Turkman Gate Stone Pelting Case: तुर्कमान गेट पथराव मामले में शुक्रवार को दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट ने गिरफ्तार किए गए 8 व्यक्तियों को 21 जनवरी, 2026 तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। नई गिरफ्तारियों के बाद आरोपियों को अदालत में पेश किया गया था। दिल्ली पुलिस ने सभी आरोपियों की न्यायिक हिरासत की मांग की थी।
Turkman Gate Stone Pelting Case: आरोपियों के खिलाफ सबूत
न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी (JMFC) सायशा चड्ढा ने आरोपियों इमरान फारुख, इमरान सुल्तान, मोहम्मद अफ्फान, अमीर हमजा, मोहम्मद को रिमांड पर लिया। उबैद उल्लाह, शाहनवाज, मो. अतहर, मो. आदिल 21 जनवरी तक न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। न्यायिक हिरासत देते हुए न्यायालय ने कहा कि गिरफ्तारी के आधार प्रस्तुत कर दिए गए हैं। प्रथम दृष्टया यह स्पष्ट है कि पत्थरबाजी के दौरान आरोपी व्यक्ति घटनास्थल पर मौजूद थे।
दिल्ली पुलिस की ओर से अतिरिक्त लोक अभियोजक (APP) अतुल श्रीवास्तव और एपीपी तुषार कडियान पेश हुए। अदालत ने आरोपी मोहम्मद अथर की न्यायिक हिरासत में दवा लेने की अर्जी मंजूर कर ली। उसने बताया कि वह टीबी और अस्थमा से पीड़ित है। (Turkman Gate Stone Pelting Case)
दिल्ली पुलिस ने आरोपी व्यक्ति के खिलाफ हत्या के प्रयास से संबंधित धारा (109 बीएनएस) जोड़ी है। आरोपियों की न्यायिक हिरासत की मांग करते हुए दिल्ली पुलिस ने बताया कि प्रत्यक्षदर्शी कांस्टेबल घनश्याम ने आरोपियों की पहचान कर ली है और वे सीसीटीवी फुटेज में भी दिखाई दे रहे हैं। यह भी बताया गया कि आरोपियों के मोबाइल फोन जब्त कर लिए गए हैं। इन फोनों में वीडियो, भड़काऊ संदेश और फोन कॉल मिले हैं।

पथराव के दौरान कई पुलिसकर्मी घायल
दिल्ली पुलिस ने बताया कि आरोपी द्वारा की गई पथराव की कार्रवाई में इलाके के एसएचओ समेत छह पुलिसकर्मी घायल हो गए। घायलों की MLC भी आवेदन के साथ दाखिल की गई। यह भी बताया गया कि पथराव से सिर और चेहरे जैसे महत्वपूर्ण अंगों पर चोटें आई हैं। (Turkman Gate Stone Pelting Case)
पुलिस ने आगे बताया कि आरोपियों ने पत्थरबाजी की थी। जांच अधिकारी ने यह भी बताया कि अदालत के समक्ष प्रस्तुत साक्ष्यों से आरोपियों की संलिप्तता सिद्ध हो चुकी है। दूसरी ओर, आरोपियों के वकील ने रिमांड आवेदन का विरोध किया। उनका तर्क था कि आरोपियों को पुलिस ने बिना किसी सबूत के गिरफ्तार किया है।
यह भी कहा गया कि आरोपियों को गिरफ्तारी की कोई पूर्व सूचना और कारण नहीं बताए गए थे। पुलिस ने इन दलीलों का खंडन किया।
सुनवाई के दौरान, अधिवक्ता मिर्जा असद बेग और नदीम खान ने एक आवेदन दायर कर आरोप लगाया कि कल न्यायिक हिरासत में भेजे गए पांच आरोपियों को जेल कर्मचारियों द्वारा पीटा और प्रताड़ित किया गया था।
अदालत ने आरोपी की न्यायिक हिरासत में पिटाई के आरोपों पर जेल अधिकारियों से मेडिकल रिपोर्ट मांगी है। (Turkman Gate Stone Pelting Case)
दिल्ली पुलिस ने गुरुवार को पांचों आरोपियों की जमानत याचिका पर जवाब दाखिल किया। आरोपियों के वकीलों ने दिल्ली पुलिस के जवाब का अध्ययन करने के लिए सुनवाई स्थगित करने का अनुरोध किया। अदालत ने जमानत आवेदनों पर सुनवाई की तारीख 13 जनवरी तय की है।









