने के लिए स्टालिन को सर्वसम्मति से सशक्त बनाया गया।

डीएमके ने कांग्रेस पर विश्वासघात और पीठ में छुरा घोंपने का आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी ने अपना पुराना चरित्र नहीं बदला है। एक प्रस्ताव में कहा गया, ‘भाजपा ने अन्य राज्यों में जो किया, वही कांग्रेस ने तमिलनाडु में डीएमके के साथ किया।’ पार्टी ने आरोप लगाया कि विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान डीएमके गठबंधन के खिलाफ सार्वजनिक रूप से बयान देने वाले नेताओं को कांग्रेस उच्च कमान ने न तो रोका और न ही उनकी निंदा की। (Tamil Nadu Political News)

राज्यपाल ने विजय को फिर लौटाया, 118 विधायकों के समर्थन का मांगा सबूत

23 अप्रैल को हुए विधानसभा चुनावों में कांग्रेस ने पांच सीटें जीतीं, जबकि डीएमके की सहयोगी इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग, सीपीआई, सीपीआई(एम) और वीसीके ने दो-दो सीटें हासिल कीं। यदि ये पार्टियां विजय की टीवीके का समर्थन करने का फैसला करती हैं, तो पार्टी 234 सदस्यीय विधानसभा में सरकार बनाने के लिए आवश्यक 118 सीटों के बहुमत का आसानी से पार कर लेगी।

आज सुबह तमिलनाडु के राज्यपाल राजेंद्र अर्लेकर ने लगातार दूसरे दिन विजय के सरकार बनाने के निमंत्रण को अस्वीकार कर दिया। अभिनेता-राजनेता ने सरकार बनाने का दावा पेश करने के लिए लोक भवन में राज्यपाल से मुलाकात की, लेकिन खबरों के अनुसार उन्हें 118 विधायकों का समर्थन प्राप्त करने के बाद ही लौटने के लिए कहा गया। (Tamil Nadu Political News)

सूत्रों के अनुसार, राज्यपाल ने विजय को बताया कि टीवीके के पास अभी भी बहुमत साबित करने के लिए आवश्यक संख्या नहीं है और शपथ ग्रहण प्रक्रिया शुरू होने से पहले उन्हें 118 विधायकों के हस्ताक्षर लेकर आने को कहा । हालांकि, राज्यपाल अर्लेकर ने विजय को आश्वासन दिया कि वे किसी अन्य पार्टी को दावा पेश करने के लिए आमंत्रित नहीं करेंगे।

कांग्रेस के फैसले से तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा पुनर्गठन, वाम दलों पर टिकी नजर

वर्तमान विधानसभा का कार्यकाल 10 मई को समाप्त हो रहा है, इसलिए राज्यपाल अर्लेकर के पास अभी भी अंतिम निर्णय लेने का समय है। एक दिन पहले भी विजय ने 112 विधायकों के समर्थन से राज्यपाल से मुलाकात कर सरकार बनाने का दावा पेश किया था। (Tamil Nadu Political News)

सूत्रों के अनुसार, हालांकि टीवीके को बाद में कांग्रेस का समर्थन मिल गया, लेकिन विजय ने राज्यपाल को केवल मौखिक रूप से समर्थन की जानकारी दी और अतिरिक्त संख्या जुटाने के लिए अधिक समय मांगा। टीवीके ने अब राज्य में राजनीतिक अनिश्चितता को समाप्त करने और समर्थन जुटाने के प्रयास में वामपंथी दलों, वीसीके और आईयूएमएल से संपर्क साधा है। जहां वामपंथी दलों द्वारा शुक्रवार को अपना रुख स्पष्ट करने की उम्मीद है, वहीं वीसीके और आईयूएमएल ने अभी तक अंतिम निर्णय नहीं लिया है।

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