Bahraich: उत्तर प्रदेश के बहराइच में आदमखोर भेड़िये का आतंक थम गया है। हाल ही में 25 से ज़्यादा लोगों पर हमला करने वाले एक आदमखोर भेड़िये को आज सुबह कैसरगंज इलाके में फॉरेस्ट डिपार्टमेंट के शूटर्स ने मार गिराया। भेड़िये का शव मुख्यालय लाया जा रहा है। जहां पोस्टमार्टम के बाद उसे दफनाया जाएगा।
25 से अधिक हमलों के बाद भेड़िये का अंत कैसे हुआ? (Bahraich)
कैसरगंज इलाके के मझरा तौकली गांव में स्थित भिरगू पुरवा ग्राम में बुधवार की देर रात ग्रामीणों व वन विभाग की टीम द्वारा काम्बिंग के दौरान भेड़िया होने की जानकारी मिली। जिसके बाद प्रभागीय वन अधिकारी राम सिंह यादव व डी एफ ओ गाजीपुर अजीत सिंह टीम के साथ मौके पर पहुंच उसकी तलाश शुरू कर दी।
टीम की ओर से उसे घेर कर पकड़ने का प्रयास किया गया लेकिन पकड़ में न आने पर सुबह करीब चार बजे शूटर ने भेड़िए को गोली मार दी गई। जिसके चलते उसकी मौत हो गई।
ट्रैप और ड्रोन: वन विभाग की टेक्नोलॉजी का उपयोग
देवीपाटन डिवीज़न के फॉरेस्ट कंजर्वेटर, डॉ. सम्मारन ने बताया कि आज सुबह 4 बजे, हमने एक भेड़िये को मार गिराया जिसने इंसानों पर हमला किया था। कुल मिलाकर, चार भेड़िये थे, जिनमें से दो को मार गिराया गया है, एक घायल और लापता है, और एक अभी भी है।
हम इन भेड़ियों को ट्रैक करने के लिए थर्मल ड्रोन का इस्तेमाल करते हैं। हमारे पास कुल 5 टीमें हैं, जिनमें ट्रैंक्विलाइज़र और जाल वाली टीमें भी शामिल हैं। 27 सितंबर को, CM ने हालात का रिव्यू करने के लिए बहराइच का दौरा किया था।
उन्होंने हमें भेड़ियों को पकड़ने या बेअसर करने का ऑर्डर दिया था। हम हमेशा पहले जानवर को ट्रैंक्विलाइज़ करके पकड़ने की कोशिश करते हैं। अगर यह फेल हो जाता है, तो हम जानवर को मार देते हैं। (Bahraich)
भेड़ियों के हमले से छह लोगों की मौत
इस बीच, बहराइच के डिविजनल फॉरेस्ट ऑफिसर (DFO) राम सिंह यादव ने कहा कि कैसरगंज तहसील के मझरा टोकली इलाके में 9 सितंबर से भेड़ियों के हमले की घटनाएं सामने आई हैं। तब से छह लोगों की मौत हो गई है और 25-26 अन्य घायल हो गए हैं।
जंगली जानवरों द्वारा बच्चों पर किए गए हमलों के कारण बहराइच के लोग 9 सितंबर से लगातार डर और परेशानी में जी रहे हैं। यह भयानक स्थिति तब शुरू हुई जब सितंबर में एक जंगली जानवर, जिसे भेड़िया माना जा रहा था, के हमले में एक छोटी लड़की की मौत हो गई।
फॉरेस्ट डिपार्टमेंट की रणनीतियाँ
डिविजनल फॉरेस्ट ऑफिसर (DFO) राम सिंह यादव ने भरोसा दिलाया कि शिकारी को पकड़ने के लिए इलाके में ड्रोन कैमरे, ट्रैप और जाल लगाए गए हैं। उन्होंने कहा कि वन विभाग की टीमें इलाके में काम कर रही हैं। भेड़िये को पकड़ने के लिए ट्रैप कैमरे, ड्रोन कैमरे और जाल लगाए गए हैं। उन्होंने कहा कि भेड़िया लगातार अपनी जगह बदल रहा है, गन्ने और धान के खेतों का फायदा उठा रहा है, जिससे उसे पकड़ना मुश्किल हो रहा है। (Bahraich)









